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शादी की अँधेरी रात

प्रेषक : राहुल वर्मा

हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम राहुल वर्मा है और में अपनी पहली और रियल स्टोरी इस पर लिख रहा हूँ। में कामुकता डॉट कॉम रेग्युलर पाठक हूँ। मैंने इस पर बहुत सारी कहानियाँ पड़ी है जो कि मुझे बहुत पसंद आई।

जैसा कि मैंने आपको बताया मेरा नाम राहुल वर्मा है और मेरी उम्र 21 साल की है और में गुजरात का रहने वाला हूँ और यहीं पर MBA कर रहा हूँ। में एक बहुत अच्छी फेमिली से बिलॉंग करता हूँ और पड़ाई में बहुत अच्छा भी हूँ लेकिन इस उम्र में सबको सेक्स का चस्का तो लग ही जाता है और ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ में अब तक वर्जिन हूँ। मेरी एक गर्लफ्रेंड है और उसे में बहुत बार घुमाने ले गया हूँ लेकिन हमारी बात सिर्फ़ किस्सिंग और बूब्स प्रेसिंग तक ही रही और फिर हमारा ब्रेकअप हो गया। मेरे दो मामा है और दोनो शादीशुदा है। उसमे से छोटे मामा कुछ साल पहले ही गुजरात में शिफ्ट हो गये तो अब मेरा उनके घर पर आना जाना लगा रहता था।

उनकी वाईफ मतलब कि मेरी मामी जया जो कि दो बच्चो की माँ है। एक तीन साल की लड़की और एक 1 साल का लड़का, वो बहुत ही अच्छी है मेरी उनसे बहुत बनती है और हम काफ़ी खुली बात करते है। वो अक्सर मुझे मेरी गर्लफ्रेंड के लिए पूछती और में ना कर देता तो वो मुझे एक अच्छा लड़का समझती थी जो कि में रियल में हूँ। में उनके काम मे कभी कभी हेल्प किया करता था।

फिर एक दिन में उनके घर गया तो घर पर वो अकेली थी और अपने बेटे को जो कि एक साल का था तो उसे दूध पिला रही थी तो में उन्हे देखता ही रह गया। वो इतनी कामुक लग रही थी उस वक़्त, यारो क्या बताऊ मैंने पहली बार इतने बड़े और नंगे बूब्स देखे थे वो भी मेरी खुद की मामी के। में वहीं पर खड़ा रहा तभी मामी ने मुझे अपने बूब्स को घूरते हुए देख लिया और उन्हे कवर करते हुए मुझे अंदर बुलाया और कहा कि क्या हुआ ऐसे क्यों देख रहे थे? फिर मैंने उन्हे कहा कि कुछ नहीं और मैंने मामा के बारे पूछा तो उन्होने कहा कि वो बाहर गये है और फिर में भी चला आया वहाँ से, मुझे फिर पता नहीं क्या हो गया था में पूरी रात मामी के बूब्स को याद करते हुए सो नहीं पाया और बिस्तर मे अपना लंड सहलाते हुए ही झड़ गया।

फिर दूसरे दिन मे कॉलेज गया लेकिन तब भी मेरा मन नहीं लग रहा था और मेरा अब नज़रिया मामी के लिए बदल चुका था मुझे वो बहुत सेक्सी लगने लगी और में ज़्यादा से ज़्यादा कोशिश करने लगा कि उनकी बॉडी को छू सकूँ। फिर ऐसे ही दिन निकलते गये में उनके घर पर आता जाता रहा। फिर उन्हे किसी ना किसी बहाने से छूता रहा मुझे उनका फिगर बाद में पता चल गया 36 के बूब्स 30 की कमर और 38 की उनकी गांड है।

तो दोस्तों आप सभी यह बात समझ सकते है कि वो कितनी सेक्सी लगती है। फिर उन्हे देखकर मेरा 7 इंच का लंड कभी भी खड़ा हो जाता था। फिर एक दिन जब में उनके घर गया तो वो घर की सफाई कर रही थी तो झाड़ू लगाते हुए उनके बूब्स गाउन से बाहर निकले हुए दिखाई देने लगे तभी में जैसे पागल ही हो गया और मेरा लंड खड़ा हो गया।

फिर उन्होने ये नोटीस किया और कपड़े ठीक किए और मुझे अंदर बैठने को कहा। अब में कंट्रोल नहीं कर पा रहा था खुद को और फिर मैंने बाथरूम मे जाकर मुठ मार ली और फिर में संतुष्ट होकर बाहर आया, तब तक मामी भी सफाई कर चुकी थी और कपड़े बदल चुकी थी। मामी अब मुझसे पहले जैसे बात नहीं करती थी और उन्हे मुझ पर शक था कि में उनको जान बूझकर टच करता हूँ। तो फिर मैंने भी उनके घर पर आना जाना कम कर दिया और अपनी पड़ाई में व्यस्त हो गया और कुछ महीने बाद मेरी सिस्टर की शादी का टाईम पास आ गया। फिर हम सभी ने एक ही हॉल मे रुकने का फैसला किया वहाँ पर मेरी मामी भी आई थी लेकिन उन्होने मुझसे बात नहीं की और बाकी लेडिस के साथ जाकर बैठ गयी।

तभी मुझे बुरा लगा और में काम मे लग गया। रात को ड्रिंक्स का दौर शुरू हुआ में ड्रिंक्स नहीं करता था लेकिन आज मैंने पहली बार पी ली जिससे मुझे नशा सा हो गया और में होश मे नहीं था और मुझे मेरे अंकल ने कहा कि मामा को भी ऊपर के फ्लोर पर बुलाकर लाओ ड्रिंक्स के लिए, फिर में ऊपर गया तो देखा कि मामा मामी और उनके बच्चे एक कॉर्नर मे सोए हुए थे और बाकी हॉल मे दूसरी तरफ सब सोए हुए थे और वहां बहुत अँधेरा था और रात के 12:30 बज रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी मैंने मामा को उठाया और उन्हे नीचे का प्रोग्राम बताया मामा झट से चले गये। तभी मेरी नज़र मामी पर गयी मामी ने सलवार सूट पहना था और आराम से सो रही थी। अब मुझे होश नहीं था और में वहीं पर लेट गया और मामी को देखने लगा फिर मैंने मामी के बूब्स पर हाथ रख दिया और फिर सहलाने लगा पांच मिनट तक करता रहा मामी अब भी नींद में थी। तभी मेरी हिम्मत और बड़ी फिर में उनके बूब्स को ज़ोर जोर से दबाने लगा मामी ने कुछ रिएक्ट नहीं किया। वहाँ पर बहुत अँधेरा था फिर में उनकी सलवार को थोड़ा नीचे करने लगा। तभी वो थोड़ा हिलकर पेट के बल सो गयी। फिर मे भी हड़बड़ाता हुआ सोने का नाटक करने लगा। फिर करीब पांच मिनट के बाद मे मामी की गांड पर हाथ फैरने लगा और ऐसा करते करते मैंने उनकी सलवार नीचे कर दी। अब में पूरे जोश में था लेकिन होश में नहीं था।

तभी मेरा लंड खड़ा हो चुका था और मैंने ज़ोर से सलवार खींची तभी उनकी आधी सलवार उतर गयी और फिर मैंने उनकी गांड मे उंगली डाल दी। फिर वो झटसे उठ गयी लेकिन वो खड़ी नहीं हुई लेकिन मेरे हाथ को हटा दिया और सीधी हो गयी। अब मे हैरान हो गया कि उन्होने कुछ नहीं बोला बस सीधी होकर सो गयी। मैंने फिर दस मिनट के बाद उनकी कमीज मे हाथ डाल दिया और अंदर से बूब्स प्रेस करने लगा और फिर उन्हे मज़ा आ रहा था लेकिन वो सिर्फ़ इतना बोली कि रोज तो करते हो आज यहा हॉल मे बहुत लोग है मत करो। तभी मुझे सब समझ मे आ गया कि ये मुझे अपना पति समझ रही है और उसे पता नहीं है की में तो राहुल हूँ। तभी मैंने सोचा कि मौका अच्छा है आज चूत मार ही लेते है और फिर में कुछ भी नहीं बोला बस उसकी सलवार में हाथ डाल दिया और चूत मे उंगली करने लगा।

फिर मामी तो जैसे मछली बन गयी और छटपटाने लगी फिर में उसके बूब्स को दबाने लगा इतनी ज़ोर से कि उसकी चीख निकल गयी और कहने लगी क्या हुआ है आज लेकिन में कुछ नहीं बोला। फिर मैंने सलवार नीचे की और चूत पर मुहं रखकर सूंघने लगा अब वो मज़े से मेरा साथ देने लगी लेकिन उनको पता भी नहीं था कि उनकी चूत किसके हाथ में आ गयी है। फिर मेरा लंड तो जैसे स्टील की रोड की तरह बन चुका था। मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा था, तभी में उनके ऊपर चड़ गया और चूत पर लंड सेट करके जैसे ही अंदर डालने के लिए झटका मारा तो उन्हे मेरा फेस थोड़ा सा दिखाई दिया और वो चोंक गयी और मुझे धक्का देने लगी लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी और मैंने लंड से एक जोर का धक्का मारा और फिर मेरा लंड आधा अंदर चला गया। तभी वो चीख पड़ी और फिर रोने लगी कि राहुल ऐसा मत करो प्लीज और वो मुझे अपने नाखुनों से नोचने लगी। उन्होंने मुझे कई बार हर जगह पर काटा भी लेकिन और कई बार धक्का देकर अलग करने की कोशिश भी की लेकिन में तो ड्रिंक्स और सेक्स के नशे में पागल हो चुका था। फिर मैंने एक और धक्का मारा और पूरा 7 इंच का लंड अंदर गहराई तक घुसा दिया वो रोए जा रही थी लेकिन मैंने अपना मुहं उनके मुहं से लगाए रखा ताकि आवाज़ ना आए।

फिर मे बूब्स को दबा रहा था काट रहा था और धक्के मारता जा रहा था। फिर वो अब थोड़ी शांत हुई और सिसकियां लेने लगी। तभी वो झड़ गयी थी फिर मैंने उन्हे धक्के मारने की स्पीड बड़ा दी और में भी दस मिनट की चुदाई के बाद झड़ गया और मेरा वीर्य मैंने चूत के अंदर ही छोड़ दिया और ऐसे ही उनके ऊपर लेटा रहा। तभी मामी को थोड़ी देर बाद अहसास हुआ कि उनके साथ ये क्या हुआ है उन्होने मुझे अपने से अलग किया कपड़े ठीक किए और रोने लगी मैंने मामी को सॉरी बोला तो उन्होने कहा कि तुमने मेरे साथ ये क्यों किया?

में तो तुम्हारी मामी हूँ। तभी मैंने कहा कि मामी मुझे माफ़ करदो और किसी से कुछ मत कहना वर्ना बहुत बदनामी होगी। वो रोती रही और मुझे वहाँ से जाने को कहा। फिर मे वहाँ से चला गया और जाकर सो गया सुबह उठा तो मुझे रात का पूरा सीन याद आ रहा था। अब मुझे बुरा भी लग रहा था और चोदने का अनुभव अच्छा भी लग रहा था। फिर मे बाहर हॉल में आ गया। शादी धूम-धाम से हो गयी। तभी मैंने मामी की और देखा तो उन्होने मुहं फैर लिया और आज तक मुझसे कभी भी बात नहीं की। अब मैंने भी मामी से बात करना भी बंद कर दिया है लेकिन फिर भी मुझे हमेशा उनकी वो चुदाई वाली रात आज तक याद है ।।

धन्यवाद …