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रेणु भाभी की कामुक चूत की आग

प्रेषक : मयंक …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मयंक है और मेरी उम्र 22 साल है। में दिखने में एकदम ठीक ठाक हूँ। दोस्तों आज में आप सभी को अपनी एक चुदाई की सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ कुछ समय पहले घटित हुई। दोस्तों मैंने बी. टेक की हुई है और जब में किसी सरकारी नौकरी के लिए घर पर ही तैयारी कर रहा था। आज कल सोशल साइट्स का जमाना है और इंटरनेट चारों तरफ है तो में भी उस समय व्हाटसप पर था स्मार्टफ़ोन ने वाकई हमारी दुनिया ही बदल दी है क्यों दोस्तों में सही कह रहा हूँ ना? और अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों मेरी एक भाभी थोड़ी दूर के रिश्ते की है, लेकिन हमारे बीच घर जैसे संबंध है हम उनके यहाँ पर आते जाते रहते थे इसलिए हमारे उनके और उनके पास हमारे फोन नंबर थे। एक दिन रेणु भाभी का मैसेज आया पर बोली कि क्या तुम व्हाटसप काम में लेते हो? तो मैंने मन ही मन सोचा कि क्या बकवास सवाल पूछ रही है क्या उन्हें दिख नहीं रहा? फिर भी मैंने कहा कि हाँ लेता हूँ तो वो बोली कि फिर तो बड़ा मज़ा आएगा।

दोस्तों मुझे उनकी किसी भी बात का कुछ भी मतलब समझ में नहीं आ रहा था। में आपको बता दूँ कि मेरी भाभी दिखने में बड़ी ही सुंदर थी में हमेशा ही मन ही मन सोचता था कि मेरे भैया को इतनी सुंदर भाभी कैसे मिल गयी? और में जब भी उनसे मिलता तो मेरे दिमाग़ में हमेशा उनके लिए ग़लत बात दिमाग़ में आती थी और आती भी क्यों ना वो सुंदर और सेक्सी ही इतनी थी। दोस्तों वो जब भी मुझसे मिलती तो कभी मेरा हाथ पकड़ती तो कभी कुछ इशारे करती और हमेशा कोई ना कोई बहाना ढूंढती रहती थी, लेकिन तब तक में उनकी किसी भी बात का इतना ध्यान नहीं देता था, जब तक उनसे मेरी व्हाटसप पर बात नहीं शुरू हुई थी। अब वो मुझे कभी फोटो भेजती तो कभी कुछ वीडियो भेजती और कभी कभी प्यार भरी शायरी भेजती और अब मेरे मन में शक़ सा होने लगा कि कुछ तो गड़बड़ है? एक दिन वो मुझसे बात कर रही थी तो ऐसे ही उन्होंने मुझसे पूछ लिया कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैंने तुरंत साफ मना कर दिया और वो मुझसे कहने कि नहीं तुम मुझसे झूठ बोल रहे हो, अगर नहीं बताना तो ठीक है। अब मैंने एक बार फिर से साफ साफ मना कर दिया, तो वो मुझसे बोली कि अगर कभी बन जाए तो तुम मुझे बता देना शरमाना मत, मैंने कहा कि ठीक है। फिर एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि तुम शादी कर लो, मैंने उनसे पूछा कि आप मुझसे यह क्यों कह रही हो? तो वो बोली कि बस तुम कर लो। अब मैंने उनसे बहुत बार पूछा अच्छा ठीक है, लेकिन पहले बताओ कि में शादी करके क्या करूं? तो बोली कि अरे शादी करके अपने जीवन साथी के साथ मज़े लो, बच्चे पैदा करो और क्या? तो मैंने कहा कि अच्छा जी आप मेरे लिए इतना कुछ सोचती है और फिर मैंने कहा कि नहीं, एक बार मेरी नौकरी लग जाए और तब तक में अपने आप पर कंट्रोल कर लूँगा। भाभी मेरे मुहं से यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और मेरे ‘कंट्रोल’ वाले शब्द की हंसी उड़ाने लगी, उसके कुछ देर बाद उनका मेरे पास एक मैसेज आया जिसमे लिखा हुआ था कि तुम्हे मुझसे इस काम में कुछ मदद चाहिए तो प्लीज एक बार मुझे जरुर बता देना, मैंने सोचा कि शायद वो मेरी शादी के लिए कह रही होगी। अब मेरी उनसे धीरे धीरे बहुत सारी बातें होने लगी और हम धीरे धीरे बहुत करीब आने लगे थे। एक दिन में उनके घर पर मिलने के लिए गया। दोस्तों हम दोनों अलग अलग शहर में रहते है उनके घर पर पहुंचकर मैंने दरवाजा खटखटाया तो दरवाजा भाभी ने खोला और भाभी अचानक से मुझे देखकर बहुत खुश थी, वो बोली कि ओहो क्या बात है आज तो आप आ ही गये? तो मैंने कहा कि क्यों अब अंदर नहीं बुलाओगी? तो बोली कि हाँ हाँ क्यों नहीं? फिर मैंने अंदर जाकर देखा कि उस समय घर पर कोई भी नहीं था, मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी कोई भी नहीं है क्या? तो भाभी बोली कि नहीं, बच्चे अपनी नानी के घर गये है और तुम्हारे भैया शहर से बाहर गए हुए है और अब उनके मुहं से यह बात सुनकर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे क्योंकि इतने दिनों से व्हाटसप पर बातें करते करते में अब समझ गया था कि यह मुझसे क्या चाहती है? और यही बात सोचते सोचते मुझे हंसी सी आ गयी और मुझे हंसता हुआ देखकर भाभी ने मुझसे पूछा कि ऐसे क्यों हंस रहे हो?

मैंने कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही और फिर भाभी कहने लगी कि नहीं कुछ तो बात जरुर है जो तुम मुझसे छुपा रहे हो। फिर मैंने एक बार फिर से साफ मना कर दिया और वो फिर से कहने लगी कि देख लो आज तो बहुत अच्छा मौका है जो तुमने कभी नहीं किया वो आज कर लो। दोस्तों उनके मुहं से यह बात सुनकर मुझे तो आगे बढ़ने का कोई अच्छा मौका मिल गया था और अब तक तो में समझ भी गया था कि मुझे आगे क्या क्या करना है? तभी भाभी बोली कि चलो तुम पहले हाथ पैर धोकर कुछ खा लो तुम बहुत दूर से आए हो, शायद तुम थक गए होंगे? तो मैंने कहा कि ठीक है और में सीधा बाथरूम में चला गया और हाथ पैर धोकर कुछ देर बाद बाहर आ गया और फिर मैंने खाना खाया। उसके बाद में भाभी से बातें करने लगा, लेकिन मुझे जाने कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला, शायद थकान की वजह से में वहीं पर लेटकर बातें करते करते सो गया और जब मेरी आखें खुली तो मैंने देखा कि भाभी लाल कलर की साड़ी में क्या मस्त लग रही थी? और वो अभी नहाकर बाहर आई थी और उनका रंग क्या चमक रहा था? वो बिल्कुल दूध जैसी सफेद दिख रही थी और उनका फिगर एकदम निखरकर बाहर आ रहा था। में उन्हें एक भूखे शेर की तरह घूर घूरकर देखे जा रहा था। अब मेरी नजर सीधे उनकी छाती पर गई और मैंने उनका ब्लाउज देखा और मन ही मन सोचने लगा कि उनके बूब्स कितने बड़े है और मैंने शायद इससे पहले कभी इतने ढंग से उन्हें नहीं देखा था और शायद वो भी मुझे दिखाना ही चाह रही थी। अब मैंने उनसे कहा कि भाभी वाह आप क्या कमाल लग रही हो? वो मेरी यह बात सुनकर हंस पड़ी और फिर मेरी तरफ मुस्कुराकर बोली कि यह सब तुम्हारे लिए ही तो है और अब तुम ही बताओ में तुम्हारी क्या मदद करूं? और यह बात कहते कहते वो मेरे पास बैठ गई और उन्होंने अपने मुलायम हाथ मेरे गाल पर रख दिए और यह सब सोचकर मेरी पेंट कुछ उठने लगी। यह सब भाभी ने भी देख लिया और फिर वो मुझसे बोली कि क्यों इसे इतना सता रहे हो, इसे बाहर लाओ में मदद करती हूँ और मुझसे यह बात कहते हुए उन्होंने मेरे लंड पर अपना एक हाथ रख दिया जिसकी वजह से मेरे अंदर तो जैसे करंट सा दौड़ गया और जींस की वजह से मेरे लंड को ठीक जगह नहीं मिल रही थी, तो यह मेरी परेशानी देखते हुए भाभी ने तुरंत मेरी जींस का बटन खोल दिया और मेरी चैन को भी खोल दिया और अब तो मेरा लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा था और लड़ने के लिए बिल्कुल तैयार था। फिर भाभी ने मेरा लंड कुछ देर तक लगातार देखा और वो मन ही मन बहुत खुश हो रही थी क्योंकि उनके चेहरे पर मेरा लंड देखते ही एक अजीब सी चमक आ गई थी और वो मुझसे कहने लगी कि बहुत दमदार लगता है? दोस्तों अब तो उनके मुहं से यह शब्द सुनकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने भाभी को कसकर पकड़ लिया। फिर उन्हे किस करने लगा और करीब पांच मिनट किस करने के बाद भाभी मुझसे बोली कि क्यों तुम तो बहुत ही भूखे लगते हो?

फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ आपने इतना इंतज़ार जो करवाया है और फिर भाभी बोली कि लेकिन अब तो इंतज़ार ख़त्म हो गया है अब क्यों रुके हुए हो? फिर मैंने कहा कि हाँ और उनसे यह बोलकर मैंने भाभी को एक बार फिर से कसकर पकड़ लिया और किस करने लगा। थोड़ी देर में आपे से बाहर हो गया और उनको कभी गर्दन पर, कभी माथे पर तो कभी गालों पर किस करने लगा और भाभी धीरे धीरे मेरे लंड को सहला रही थी और अपने एक हाथ से मेरी मुठ मार रही थी और अब तक मेरा लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा हो चुका था और उनके सेक्सी बदन को देखकर हल्के हल्के झटके दे रहा था, दोस्तों क्योंकि यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था तो में थोड़ी देर के बाद ही झड़ गया और मेरा गाड़ा, गरम, चिपचिपा बहुत सारा सफेद रंग का वीर्य उनके हाथ में आ गया था। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.net पर पड़ रहे है।

फिर भाभी मुझसे मुस्कुराकर बोली कि कोई बात नहीं, यह तुम्हारा पहला सेक्स अनुभव था ना इसलिए तुम्हारे साथ ऐसा हुआ। अब में एक बार फिर से भाभी को किस करने लगा और एक हाथ से उनके ब्लाउज को खोलने लगा और दूसरे हाथ से उनकी गांड को दबा रहा था जिसकी वजह से भाभी भी अब धीरे धीरे गरम होना शुरू हो गई थी, उनके मुहं से उम्म्म्म अह्ह्हह्ह्ह् उह्ह्ह्हह्ह माँ उफ्फ्फ़ की आवाज़ आने लगी थी। अब मैंने उनका ब्लाउज उतार दिया था और ब्रा के ऊपर से उनके बूब्स को दबाने लगा था, मैंने महसूस किया कि दोस्तों वो बड़े ही मुलायम आकार में बहुत बड़े थे और अब उनकी ब्रा का नंबर था तो मैंने तुरंत उसे भी उतार दिया। दोस्तों उसके बाद मैंने जो कुछ उस समय देखा वो बिल्कुल अद्भुद था क्योंकि उनके बूब्स बहुत बड़े आकार के सुंदर, बिल्कुल सफेद, गोलमटोल थे जैसे उन्होंने वो सब कुछ मेरे लिए ही बचाकर रखे थे भाभी का जोश अब बढ़ने लगा था और में उनके बूब्स को चूसने, निचोड़ने, दबाने लगा था और भाभी ज़ोर से मेरे बालों को पकड़े हुए थी और मेरे सर को अपने बूब्स पर दबा रही थी। फिर कुछ देर दोनों बूब्स को बहुत अच्छी तरह से दबाकर, निचोड़कर, चूसकर में अब थोड़ा और नीचे आ गया और अब उनके पेट को चाटने लगा और चाटते हुये मैंने अब उनका पेटीकोट भी उतार दिया था, दोस्तों भाभी मेरे साथ सेक्स करने के लिए बहुत बेताब थी। इस बात को मुझे तब पता चला जब मैंने पेटीकोट को उतारकर देखा कि उन्होंने पेंटी भी नहीं पहनी थी और उन्होंने अपनी चूत को पहले से ही बाल साफ करके मेरे लिए चमका रखी थी और मैंने देखा कि उनकी चूत में से थोड़ा पानी बाहर आ रहा था और फिर जब मैंने भाभी की गरम, प्यासी चूत पर अपना एक हाथ रखकर धीरे से चूत को सहलाया तो भाभी एकदम से सिहर गयी आऊऊ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और फिर वो मुझसे बोली कि क्या करते हो? तो मैंने कहा कि भाभी यह तो अभी शुरुआत है आगे आगे देखो होता है क्या? तो वो हंसने लगी और मैंने अपनी दो उंगलियों को उनकी चूत में डाल दिया और अब धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा।

फिर भाभी सिसकियाँ लेकर मुझसे पूछने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो? तुम्हारे भैया तो कभी भी मेरे साथ ऐसा नहीं करते, लेकिन यह जो भी है मुझे इसमे बहुत मज़ा आ रहा है। अब मैंने उनसे कहा कि अगर भैया को यह सब पता होता तो आज आप मेरे साथ में यह सब नहीं कर रही होती और आपको मेरी बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती। दोस्तों अब भाभी की आखें मदहोशी से धीरे धीरे बंद होने लगी थी और वो पूरी मस्ती में आ गई थी। मैंने अपनी उंगली से उनकी चुदाई को लगातार जारी रखा और उनकी चूत से अब थोड़ा थोड़ा पानी बाहर आने लगा था। तभी भाभी बोली कि प्लीज अब रुक भी जाओ वरना में मर जाउंगी। दोस्तों में उनकी बातें सुनकर समझ गया था कि भाभी अभी नहीं झड़ी है इसलिए उन्हें मज़ा आ रहा है और मैंने अपना काम लगातार जारी रखा और में वैसे इन सब कामों के बारे में अक्सर AntarvasnaSEX.net पर सेक्सी कहानियों में पड़ता रहता था इसलिए मुझे इतना सब पता था, लेकिन मैंने कभी ऐसा किया नहीं था।

तभी भाभी कुछ देर बाद अंगड़ाई सी लेने लगी और बहुत ही अकड़ गई। उन्होंने अपने पैर दबा लिए, लेकिन फिर भी मैंने अपनी उंगलियां चलाना बंद नहीं किया, तभी उन्होंने एक आवाज़ निकाली और उनकी चूत से गरम चिपचिपा सा पानी सा बाहर आया जो मेरे पूरे हाथ पर फेल गया। भाभी की आखें अजीब सी हो गयी थी और वो बिल्कुल बेहोश सी लग रही थी और फिर वो कुछ देर बाद मुझसे बोली कि वाह मज़ा आ गया और अब मैंने सोचा कि भाभी को थोड़ा आराम करने दूँ। फिर करीब पांच मिनट बाद भाभी पहले जैसी हो गई थी और वो मेरे लंड से खेलने लगी और देखते ही देखते उसमे भी जान आ गई। अब मेरा लंड उनके हाथ की गरमी से खड़ा होने लगा था और फिर भाभी बोली कि अब इसकी इच्छा भी पूरी की जाए? तो मैंने तुरंत हाँ कह दिया और कहा कि हाँ में तो यहाँ पर आया ही इसी वजह से था। अब में नीचे लेट गया और भाभी मेरे ऊपर आकर मेरे लंड पर बैठने लगी, उनके एक बच्चा होने बावजूद मैंने महसूस किया कि उनकी चूत थोड़ी टाईट थी, शायद बहुत टाईम से उन्होंने सेक्स नहीं किया था और अब मुझे बड़ा ही गरम गरम लगने लगा और मुझे उनकी चूत की गरमी महसूस हो रही थी। फिर वो मुझसे बोली कि तुम्हारा लंड तुम्हारे भैया से ज्यादा बड़ा है आह्ह्ह्हह्हहह आईईईई प्लीज थोडा धीरे करो उह्ह्हह्ह्ह्ह, लेकिन में बिना कुछ सुने लगातार झटके पे झटके दिए जा रहा था और अब मेरा मुझ पर से कंट्रोल ही नहीं था और भाभी भी पागल सी होने लगी थी और वो ज़ोर से ऊपर नीचे होने लगी। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और यह चुदाई मेरी पहली चुदाई होने की वजह से में अब झड़ने वाला था, इसलिए मैंने भाभी से कहा कि में झड़ने वाला हूँ। फिर भाभी मेरे लंड के ऊपर से उठ गई और मेरे लंड को पकड़कर ऊपर नीचे करने लगी। अब में झड़ने पर था और एकदम से मैंने अपना सारा माल निकाल दिया और अब हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही एक दूसरे से चिपककर लेटे रहे और उठने के बाद मैंने देखा कि भाभी अपना ब्लाउज पहन रही थी।

फिर मैंने चुपके से तुरंत उनका ब्लाउस पकड़ लिया तो भाभी बोली कि अब तो मुझे छोड़ दो, रात हो गई है। फिर मैंने कहा कि भाभी यही तो वो रात है जिसका मुझे इंतजार था और आज यह हमारी सुहागरात बनेगी, में आज आपको पूरी रात चोदता रहूँगा और आपके मना करने पर भी में आपकी चुदाई करता रहूँगा। दोस्तों भाभी मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंस पड़ी और बोली कि अच्छा जी करो अपनी मर्जी के सभी काम, तुम्हे किसने रोका है। अब मैंने ज़्यादा देर नहीं की और में फिर से उनको पकड़कर किस करने लगा और उनको पकड़कर बेड पर लेटा दिया और उनके बदन के साथ खेलने लगा और भाभी मेरे लंड से खेलने लगी। मेरा लंड एक बार फिर से ज़ोर मारने लगा और मैंने उनको घोड़ी वाले पोज़ में करके उनकी चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदाई करने लगा, लेकिन दोस्तों इस बार तो मुझे और भी ज्यादा मज़ा आ रहा था और भाभी भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी। फिर कुछ देर की चुदाई के बाद उनकी चूत से पानी आने लगा था और चूत से फॅक फॅक की आवाज़ आने लगी। अब भाभी भी ज़ोर ज़ोर से आवाज़ निकाल रही थी और बोली कि हाँ और तेज़ करो उह्ह्हह्ह आईईई हाँ पूरा अंदर डालो। फिर मैंने भी अपनी स्पीड को दुगना कर दिया था और भाभी को ज्यादा मज़ा आने लगा और उनके साथ साथ मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था। अब में अपने एक हाथ से उनकी चूत को सहला भी रहा था और इस बार में जल्दी नहीं झड़ा और में तेज़ तेज़ झटके दिए जा रहा था। भाभी की भी आखें बंद होने लगी और तभी मेरे अंदर से करंट आया जो सीधे मेरे लंड में जाकर अटक गया और करीब 15 मिनट तक रस भरी चुदाई के बाद में झड़ने वाला था तो मैंने लंड को चूत से बाहर निकाला और बाहर निकालते ही झड़ गया, लेकिन भाभी पूरी गरम थी तो में अपनी जीभ उनकी चूत पर ले गया और चाटने लगा। भाभी और भी मस्ती में आ गयी, में और ज़ोर से चाटने लगा। दोस्तों उनकी चूत से नमकीन पानी आ रहा था और भाभी एक ज़ोर के झटके के साथ झड़ गई। अब हम दोनों बहुत थक चुके थे और ऐसे ही लेट गये। हमें पता नहीं चला कि हम कब सो गए। फिर अगले दिन एक बार और ताबड़तोड़ चुदाई के बाद में अपने घर पर आ गया और फिर हमने फोन पर अपना प्लान बनाया कि जब भी मुझे समय मिलेगा तो में उनके पास चुदाई करने आ जाऊंगा।

दोस्तों यह था मेरा पहला सेक्स अपनी भाभी की चूत के साथ, मैंने उसके बाद भाभी को बहुत बार चोदा और उन्होंने मुझे हर एक तरह से चोदने दिया क्योंकि में हर एक बार अलग तरह से चुदाई करता था और वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट थी और में भी उनकी चूत को पाकर बहुत खुश था ।।

धन्यवाद …

One comment

  1. आप अपने दोसत से पयार करती है