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मेरी प्यारी स्टूडेंट नफीसा

प्रेषक : पवन
हाय मेरा नाम पवन है ओर मैं लाहोर मैं रहता हूँ. मै एक साइंस टीचर हूँ और स्कूल मै पडाता हूँ. यही आज से कोई 1साल पहले की बात है. मै उन दिनों 10वीं क्लास को पड़ाया करता था. मेरी क्लास मै15 लडके ओर 12 लडकिया थी. सारे विधार्थी लायक थे. और समझदार भी थे. इनमें से एक स्टूडेंट एक लडकी जिसका नाम नफीसा था.
 
मै आपको बताता चलूं मै उस वक़्त 24साल का था. ओर वो कोई 15 या 16 साल की थी. नफीसा का क़द 5’4″ था ओर वो गोरे रंग की थी. उसका जिस्म बिल्कुल हिरोइन के जैसा था. क़मर 28″ छाती36″ ओर गांड 40″थी. नफीसा एक मॉडर्न फैमिली की थी.
ओर हमेशा अच्छा फैशन करती थी. कभी कोई समारोह होता तो बस फिर तो जैसे कोई हूर की परी हो इतनी सेक्सी के क्या बताऊ यारों मै वो मुझे बाकी स्टूडेंट्स की तरह ही लगती थी लेकिन उस स्टूडेंट ने मेरी सोच को बदल कर रख दिया.
 
हुआ यूँ के एक दिन वो कंप्यूटर लेब मै नेट यूज कर रही थी. वो बिल्कुल अकैली थी बाकी सब स्टूडेंट्स ब्रेक पर थे. वैसे उस की भी ब्रेक थी लेकिन वो हमेशा अपना ब्रेक टाइम भी स्टडी मै लगती थी. तों हुआ यों के वो नेट पर कुछ पोर्न साइट्स देख रही. थी ओर मै अचानक अंदर आ गया ओर उसको सेक्स मूवी देखते पकड लिया.
जब उसने मुझे देखा तो परेशान हो गई ओर कहने लगी. के यह तो पहले से ही ओन थी. मैंने बस देखी है. नफीसा वैसे तो बहुत अच्छी ओर मासूम नज़र आती थी. लेकिन उसकी इस हरकत से मैं बहुत परेशान हुआ. मैने उससे कहा के सच सच बताओ वरना मै घर पर बता दूंगा.
ओर ये कहते हुवे मैने फिर से वही साइट ओपन कर दी. जिस मै ज्यादा तर सेक्स की मूवी थी. जब मैने उस को घर की शिकायत का ताना दिया तो घबरा गई ओर कहने लगी. सर प्लीज आप क़िसी को इस बारे मै मत कहना मै आप को सच बताती हूँ. नफीसा को इस मजबूरी ओर बेबसी की हालत मै देख कर मेरे अंदर का शैतान जाग गया ओर मेरे दिल ने चाहा की मै इसका फ़ायदा उठाऊं.
 
नफीसा ने बताया की वो कभी कभी xxx फोटो या मूवीज देखती है. ओर अपनी बैचेनी यानी अपनी गर्मी को बाहर निकालती है. ओर उसने कहा के ऐसा करने से उसको बहुत सुकून मिलता है. उसकी बताईं बात सुन कर मै भी गरम हो रहा था. ओर बात को आगे बडाते हुए मैने कहा के तुमने कभी क़िसी से सेक्स भी किया है. तो उसने कहा नही पर कभी कभी अपनी चूत मै खुद ही उंगलिया करती हूँ.
 
जब मैने नफीसा की ये बात सुनी तो मै बस अपने पर कंट्रोल ना कर पाया ओर उससे कहा नफीसा मेरे साथ सेक्स करोगी तो वो बोली आप से “सर आप तो सर हैं”. मैने कहा तो क्या हुआ हम अभी यह बात कर ही रहे थे. की ब्रेक ख़त्म हो गया. ओर कुछ स्टूडेंट्स अंदर आ गए. मैने जल्दी से टॉपिक चेंज किया ओर कहा “नफीसा तुमने अच्छा सबक़ सुनाया शाबाश”.
उसके बाद बाकी सारा दिन मै उसकी बाते सोचता रहा लेकिन मेरी तडप अभी खत्म ही नही हुई थी. के शाम को उस की माँ का फोन आया ओर उसने कहा के “सर क्या आप नफीसा को ट्यूशन पड़ा देंगे “उसकी माँ ने कहा के यह स्कूल से सीधा आपके घर आ जायगी ओर शाम को इसके पापा इसको ऑफीस से आते हुए साथ ले आया करेगे.
 
मैने तुरन्त हा कर दी अगले दिन मै जब स्कूल से घर आया तो वो भी मेरे साथ आ गई. उस दिन घर पर माँ ओर छोटा भाई थे. इसलिए मुझे कोई मोका ना मिला कुछ कहने का लेकिन उस दिन नफीसा को मैंने बातों मैं दो दफ़ा छुआ यानी टच किया ओर नफीसा ने कुछ नही कहा.
इसी तरह टच करने ओर उसकी टांगो पर हाथ फेरने का सिलसिला चलता रहा. वो भी कभी कभी जान कर अपना दुपट्टा साइड पर करके मुझे अपने बडे बडे बोब्स दिखा देती ओर कभी कभी मेरा हाथ पकड के अपने बोबो पर रख लेती. लेकिन ये सब कुछ 2 से 4 सेकेंड का ही होता था.
नफीसा का सेक्सी जिस्म देख ओर महसूस करके मै तो बस पागल सा हो गया था. कई दफ़ा रात को उठ कर उसकी याद मै अपने लंड की मूठ मार लेता था. लेकिन मै इन सब से तंग आ गया था. ओर अब मेरे सब्र की इंतहा हो गई थी. एक दिन कुछ इस तरह मै स्कूल के बाद घर आया तो माँ ओर पापा कहीं काम से बाहर जा रहे थे. ओर भाई भी उनके साथ ही जा रहा था.
मैने सोचा आज तो बस मज़ा ही मज़ा होगा इतनी ही देर मै नफीसा भी आ गई. माँ और पापा कुछ देर बाद चले गऐ. अब मैं ओर नफीसा घर मैं अकेले थे. मेरा लंड जो पहले ही बेकरार था. नफीसा को तन्हा देख कर लोहे की तरह खड़ा हो गया. ओर पेंट मै से ही नज़र आने लगा नफीसा भी अंदर ही अंदर बहुत बेकरार थी. मेरा खडा लंड देख कर बोली सर आप की तबीयत ठीक नई लगती.
मैने कहा क्यों तो बोली आपका लंड आज कुछ ज्यादा ही नज़र आ रहा है. मैने कहा क्या तुमको इसका ईलाज़ आता है. तो वो बोली बिल्कुल सर तुरन्त इसको मसाज करना होगा यह कहते ही वो वॉशरूम से तेल ले आई ओर कहा सर निकालो इसको बाहर मै अभी इस की खूब मालिश (मसाज) कर देती हूँ.
 
उसने अपने हाथो पर आयल लगाया ओर मैने जल्दी से अपनी पेंट उस पर से चड्डी ऊतार दी. नफीसा ने मुझे सोफे पर बिठा दिया. ओर मेरी टांगो को खोल कर पास मै बैठ गई. मैने पहली दफ़ा क़िसी लडकी को इतना हेरान ओर सेक्सी होते देखा था. मैने पुंछा यह तुमको केसे आता है वो बोली क्या?मैने कहा लंड की मालिश करना.
वो बोली बस मूवीज मै देखा है आज आप पर आज़माऊंगी ओर साथ ही मुस्करा कर उसने मेरा लंड हाथ मै पकड लिया. जैसे ही मेरा लंड उसके नरम नरम ओर गरम गरम हाथो मै गया मेरे लोडे मै एक करंट सा चल पडा. नफीसा ने आहिस्ता आहिस्ता लंड का मसाज शुरू कर दिया लंड को ऊपर से नीचे ,आगे से पीछे कभी आहिस्ता आहिस्ता कभी तेज़ तेज़ कभी नरम नरम कभी कभी ज़ोर ज़ोर से अपनी नरम नरम हथेलियो मैं सहलाने ओर मसलने लगी.
मेरा लंड कोई 6″ से 7″ इंच के करीब था. नफीसा ने कहा सर आप आखें बंद कर लो ओर बस मेरे हाथो की गर्मी ओर हरकत को अपने इस मोटे ओर बडे लोडे पर महसूस करवा देती हूँ. उस मसाज का मज़ा मै आप को क्या बताऊ मेरा लंड मेरी खूबसूरत ओर नाजुक से स्टूडेंट के हाथ मै था. मै तों जैसे किसी ओर ही दुनिया मै था. नफीसा ने कोई 10 मिनट तक मेरे लंड को ऐसे ही हाथो से मसला फिर आचनक उसने नज़ाने कब मेरे लंड को अपने होंटो (लिप्स) मै लिया ओर चूसने लग गई.
 
जब उसके बारीक बारीक होट मेरे लंड पर हरकत करने लगे तो मेरे मूहँ से आवाज़ निकल पडी ऊऊऊ…….. आआ……….हह ऊ……ऊओ………फ………..फफफ्फ़ आहा…. हा…… आह……. आहा….. हा 5 मिनट बाद पूछा तो मै ने कहा “मेरी जान नफीसा मेरा लंड फटने वाला है” वो यह सुन कर ओर भी तेज़ तेज़ अपनी ज़ुबान ओर अपने होंठों से कस करके लग गई.
मेरा लंड ओर भी ज्यादा टाइट हो गया. उस वक़्त नफीसा मेरा पूरा लोडा अंदर ले जाती ओर फिर पूरे जोर से इस को अपने मुहँ की ताक़त से चूसती इसकी यह हरकत आखीरकार रंग ला ही गई. ओर मेरा लोडा इसकी चूसने की ताक़त के आगे हार गया. और झटको झटको से सारी पानी उसके मूहँ मै चला गया. नफीसा ने सारा का सारा पानी पी लिया। फिर वह बाय करके चली गई।
धन्यवाद …