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नयी मामी को मामा के घर पर चोदा

प्रेषक : मिलन ..

हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम मिलन है और में विदिशा का रहने वाला हूँ। में AntarvasnaSEX.net का नियमित पाठक हूँ और में इस साईट को बहुत पसंद करता हूँ और मुझे इस साईट पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है वैसे में इस साईट पर बहुत सारी कहानियाँ पड़ चुका हूँ वो मुझे बहुत अच्छी लगी। दोस्तों वैसे यह स्टोरी मेरी मामी के साथ मेरे सेक्स की है और यह उस समय की है जब मेरे सबसे छोटे मामा की शादी हुई और हम लोग मेरी छोटी मामी को अपने घर लाए। वो सबसे ज़्यादा मिलती जुलती नहीं थी और में भी उनसे ज़्यादा बात नहीं करता था.. लेकिन धीरे धीरे हम दोनों के बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी। फिर में उनसे एक दोस्त की तरह बातचीत करने लगा और धीरे धीरे उनसे सारी बातें शेयर करने लगा और वो भी मुझसे कुछ बातें करती थी और उसके बाद मुझे मामा के घर पर जाने को बहुत मन करने लगा। फिर एक दिन दशहरे में वो हमारे घर पर आई.. क्योंकि मेरे मामा का घर गावं में हैं तो वो पूजा देखने के लिए आई थी.. मेरे मामा ट्रांसपोर्ट सर्विस में हैं तो उन्होंने मामी को हमारे घर पर छोड़कर तीन चार दिनों के लिए आउट ऑफ मध्यप्रदेश चले गये और में बहुत खुश था.. क्योंकि मामी हमारे घर पर थी। फिर एक दिन के बाद हमारे गावं की कुछ समस्या के लिए मेरे मम्मी पापा बाहर चले गये.. लेकिन मुझे पता नहीं था कि वो बाहर गये हैं।

फिर में उस दिन स्कूल गया था.. लेकिन उस दिन स्कूल ब्रेक टाईम में हमारी छुट्टी हो गई तो में घर पर चला आया और मैंने आकर देखा कि दरवाजा खुला है तो में सीधा घर के अंदर चला गया और जब में बेड रूम में पहुँचा तो मैंने देखा कि मामी ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने खड़ी थी और साड़ी पहन रही थी। उस दिन मैंने पहली बार किसी औरत को इतने कम कपड़ो में देखा और उन्हें देखते ही मेरा लंड पेंट के नीचे से जाग उठा और फिर मुझे उनके बूब्स को देखते हुए देखकर उन्होंने पूछा कि क्या हुआ? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं और में वहाँ से जाकर तुरंत ही बाथरूम में मुठ मारने लगा। फिर उन्होंने लंच किया और सोने के लिए चली गई और सोते वक़्त मामी ने कहा कि ला में तेरे पैर दबा देती हूँ और में भी बहुत थका हुआ था तो मैंने कहा कि ठीक है। तो उन्होंने मेरे पैर दबाते हुए धीरे धीरे मेरी जाँघो तक पहुँच गई और फिर से मेरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया और लंड जागने लगा और उस समय मैंने अंडरवियर भी नहीं पहना था।

तो मेरी पेंट के अंदर से तंबू खड़ा हो गया और जब वो मेरी मामी की नज़र में पड़ा तब उन्होंने तुरंत मेरे लंड को पकड़ लिया और कहा कि यह क्या है? तो मैंने कहा कि खुद ही देख लो। तो उन्होंने पेंट के साईड से मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और इतने मोटे लंड को देखकर एकदम डर गई। फिर उन्होंने उसे थोड़ा धीरे धीरे हिलाना और सहलाना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा और में 10वीं क्लास तक पॉर्न फिल्म देखने में मास्टर डिग्री हासिल कर चुका था और अब में इसके आगे क्या होगा? यही सोच सोचकर बहुत खुश हो रहा था.. लेकिन ठीक उसके एक मिनट बाद मेरे माता, पिता उसी टाईम घर पर पहुँच गये और मेरे सभी सपने.. सपने ही बनकर रह गए। फिर उसके दो दिनों के बाद मामी चली गयी और में प्यासा ही रह गया। फिर में 12वीं में बोर्ड की वजह से में मामा के घर पर नहीं जा सका और जब मेरे 12वीं के पेपर ख़त्म हुए तब में सबसे पहले मामा के घर पर भागा चला आया। फिर वहाँ पर पहुँच कर जब में मामी से मिला तो मैंने उन्हे प्रणाम किया वो बहुत हॉट, सेक्सी, सुंदर दिख रही थी और साथ ही मैंने उनके बूब्स दबा दिए। तो वो हंसते हुए बोली कि मिलन तुम भी ना.. फिर हमने साथ में लंच किया और गप्पे मारने लगे.. लेकिन मेरा मन तो कुछ और करने को कह रहा था जो कि सिर्फ़ हम दोनों को ही पता था। फिर में थोड़ी ही देर सभी से मिला और फिर उसके कुछ घंटो के बाद मेरी बड़ी मामी अपने रूम में सोने चली गयी। फिर मैंने सही मौका देखकर छोटी मामी के बूब्स को थोड़ा दबा दिया और फिर उन्हें किस करने लगा। तभी उन्होंने मुझे धीरे से धक्का दिया और कहने लगी कि यह क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि जो काम हमारा पहले अधूरा रह गया था। तो वो बोली कि इतनी जल्दी भी क्या है? तो मैंने देर ना करते हुए उन्हें नीचे लेटा दिया और धीरे धीरे उनके बूब्स को सहलाने लगा और जब मुझे लगा वो अब गरम हो चुकी है तो में उनकी बालों भरी चूत की तरफ बड़ा और चूत को उंगली से सहलाने लगा और धीरे धीरे उंगली को अंदर बाहर करने लगा। दोस्तों मैंने पहली बार किसी की चूत को छुआ था और मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.net पर पड़ रहे है।

फिर वो सिसकियाँ लेने लगी अह्ह्ह्ह उह्ह्ह और वो मेरे लंड को हिलाने लगी और मुझसे पूछने लगी कि कैसा लग रहा है मेरी जान? तो में बहुत जोश में आ गया और मैंने उन्हे एक ज़ोर का किस कर दिया। फिर हम दोनों उनके बेडरूम में चले गये। उस दिन मेरे दोनों मामा घर पर नहीं थे और वो रात से पहले आने वाले भी नहीं थे और मेरी बड़ी मामी की नींद इतनी गहरी है कि अगर ढोल भी बजे तो भी वो नहीं उठेगी। फिर हम दोनों बेडरूम में पहुंचे और मैंने वहाँ पर पहुंचते ही मामी को कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उनके रसीले होंठो को चूसने लगा। जैसे कि उनके होंठो से कोई शहद झड़ रहा हो और अब उनकी तरफ से भी वैसा ही जवाब आ रहा था। फिर मैंने उनके सारे कपड़े निकाल दिए और अब वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी। में क्या बताऊँ दोस्तों मुझे ऐसा लग रहा था जैसे स्वयं काम देवी मेरे सामने खड़ी हैं और उस वक्त मुझे उनकी बालों से भरी चूत में भी स्वर्ग दिख रहा था। तभी उन्होंने बोला कि अब क्या देख रहे हो जान? अब तो इस शरीर से सारा रस निचोड़ ही लो।

तो मैंने उन्हे बेड पर लेटा दिया और अब में उनके बूब्स को चूसते चूसते चूत तक पहुँचा और जब मैंने उनकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया तो मानो वो तो जैसे पागल हो गयी और मेरे सर को ज़ोर ज़ोर से पकड़ कर चूत में दबाती रही और थोड़ी ही देर में उन्होंने सारा चूत का रस मेरे मुहं में छोड़ दिया और अब मेरी बारी थी। तो उन्होंने मेरी पेंट को निकालकर पूरे लंड को मुहं में ले लिया और पहली बार किसी की गरम गरम जीभ के स्पर्श की वजह से मेरे शरीर में पूरा करंट दौड़ गया और वो तो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे कि वो कोई लोलीपोप हो। फिर चूसते चूसते थोड़ी ही देर में पूरा लंड अपना सर खड़ा करके उठ गया। तभी मामी ने कहा कि अब मुझे चोद ही दो अब और नहीं रहा जा रहा है.. यह मेरा पहला मौका था तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उन्हे बेड पर सीधा लेटाकर उनकी चूत के पास अपने लंड को रखकर एक ज़ोर का झटका दिया.. तो मेरा आगे वाला हिस्सा अंदर घुस गया। वो चिल्लाई में मर गई रे.. फाड़ दिया रे मेरी चूत को। तो में उन्हे किस करने लगा कि कहीं मेरी बड़ी मामी जाग ना जाए फिर और एक झटका मारा तो पूरा का पूरा लंड अंदर घुस गया और कुछ देर वैसे ही पड़ा रहा। फिर जब मामी का दर्द थोड़ा कम हुआ तब मैंने धीरे धीरे झटके मारने शुरू किए तब वो भी मेरा साथ देने लगी और अपनी गांड को उठा उठाकर चुदवा रही थी.. लेकिन वो लगातार चिल्ला रही थी कि चोद दो मुझे और ज़ोर से हाँ चोद अपनी मामी को तेरे मामा तो इस चूत को शांत कर नहीं पाते तू ही कर दे.. और ज़ोर से चोद। फिर कुछ 15 मिनट के बाद में झड़ने वाला था और तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने उनकी चूत में ही अपने वीर्य को छोड़ दिया.. तो उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहं में लिया और अच्छे से चाटकर साफ कर दिया और हम दोनों बाथरूम में नहाने के लिए गये और वहाँ फिर से मैंने एक बार उन्हे खड़ा करके चोदा.. में वहाँ पर 4 दिन रहा और उन्हें करीब 7-8 बार चोदा फिर अपने घर पर चला आया ।।

धन्यवाद …