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मेरी बीवी सुनीता और मेरा दोस्त

प्रेषक : अमन
हाय फ्रेंड्स मेरा नाम अमन है मेरी शादी को 5 साल हो गये है और मेरी बीवी का नाम सुनीता है,सुनीता बहूत ही खूबसूरत है नाइस फिगर अच्छे बूब्स और जो एक सेक्सी औरत मैं होना चाहियें वो सब कुछ उसमे है, हमारी सेक्स लाइफ बहुत ही अच्छी तरह से चल रही थी सेक्स इन्जॉय करते थे, कुछ दिन से सेक्स मैं कुछ कमी आ गई थी हमको उतना मज़ा नही आता था. मेरा हमेशा से मन था की मैं सुनीता को किसी दूसरे मर्द के साथ मस्ती करते हुये देख सकूँ  पर सुनीता उसके लिये राज़ी नही होती थी, मैं रात को सेक्स करते हुये सुनीता को बोलता था  की क्या वो कोई दूसरे आदमी से चुदवाना चाहेगी पर वो मना कर देती वो कहती की उसे यह सब अच्छा नही लगता, पर मैने भी ठान ली की सुनीता को दुसरे मर्द से मस्ती करते हुये देखना ही है.
मेरा एक दोस्त जो दिल्ली मैं रहता है उसका एक दिन फोन आया की उसे बेंगलूर मैं ट्रैनिंग के लिये आना है तो क्या में एक महीने के लिये तुम्हारे यहा रुक सकता है, मेरे मन मैं आया की यह एक अच्छा मोका है मैने हाँ कर दी एक हफ्ते के बाद विजय मेरा दोस्त मेरे घर पर रहने के लिये आ गया.

 

दो चार दिन के बाद वो अमन के साथ घुलमिल गया और एक फेमिली मेंबर की तरह हो गया रात को डिनर के बाद हम तीनो बैठ कर मज़ाक करते इधर मैने गौर किया की विजय सुनीता की तरफ आकर्षित होने लगा था जब सुनीता नाइटी मैं होती तो वो उसके बूब्स को बार बार देखता था मुझे लगने लगा की शायद मेरा सपना साकार हो जायेगा मैं रोज सुनीता से सेक्स करते टाइम विजय के बारे मैं बात करने लगा कभी मैं उससे कहता की मैं विजय हूँ और मैं तुम्हे चोद रहा हूँ अब जब मुझे लगने लगा की सुनीता को भी विजय के बारे मैं बात करनी अच्छी लगने लगी है तो मैं समझ गया की लोहा गर्म हो चुका है.
ऐसे ही 15 दिन निकल गये. अगले दिन मैने सुनीता से पूछा की क्या उसे विजय से चुदवाना पसंद है तो उसने हाँ कही और ना कही, फिर मैने सुनीता से कहा की क्यों ना विजय से चुदवा कर देखा जाये तुझे भी मज़ा आ जायेगा और मुझे भी फिर वो राज़ी हो गई विजय से चुदवाने के लिये. फिर मैने कहा की वो विजय को अपनी ओर आकर्षित करे सेक्सी नाइटी पहना करे अगले एक दो दिनो तक सुनीता मेरे बताये हुये तरीके से विजय को अपनी और आकर्षित करने लगी कभी शोर्ट नाइटी तो कभी स्लीव नाइटी पहन कर वो विजय के पास बैठ जाती विजय का लंड टाइट होने लगता. मैने सोचा की अब फाइनल टच दे देना चाहिये, मैने विजय से कहा की मैं दो दिन के लिये आउट ऑफ स्टेशन जा रहा हूँ तो पीछे से ख्याल रखना उसने कहा ये भी कोई कहने की बात है अमन तुम जाओ कोई बात नही है मैं हूँ ना.
मैं सुबह घर से चला गया और शाम को विजय और सुनीता के आने से पहले घर मैं आ गया और फर्स्ट फ्लोर जो की बंद रहता है पर चला गया रात को करीब 7  बजे विजय और सुनीता घर पर आये शायद वो दोनो बाज़ार से कुछ लेकर आये थे,  मैं सब उपर से देख रहा था, सुनीता जो की रिज़र्व्ड टाइप की थी विजय के साथ बड़ी हंस कर बात कर रही थी जो समान वो लेकर आये थे उसमे से उन्होने दो तीन पैकेट निकाले उसमे ब्रा और पेंटी सेट्स थे विजय कह रहा था की भाभी ये आप पर बहुत सूट करेंगे तो सुनीता ने कहा हटो तो विजय ने सुनीता को कहा की भाभी ज़रा इसे पहन कर दिखाओं ना और उसने सुनीता को अपनी बाहों मैं ले लिया सुनीता कह रही थी ये क्या कर रहे हो विजय उसने कहा भाभी प्लीज मुझे दिखाओं आप इन ब्रा पेंटी मैं कैसी लगती हो, सुनीता उसे छोड़ कर पैकेट लेकर अंदर चली गई.
मैने सोचा की मेरा सपना तो अधूरा ही रह जाएगा सुनीता तो गुस्सा हो कर चली गई, पर थोड़ी देर मैं मैने देखा की सुनीता नये ब्रा पेंटी मैं अपने रूम से आ रही थी वो कमाल की सेक्सी लग रही थी विजय ने जैसे ही उसे देखा वो लपक कर उसे अपनी बाहों मैं ले लिया अब सुनीता ने भी उसे अपनी बाहों मैं ले लिया और अब दोनो सेक्स मैं लीन हो गये विजय ने सुनीता के बोबे चूसने शूरू किये और सुनीता ने अब विजय का लंड अपने हाथ मैं ले लिया उसका लंड देख कर मैं भी हैरान रह गया वो मेरे से 3 इंच बड़ा था और मोटा भी मुझे विश्वास नही हो रहा था की यह वो ही सुनीता है जो की काफ़ी रिज़र्व्ड थी.
अब दोनो नंगे हो गये और विजय सुनीता की चूत को चाटने लगा मैने कभी सुनीता की चूत  नही चाटी थी विजय सुनीता की चूत चाट रहा था और सुनीता को बहुत मज़ा आ रहा था वो आआआआआ उऊऊऊउउ कर रही थी अब उसने कहा विजय प्लीज अब मुझे चोदो ना विजय ने अपना लंड सुनीता की छोटी सी चूत मैं डाला और धक्का दिया वो हल्का सा चिल्लाई और फिर  बोली ज़ोर से मारो मुझे आआआ और ज़ोर से विजय अब ज़ोर ज़ोर से धक्का लगा रहा था सुनीता उछल रही थी थोड़ी देर के बाद दोनों झड़ गये सुनीता ने विजय को दोनो हाथो से जकड़ लिया मैं समझ गया की सुनीता को बहुत मज़ा आया है.
यह सिलसिला अगले दिन रात को भी चालू रहा दोनो ने बहुत मस्ती की अगले दिन जब मैं बाहर से वापस आया तो मैने देखा की सुनीता बहुत खुश थी, उस रात को सुनीता ने मुझे सब कुछ बता दिया की विजय के साथ उसने चुदाई की है सुनीता के मुँह से यह सुनकर मुझे अच्छा लगा की उसने यह बात मुझसे छुपाई नही. उसके बाद हम लोगो ने कपल सेक्स भी किये अब सुनीता को यह सब अच्छा लगने लगा. और हम दोनों एक साथ सुनीता को चोदते और वो भी हमसे बहुत अच्छे से चुदवाती है।
 
धन्यवाद …

 

4 comments

  1. Arey koi hume moka de

  2. harshita bhardwaj

    nice

  3. very very hot and very very sexy kahani,
    ye sun kr mera lund tanke khada ho gya,