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पड़ोस वाली भाभी को लंड दिया

हाई गाइस, मैं विशाल पटेल फ्रॉम मुंबई बट माय आल फ्रेंड कॉल में विशु. वैसे तो मैं गुजराती हु, लेकिन रहता मुंबई में हु. पहले तो मैं आप लोगो को अपने बारे में बता दू. मेरी हाइट ५.५ फिट है और अच्छा – खासा हैण्डसम लड़का हु. मेरे टूल का साइज़ ७.२ इंच है लम्बाई में और २.५ इंच है मोटाई में. अब मैं आप को ज्यादा बोर ना करते हुए,स स्टोरी पर आता हु. ये घटना २०१५ की है जो पीछले ही वीक में हुई थी. मैं मुंबई में एक फ्लैट लेकर रहता हु. मेरे पड़ोस में एक फॅमिली रहती है. जिस में भाभी और उसका पति है. उसको पिछले ५ साल से बच्चा नहीं हुआ है. पति की एक किराने की दूकान है और बीवी उसकी घर भी रहती है. वो रोज मोर्निंग में कसरत करती है लॉबी में. टाइट कैपरी और टीशर्ट में. क्या जबरदस्त लगती है वो. उसका फिगर भी बड़ा मस्त है ३२ – ३४ – ३२. थोड़ी दी फेटी है बट उसके बॉल्स बहुत मुलायम और नाजुक है, कि उनके शेप को महसूस करते ही; उनको छुने का मन करने लगे. जब भी कसरत करती, तो उसके बॉल उछल पड़ते और मैं भी उसको देखता रहता. क्योंकि हर सुबह मैं चाय पीने के बाहर जाता था, बिकॉज़ मैं मुंबई में अकेले रहता हु.

मैं उसके पति के साथ कभी – कभी बातचीत कर लेता था. उसकी दूकान पर कुछ ना कुछ लेने जाता ही था. कभी – कभी भाभी रहती थी दूकान पर. तो मैं काफी घुलमिल गया था. उसका पति मेरे दोस्त जैसा हो गया था. उसको कुछ फाइनेंस की प्रॉब्लम थी और मुझे उसके बारे में बताता था. एक बार उसने मुझ से कुछ पैसे मांगे. मैंने उसको १ लाख रूपये दे दिए और उसने कमिटमेंट दिया, कि नेक्स्ट मंथ उसका लोन पास होते ही, वो मुझे वापस कर देगा. अभी एक महीने बीत गया और उस ने पैसा नहीं लौटाया. जब मैंने उसको बात की, तो उसने मुझ से १५ दिन का टाइम मांग लिया. अगली बार, फिर से १५ दिन.. फिर से १५.. और इसी तरह से २ महीने बीत गये. और फिर ३, ४ और फिर ६ महीने तक यहीं सिलसिला चलता रहा.

तो हुआ कुछ ऐसा, कि एक दिन मैं उसकी दूकान पर कुछ लेने गया और भाभी वहां पर बैठी हुई थी और उसके पति नहीं थे. कुछ काम से बाहर गए हुए थे. मैंने जेसे ही पैसे देकर दूकान से जाने लगा. तो भाभी ने मुझे बुलाया और रोने लगी. वो मुझ से कहने लगी, कि मेरे पति ने आपसे जो पैसे लिए है. वो कैसे वापस कर पाएंगे? उनका लोन पास ही नहीं हो रहा है. मैंने फिर भाभी को दिलासा दिया और कहा – आप निश्चिंत रहिये. मैं यहाँ पैसे मांगने नहीं आया था. आप गलत मत समझिये. फिर जाकर वो थोड़ी शांत हुई. फिर मैं वहां से चले गया. अब बाद में, मैं जब भी उनकी दूकान में कुछ लेने जाता, तो वो मुझे मिलती थी और हम बातें करते थे. कभी – कभी उसका हस्बैंड रहता था दूकान पर और कभी – कभी नहीं. ऐसे ही टाइम बीत गया और वो अब थोड़ी अपनी पर्सनल परेशानी भी मेरे साथ शेयर करने लगी थी. वो कहने लगी, कि मुझे बच्चे का सुख जिन्दगी में नहीं मिला मेरे पति से. इतना कह कर उनकी आँखों में आसू आ  गये. मैंने उनको सांत्वना दी और उसको शांत रहने को कहा. फिर मैंने उनको कहा, कि जो भाग्य में लिखा होता है. उसे तुम या मैं बदल नहीं सकते है. जो होने वाला है, वो तो होकर ही रहता है.

बाद में, वो शांत हो गयी और उसने अपना सर मेरे शोल्डर पर रख दिया. ५ मिनट तक ऐसे ही रहने के बाद, वो मेरे से बोली – तुमने एक अहसान किया है हम पर. तो मैंने कहा – कौन सा? किस अहसान की बात कर रही हो तुम? तो उसने कहा – वो पैसे वाली बात कर रही है. फिर मैंने कहा – वो तो मैंने एक दोस्त होने के नाते, एक दोस्त की हेल्प की है. अगर एक दोस्त दुसरे दोस्त के काम ना आये, तो दोस्ती का क्या फायदा. उसने वो एक पॉइंट पकड़ लिया और बोलने लगी – एक दोस्त दुसरे दोस्त की हेल्प करता है ना. अब मैं भी तुम्हारी दोस्त हु ना? मैंने सरप्राइज होते हुए हाँ में सिर हिला दिया. उसने कहा – मुझ पर भी एक अहसान कर दो. मैंने उसको देखते हुए कहा – कौन सा अहसान? तो वो बोली – मुझे एक बच्चा चाहिए, जो तुम दे सकते हो. प्लीज मना मत करना, क्योंकि मेरे से तो वो हो नहीं सकता है. वैसा डॉक्टर ने बताया है और मेरे पति को ये बात मालूम नहीं है. प्लीज तुम भी मत बताना, इस बात का मेरे पति को. वो मेरे सामने बहुत सी लज्जित सा महसूस करने लगी थी. उसकी निगाहों में एक कसक थी और तड़प थी और भूख थी. वो मुझे एक ललचाई हुई नजरो से देख रही थी. मैं उनकी हालत को समझ रहा था. लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा था.

बाद में, मैंने उसे एक साफ़ बात बता दी, कि मैं अभी वर्जिन हु और आज तक मैंने कुछ किया नहीं है. लेकिन करने की इच्छा बहुत है. पर मैं कभी किसी लड़की के साथ जबरदस्ती नहीं करना चाहता हु. मैं तभी किसी के साथ सेक्स करूँगा, जब वो लड़की पूरी तरह से मेरे साथ सेक्स करने के लिए रेडी हो. जब वो मुझे अल्लो करे, सब कुछ करने के लिए. तभी मैं किसी लड़की को टच करूँगा, क्योंकि मैं एक खानदानी परिवार से हु. बाद में उसने मेरे सामने देखा और मुझे कहा – मैं तुम्हे ये सब करने के लिए अल्लो करती हु और इसको कोई जबरदस्ती या बलात्कार नहीं, बल्कि प्रेम समझा जाएगा.

बाद में, उसने बताया, कि उसका पति ये सैटरडे को बाहर जा रहा है और वो घर पर अकेली रहेगी. तो उसने सैटरडे का प्लान फिक्स किया और अब मेरी भी इच्छा सेक्स करने की बढती जा रही थी. आखिरकार वो सैटरडे आ ही गया. उसका पति बाहर चले गया और भाभी ने मुझे कॉल कर दिया और बुला लिया. शाम का टाइम था. मैं उसके घर गया, तो मैं दंग रह गया. उसने बहुत मस्त घर सजाया हुआ था. बाद में वो किचन में चली गयी और मुझे उसने सोफे पर बैठा दिया. हमने नाश्ता किया साथ में और टीवी साथ देखा. उसने मुझ से पहले ही पूछ लिया था, कि कौन सी मूवी देखना पसंद करोगे? मैंने हँसते हुए उसको कह दिया था. आज की शाम जिस काम के नाम है. वैसी ही मूवी. वो समझ गयी, कि मुझे क्या देखना है और उसने एक ब्लू फिल्म लगा दी. मैं तो एकदम से दंग ही रह गया. उसने बताया, कि तुम सबसे भी बी ऍफ़ वो देखती है. बाद में, मेरे तो राजा फव्वारा मारने लगा था. उसकी साइज़ बड़ने लगी थी और लंड पेंट में तम्बू बनाने लगा और वो उसने देख लिया और बोली – बाप रे, इतना बड़ा.. जरा मुझे भी तो दिखाओ.

तो मैंने उसको शर्त रखी, कि पहले आप अपना एक एक चीज़ दिखाएंगी और मैं अपनी एक चीज़ दिखाऊंगा. तो वो मान गयी और मुझे अपने बेडरूम में ले गयी. बेड पर रेड रोजेज बिखरे हुए थे और पूरा कमरा उनकी खुशबु से महक रहा था. उसने साड़ी भी रेड कलर की पहनी हुई थी. तो शर्त के मुताबिक उसने मेरा शर्ट उतारा और मैंने उसकी साड़ी. बाद में उसने मेरी पेंट खोली और मैंने उसकी ब्लाउज को उतार दिया. मेरी साँसे तेज हो गयी थी. वो समझ गयी, कि मुझे एक किस किया और बोली – जानू. परेशान मत हो. पहली बार में ऐसा होता है. मैंने एक, दो, टीन करके जैसे ही उसका ब्लाउज खोला. उसके बड़े – बड़े और मुलायम नरम चुधि मेरी छाती को टच करने लगे और मैं बाहर से ही उनको चूसने लगा और एक हाथ से मसलने लगा.

बाद में, उसने मेरा अंडरवियर निकाल दिया और मैंने उसका घाघरे का नाडा खोला और वो सर्र्र्रर्र्र करके नीचे गिर गया. फिर मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी और उसको बेड पर लिटा दिया. वो मेरे लंड को सहलाने लगी और मैं उसको किस कर रहा था. मैंने फिर उसके स्तनों का मर्दन करना शुरू कर दिया. बाद में मैंने उसके पीछे से ब्रा की स्ट्रिप खोल दी और उसके बड़े – बड़े स्तन मेरे सामने आ गिरे और मैंने उसको एकदम से अपने मुह में भर लिया. क्या बताऊ, यारो.. क्या मस्त फीलिंग थी और क्या मुलायम और नाजुक स्तन थे और मैंने अपने दातो से उसके स्तनों को काट लिया. उसके मुह से एकदम से चीख निकल गयी. उसने मुझे दूसरा स्तन मसलने को बोला. थोड़ी देर ऐसे ही चलता रहा और फिर उसने कहा – जानू. अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है. तो पहले मैंने अपना बड़ा लंड उसकी योनी पर रगडा और वो बहुत ही ज्यादा एक्साइट हो गयी और उसके मुह से कामुक गरम सिस्कारिया निकलने लगी अहहाह अहहाह अहहाह अहहाह अहहाह ओसोसोसो ह्म्म्मम्म हम्म्म्म उम्म्म्म… बहुत मेरे लंड को रगड़ने ने और भी ज्यादा बैचेन हो उठी और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और मेरे शरीर में अपने नाख़ून गडा दिए. मुझे लगने लगा, कि अब और ज्यादा देर करना ठीक नहीं है और मैंने अपने लंड को रगड़ते हुए, एक जोर का धक्का मार दिया.

मेरा लंड सीधे एकदम अन्दर उसकी चूत में घुसता चला गया. उसके मुह से बहुत जोर की चीख निकल गयी और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया. उसके मुह से सिस्कारिया निकल रही थी. उसकी चीख को सुनकर मैं डर गया और रुक गया. वो मुझसे बोली – मैं कितनी भी जोर से चीखू, या तुम्हे लंड निकालने को बोलू या धक्का मारू. तुम मेरी एक भी मत सुनना और मुझे अपने लंड से पेलते रहना. अपना लंड बाहर बिलकुल भी मत निकलना. बाद में, मैंने एक और धक्का मारा और एक बार मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी चूत के अन्दर चले गया. वो मेरी पीठ को दोनों हाथो को पकड़ कर, मेरे सिर को अपनी नेक के पास दबा रही थी. फिर क्या था? फिर मैंने अपना साइकिल स्टार्ट कर दिया और मेरा ७ इंच का लंड उसकी योनी को फाड़ कर दनादन स्ट्रोक मारे जा रहा था. मेरे लंड के बड़े और मोटे साइज़ के कारण से उसकी योनी फट गयी थी. वो बार – बार चिल्ला रही थी… प्लीज जोर से चोदो.. और जोर से… और जोर से.. हाहाह ऊहोहोह अहहाह अहहाह ऊऊओ मर गयी… जोर से चोदो.. बहुत प्यासी हु मैं… मेरी सारी प्यास बुझा दो आज… अहहः.. उसकी ये आवाज़े मेरा जोश बड़ा रही थी और मैं उसकी चूत में तेजी से धक्को की बरसात कर रहा था. जब भी मैंने अपने लंड को पूरा का पूरा अन्दर डाल कर बाहर निकालता, तो वो एकदम से तड़प उठती और उसकी सिस्कारिया मुझे एकदम से मज़ा दे जाती थी. मैंने उसको आधे घंटे तक पेला और वो एक बार झड़ चुकी थी. मेरे जोश और चुदाई को देख कर वो बोलने लगी – लगता नहीं है, कि तुम पहली बार कर रहे हो? ऐसा लग रहा है, जैसे तुम को सालो का एक्सपीरियंस हो. तुम बहुत ही अच्छा चोदते हो. मैंने उसको बताया, कि ये सब उनके सपोर्ट की वजह से ही मुमकिन हुआ है.

बाद में, मैंने पोजीशन चेंज किया और मैं उनके पीछे आ गया और पीछे से उनकी योनी में लंड उसने अपने हाथो से डाला. मैंने उसे पीछे से पेलना चालू किया. वो मुझे पीछे मुद कर किस किये जा रही थी. मेरा एक आठ उसकी योनी पर और अपने दुसरे हाथ से मैं उसके स्तन कर मर्दन कर रहा था. ऐसा लग रहा था, कि इससे अच्छा लाइफ में कुछ हो ही नहीं सकता है. १५ मिनट के बाद, हम दोनों लोग झड गये और एक दुसरे की बाहों में बाहे डाल कर सो गये. मैं पूरी रात उसके घर में ही रहा और मैंने उसको पूरी रात में ३ बार और चोदा. मेरे उस रात की चुदाई के बाद वो माँ बन गयी और वो दोनों पति – पत्नी बहुत ही खुश थे. भाभी ने बाद में मुझे अपनी पड़ोस की भाभी और आंटी से भी मिलवाया और मैंने उन सबकी चुदाई की. अब मैं उन सब का पर्सनल रांड बन चूका था और जिसको भी चुदवाना होता था. वो मुझे अपने पास बुला लेती थी. तो दोस्तों, कैसी लगी आपको मेरी पहले सेक्स की कहानी. मुझे उम्मीद है, आप सबको पसंद आई होगी. अगर कोई गलती लगे, तो माफ़ कर देना और अपने कमेंट जरुर देना.

One comment

  1. Nice story