Home / आंटी की चुदाई / निशा आंटी और कोमल दीदी ने चोदना सिखाया- भाग 2

निशा आंटी और कोमल दीदी ने चोदना सिखाया- भाग 2

निशा आंटी और कोमल दीदी ने चोदना सिखाया- भाग 1 se age ki kahani…….

निशा आंटी : सब्बू और ज़ोर से दबा।

फिर कोमल दीदी ने अपनी ब्रा को खोल दिया और फिर मैंने देखा कि उनके बूब्स ज़्यादा बड़े नहीं थे.. लेकिन वो बहुत टाईट थे और निप्पल एकदम खड़े हुए थे।

कोमल दीदी : आंटी चलो में उसको सिखाती हूँ।

कोमल दीदी ने उसके बूब्स पर मेरा हाथ रख दिया और बोला कि सब्बू इसे इस तरह मसल.. तब वो सिसकियाँ भरने लगी आहह उईईईई माँ सब्बू बेटा और ज़ोर से मसल। तो निशा आंटी मेरे लंड को हिला रही थी तब उन्होंने मेरे सुपाड़े को एक झटके में नीचे कर दिया और मुझे बहुत दर्द हुआ।

में : आंटी प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा प्लीज अब बस भी करो।

कोमल दीदी : आंटी लगता है सब्बू का लंड हमे कंडोम पहनाकर ही लेना पड़ेगा।

निशा आंटी : हाँ कोमल बेटा बैचारे सब्बू को भी मज़ा तो आना चाहिए।

फिर निशा आंटी ने अपने पर्स से खुश्बूदार कंडोम निकाला.. निशा आंटी और कोमल दीदी ने मिलकर मेरे लंड को कंडोम पहनाया।

कोमल दीदी : इसका लंड तो ढीला पड़ गया आंटी अब क्या किया जाए?

निशा आंटी अब सिर्फ़ ब्रा में थी और फिर उन्होंने ब्रा को भी खोल दिया और उनके बूब्स बहुत बड़े थे.. लेकिन फिर भी उनके बड़े बूब्स को देखकर मेरा लंड एकदम ढीला वैसे का वैसा ही था।

निशा आंटी : सब्बू बेटा अपनी आंटी के बूब्स को दबा.. जैसे तूने कोमल दीदी के बूब्स मसले है।

तो में मसलता रहा फिर भी मेरा लंड ढीला ही था.. तब निशा आंटी को एक तरकीब सूझी उन्होंने और कोमल दीदी ने तब तक खाली चूड़ीदार पेंट और अंदर पेंटी पहनी हुई थी और ऊपर नंगी हो चुकी थी। तो निशा आंटी अपना पीछे का हिस्सा यानी गांड मेरी तरफ करके खड़ी हो गई और मुझसे आकर लिपट जाने को कहा। तो में पीछे से उनके बड़े बड़े बूब्स को संतरे की तरह मसल रहा था और वो अपनी गांड मेरे लंड पर ज़ोर ज़ोर से हिलाकर घिस रही थी.. उनकी काली चूड़ीदार पेंट सिल्क की थी और घिसने की वजह से मेरा लंड फिर से तन गया। तो आंटी ने चूड़ीदार पेंट के ऊपर से ही उनकी टाईट जगहों को मसलने को बोला और अब मेरा लंड एकदम टाईट होकर साँप की तरह खड़ा हो गया। तो कोमल दीदी ने भी आकर मुझे वैसे ही करने को बोला.. वो लाल कलर की सिल्क पेंट पहनी हुई थी और अब मेरा लंड पूरा तन गया और तब तक फिल्म का अंत आ चुका था और लड़का, लड़की को ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था। उसके बाद लड़के ने सफेद कलर की क्रीम जैसी कोई चीज़ अपने लंड से निकालकर उसे लड़की की गांड के ऊपर गिरा दिया। तो मैने आंटी से पूछा कि आंटी यह क्या है?

निशा आंटी : यह वीर्य है बेटा आज तू जब हम दोनों को चोदेगा इसे बाहर मत गिरना अंदर छोड़ देना क्यों कोमल मैंने ठीक कहा ना?

कोमल दीदी : हाँ मुझे आपत्ति नहीं और आंटी अब तो सब्बू ने कंडोम भी पहना है।

फिर दोनों ने अपना चूड़ीदार सलवार पेंट उतार दिया और अब दोनों सिर्फ़ पेंटी में थी.. निशा आंटी लाल कलर की सिल्क चमकदार फ्रेंच टाईप की पेंटी में और कोमल दीदी नील कलर की सिल्क चमकदार फ्रेंच टाईप की पेंटी पहनी हुई थी। जिससे की पेंटी सिर्फ़ दोनों की चूत को ढक रही थी और दोनों की नंगी गांड का नज़ारा मुझे पूरा दिख रहा था उनकी पेंटी दोनों की गांड को ढक नहीं पा रही थी और दोनों की गोरी गोरी गांड देखकर मेरा लंड फिर से फुदक पड़ा। तो निशा आंटी बेड के ऊपर चली गई और दो तकियों को लंबी लाईन करके बिछाया और वो तकिये के ऊपर जाकर सो गई। तो निशा आंटी ने बोला कि सब्बू बेटा मेरे पास आ जा।

निशा आंटी : कोमल.. में पहले सब्बू का लंड लूँगी.. क्या तुझे कोई आपत्ति है? और अगर नहीं है तो सब्बू के लंड को मेरी चूत में घुसाने में मदद कर।

कोमल दीदी : आंटी मुझे कोई आपत्ति नहीं.. पहले आप ही सब्बू लंड लो अभी सारी रात बाकी है.. लेकिन आपने तो पेंटी पहनी हुई है.. यह उतरेंगी नहीं क्या?

निशा आंटी : नहीं रे यही तो सिल्क फ्रेंच पेंटी का कमाल है तेरे अंकल तो इसी तरह मुझे पेंटी पहने लंड देकर चोदते है बस थोड़ा सा साईड में करके चोदो और इसमे हम दोनों को बहुत मज़ा आता है तू भी आज ऐसा करके देख सच में तुझे भी चुदाई का बहुत मज़ा आएगा।

कोमल दीदी : ठीक है आंटी.. लेकिन पक्का ऐसे मज़ा आएगा?

फिर निशा आंटी ने अपना एक पैर जमीन पर रखा और दूसरा बेड के ऊपर रखकर फैला दिया और वो तकिए के ऊपर लेट रही थी। तो कोमल दीदी मेरा लंड पकड़कर निशा आंटी की चूत के पास ले गई.. निशा आंटी ने अपने सिल्क फ्रेंच पेंटी को थोड़ा साईड कर दिया और उनकी चूत एकदम साफ था। उस पर एक भी बाल नहीं था.. वो बहुत गोरी थी और ब्रेड की तरह फूली हुई थी। कोमल दीदी और निशा आंटी ने मेरे लंड को आंटी की चूत पर रखा और मुझसे धक्का लगाने को बोला और मेरे धक्का देते ही आंटी चिल्ला उठी.. उई माँ मर गई धीरे से कर सब्बू बेटा अभी पूरी रात पड़ी है.. अपनी आंटी पर थोड़ा रहम खा।

कोमल दीदी : क्या आंटी आप भी अंकल से डेली गांड मरवाती हो फिर भी ऐसे चिल्ला रही हो जैसे कि पहली बार चुदवा रही हो?

निशा आंटी : पगली सब्बू का जवान लंड तेरे अंकल से कई गुना लंबा, मोटा और बड़ा है थोड़ा दर्द तो होगा ही।

में : आंटी क्या में रुक जाऊँ?

निशा आंटी : नहीं सब्बू बेटा तू अपनी रफ़्तार धीरे धीरे बड़ा और फाड़ दे अपनी प्यासी आंटी की चूत को और में अब जितना भी चिल्लाऊँ तू रुकना मत आअहह उईईईईई उफफफफ्फ़ सब्बू डार्लिंग बेटा और तेज और तेज हाँ वैसे ही उईईई।

फिर मैंने देखा कि आंटी की चूत का रस मेरे लंड से होते हुए नीचे गिर रहा था और सारे कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ गूँज रही थी फिर में आधे घंटे तक आंटी को उसी पोज़िशन में चोदता रहा और मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.Net पर पड़ रहे है।

में : आंटी बहुत मज़ा आ रहा है.. लेकिन मुझे ज़ोर से पेशाब आ रहा है क्या में जाऊँ?

निशा आंटी : बेटा वो पेशाब नहीं वीर्य है शायद तू झड़ने वाला है तू अब मुझे दुगनी तेज़ी से चोद अहह माँ में झड़ने वाली हूँ अहह कोमल तू जरा सब्बू को ठीक से धक्का लगाने को बोल अहह कोमल में तो गई।

फिर हम दोनों झड़ गए और मेरा लंड अब सो गया था और मेरी ताक़त भी कम हो गई थी.. तो कोमल दीदी ने मुझे एक एक गोली गरम पानी के साथ दी और वो वेसलिन लेकर मेरे लंड पर मलने लगी। आधे घंटे के बाद मेरा लंड शेर की तरह तन गया और अब में फिर से चोदने को तैयार था।

कोमल दीदी : अब में सब्बू का लंड लूंगी।

निशा आंटी : ठीक है बेटा।

तो कोमल दीदी ने मुझे बेड के ऊपर लेटा दिया और मेरे ऊपर आकर बैठ गई.. वो मुझे फ्रेंच किस करने लगी.. फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया.. पेंटी को थोड़ा साईड में किया और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और मैंने महसूस किया कि उनकी चूत निशा आंटी से टाईट थी.. लेकिन गीली होने की वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई। फिर वो मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्का लगा रही थी जैसे कि वो मेरा बलात्कार कर रही हो।

कोमल दीदी : अहह सब्बू बेटा अपनी दीदी को चोद.. तू नीचे से धक्का लगा बेटा अहह हाँ उफ्फ्फ माँ में मरी।

तो सारे कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी और दीदी की चूत का रस मेरे लंड के चारों तरफ गिर रहा था और निशा आंटी मेरे पास लेटकर मुझे फ्रेंच किस कर रही थे और मेरे आंड को मसल रही थी और कोमल दीदी की चूत टाईट होने की वजह से में ज़्यादा देर तक रुक नहीं पाया और झड़ने लगा।

में : दीदी में झड़ने वाला हूँ अहह उईईईईई मेरी डार्लिंग दीदी अब में क्या करूं?

कोमल दीदी : छोड़ दे तेरा पानी अपनी प्यारी दीदी की चूत में उफफफफ्फ़ अहह आंटी सब्बू डार्लिंग को बोलो कि मुझे नीचे से ज़ोर ज़ोर से धक्का लगाए.. अहह माँ निशा आंटी में तो गई।

फिर हम दोनों झड़ गए और फिर निशा आंटी बोली कि अब मेरी बारी है सब्बू का बलात्कार करने की.. उन्होंने फिर मेरे लंड को ज़ोर से हिलाना शुरु कर दिया और चूसने लगी 10 मिनट बाद मेरा फिर से खड़ा हो गया और आंटी मेरे ऊपर आ गई और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगी.. लेकिन उनका धक्का कोमल दीदी से ज़्यादा जबरदस्त और जोरदार था। निशा आंटी की चूत कोमल दीदी से कम टाईट होने का मतलब यह नहीं कि वो ढीली थी.. बच्चे नहीं होने के कारण आंटी की चूत कुंवारी लड़की की तरह थी और में ज़्यादा देर तक रुक नहीं पाया।

में : निशा मेरी डार्लिंग.. आंटी ओह में झड़ने वाला हूँ।

निशा आंटी : सब्बू डार्लिंग बेटा छोड़ दे अपना सारा पानी अपनी प्यारी आंटी की टाईट चूत में.. ओह माँ मर गई.. कोमल बेटा सब्बू को बोल कि नीचे से धक्का लगाए मर गई उई माँ कोमल अहह में तो गई कोमल। फिर हम लोग बारी बारी करके तीन घंटे तक बदल बदलकर चोदते रहे और आंटी बोली कि..

निशा आंटी : सब्बू बेटा और ज़ोर से चोदो तुम्हारी प्यारी आंटी और कोमल दीदी की गांड बहुत मुलायम और कुंवारी है। तेरे अंकल तो मेरी गांड कभी नहीं मारते.. सिर्फ़ एक बार लंड घुसाकर बाहर निकाल देते है.. क्या तू आज हम दोनों की मुलायम गांड भी मारेगा?

में : हाँ क्यों नहीं आंटी।

कोमल दीदी : प्लीज़ सब्बू मेरी नरम गांड में कम से कम 200 धक्के लगाना।

में : हाँ जैसा आप कहे दीदी।

तो कोमल दीदी ने वेसलीन लिया.. अपनी और आंटी की गांड के छेद में डाल दिया और मसलने लगी।

निशा आंटी : मेरे प्यारे सब्बू बेटा क्या तुम अपनी प्यारी आंटी की गोरी नरम गांड मारना चाहोगे? में जितना भी चिल्लाऊँ तुम मत रुकना।

फिर निशा आंटी घोड़ी की तरह बन गई और मैंने एक धक्का लगाया और वो चिल्लाकर बोली कि धीरे से डाल बेटा। तो कोमल दीदी बोली सब्बू मत सुन आंटी की बात तू इनका बलात्कार कर डाल जैसे उन्होंने तेरा किया था.. मार दे आंटी की नरम गोरी गोरी गांड। तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई आंटी चिल्लाने लगी अहह उईईईई धीरे से कर बेटा अह्ह्ह माँ कोमल प्लीज़ इसे बोल धीरे से करे.. मेरा बलात्कार मत कर बेटा। फिर में आधे घंटे बाद आंटी की गांड में झड़ गया और आंटी रो रही थी और अब कोमल दीदी की बारी थी और वो तो पहले से ही घोड़ी बनकर तैयार थी.. उनकी गांड भी निशा आंटी की तरह बहुत गोरी और नरम थी। तो मैंने अपना लंड लगाकर पीछे से एक ज़ोर का धक्का लगाया। तो वो रो पड़ी और बोली कि बाहर निकाल दे उनकी गांड का छेद आंटी की तरह बहुत टाईट था। तो निशा आंटी बोली कि सब्बू बेटा तू सुन मत फाड़ दे अपनी प्यारी दीदी की नरम रसीली गांड और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।

तो दीदी आवाजें करके सिसकियाँ भरने लगी अहह उईईई माँ मर गई.. प्लीज बाहर निकालो.. निशा आंटी प्लीज इसे बोलो कि मेरी गांड का बलात्कार मत कर अहह उईईई और 30 मिनट बाद आंटी अह्ह्ह में तो गई। मैंने दोनों की 4 बार बारी बारी से गांड मारी और यह सिलसिला शादी तक चला ।।

धन्यवाद …

15 comments

  1. Kisako sax ka mja layna ho to col Kay9307817338

  2. Hi puja ji apki kahani jabardast hai,koi bhi agar padega to sex ke liye pagal ho jayega

  3. Mai v lucknow me hi hu pooja ji hme v mauka dijiye

  4. Aap ki story good lagy kya aap roj chod ta h

  5. Aap ki story good lagy

  6. Hai mera nam puja hy my Lucknow me rhti hu my house wife hu mere husband mujhko santust nhi kar pate my ak din ak ladke ka number paya usko myne cal kiya or us se bat kiya wo raji ho gya myne usko apne ghar bulaya myne uske apni chut or gadh marwai wo ladka aryan muche puri rat me 5 round take choda or usne meri chut ko khub chata my us rat bahut khus thi kyo ke wo muche chodta hi ja rha tha kya ap bhi sex ka mja lena chahte ho my uska number likh rhi hu 750590xxxx hy ya use msg bhi kar sakte hy