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मौसी की चूत की मजेदार चुदाई (Mausi Ki Chut Ki Majedar Chudai)

हैलो दोस्तो,
नमस्कार..
मैं आपका दोस्त राहुल शर्मा, मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ.

के बाद मुझे बहुत सारे दोस्तों के मेल मिले, आप सबके मेल का जवाब मैंने दिया है।
आपके प्यार का बहुत आभारी रहूँगा।

मैं आज एक और नई आपबीती आपके समक्ष लेकर आया हूँ.. जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था।

दोस्तो, मैं अपनी सभी कहानियां अपनी महिला मित्र की इजाजत से ही लिखता हूँ.. क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से किसी को कोई भी दिक्कत हो या उनकी बदनामी हो।

अब मजा लीजिए.. सभी पुरुष मित्र अपने लण्ड को पकड़ कर मजा लें और महिला मित्र अपनी चूत में उंगली डाल लें।

तो बात कुछ इस तरह थी कि अभी तीन महीने पहले ही मेरे पिताजी इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। उसके बाद सभी रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो गया।

मेरी सेक्सी मौसी

अगले दिन मेरी एक मौसी भी आईं.. जो दिल्ली में रहती हैं। मेरी मौसी का नाम सोनी (बदला हुआ) है।

बस क्या बताऊँ उनको जो देख ले.. उनको चोदने की ही सोचेगा। उनकी उम्र कोई 38 साल की होगी.. लेकिन कोई भी उन्हें देखकर 25 साल से ज्यादा नहीं कह सकता। उनका शरीर 36-34-36 का है और वो अपने आपको काफी मैन्टेन रखती हैं।

मेरे मौसा जी भी आए थे लेकिन उन्हें कहीं बाहर जाना था।

तो मुझे उन्होंने कहा- बेटा मुझे किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़ रहा है लेकिन तुम्हारी मौसी यहीं रुकेंगी और जब यहाँ सब ठीक हो जाए तो उन्हें घर छोड़ आना। मुझे एक महीना या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है।
मैंने कहा- ठीक है मौसा जी!

मौसी और मैं एक बिस्तर पर

मैं और मौसी जी ए.सी. वाले कमरे में एक ही बिस्तर पर सो गए। बाकी सब बाहर बरामदे में सो गए।

रात को 12 बज चुके थे.. मुझे नींद नहीं आ रही थी, मैंने उठकर लाईट बन्द कर दी। थोड़ी देर बाद मौसी ने करवट लेकर दूसरी तरफ मुँह कर लिया। उन्होंने नाइटी पहनी हुई थी।

मेरे दिमाग में उन्हें चोदने का ख्याल आने लगा। उनके लिए यह सोचते ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया।

मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ा.. और मौसी की नाइटी को ऊपर करने लगा। थोड़ी ही देर में उनकी नाइटी उनके चूतड़ों तक कर दी।

मेरे दिल में एक डर भी था कि मौसी कहीं जाग ना जाएं और सबको पता लग जाएगा।

हिम्मत करते हुए मैंने पैन्ट की चैन को खोलकर लण्ड को बाहर निकाला.. फिर मैं थोड़ा और आगे बढ़ा और लण्ड को उनकी गाण्ड पर लगा दिया, साथ ही मैंने एक हाथ को मौसी की चूचियों पर रख दिया।

अब मैं कुछ देर तक चुपचाप लेटा रहा।
जब मुझे लगा कि मौसी सो रही हैं.. तो मैंने अपने लण्ड का दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया और हाथ से उनकी एक चूची को सहलाना शुरू कर दिया।

थोड़ी देर बाद वो हिलीं।
मुझे लगा कि मौसी जाग गई हैं.. तो मैंने अपने हाथ को हटा लिया लेकिन लण्ड को नहीं हटाया।

मौसी की चूत

उन्होंने अपना ऊपर वाला पैर हटाकर आगे की तरफ कर लिया.. जिससे लण्ड को उनकी चूत तक तक आराम से ले जाया जा सके।

मैं कुछ देर तक ऐसे ही लेटा रहा।
मौसी भी सो गई थीं या जाग रही थीं.. ये मुझे नहीं पता था।

फिर मैं धीरे-धीरे लण्ड को अपने हाथ में पकड़कर उनकी चूत पर लगा दिया और उनके चूत के दाने से रगड़ने लगा।

फिर मैंने धीरे-धीरे लण्ड को मौसी की चूत के अन्दर डालना शुरू कर दिया।
लेकिन वो फिर से हिलने लगी.. तो मैंने लण्ड को हटा लिया।

मौसी करवट लेकर सीधी हो गईं और पैरों को पूरा खोल दिया.. लेकिन उनकी नाइटी पूरी ऊपर नहीं थी।
मैं फिर से थोड़ी देर तक लेटा रहा।

पांच मिनट बाद मैंने धीरे-धीरे उनकी नाइटी की डोरी को खोलना शुरू कर दिया।
नाइटी की डोरी खुल गई, मैंने धीरे से उठकर मौसी की नाइटी को दोनों तरफ कर दिया, उनके चूचे बाहर आ गए।
उन्होंने ना तो ब्रा पहनी थी और ना ही पैन्टी पहनी थी।

मौसी की चूत में मेरा लंड

मैंने धीरे-धीरे लण्ड को मौसी की चूत पर रखा और दाने से रगड़ने लगा और उनके चूचों को मुँह में लेकर चूसने लगा, साथ ही लण्ड को धीरे से उनकी चूत में धक्का देने लगा।

लण्ड का थोड़ा सा हिस्सा ही अन्दर गया था, तभी वो थोड़ा कसमसाईं और कहने लगीं- जानू क्या कर रहे हो.. आज आपको मेरी कैसे याद आ गई? आज आपकी सेक्रेटरी कहाँ चली गई?

मैं कुछ नहीं बोला और फिर लण्ड को धीरे से एक और झटका मारा.. लेकिन वो नहीं जागीं, शायद वो तब भी नींद में थीं।

मैंने भी धीरे से दो-तीन झटके लगातार मारे और पूरा लण्ड मौसी की चूत में पेल दिया।
शायद वो मुझे मौसा जी समझ रही थीं।
मैं भी बिना बोले लगा रहा।

वो मादक सिसकारी लेने लगीं, उनके मुँह से ‘आह.. इस्स्स्.. ओ.. ऊउह..’ की आवाजें निकलने लगीं।
पूरे कमरे में ‘फच.. फच.. पट.. पट..’ की आवाजें गूंज रही थीं।

मुझे उनको चोदते हुए कुछ मिनट हो गए थे.. मौसी इतने में ही झड़ चुकी थीं, वो धीमी आवाज में कहने लगीं- आज आपको क्या हो गया है.. आप तो दो मिनट में ही झड़ जाते थे।

मैं चोदते हुए रुक गया और उनके चूचों को चूसने लगा।
जब मुझे लगा कि वो फिर से तैयार हो गई हैं तो मैं फिर से उनको दनादन चोदने लगा।

मुझे उनका वासना में डूबा हुआ चेहरा थोड़ा-थोड़ा दिखाई दे रहा था।

कुछ और देर चोदने के बाद मैं मौसी की चूत में ही झड़ गया और पैन्ट ठीक करके लेट गया।

मैंने उनकी नाइटी की डोरी को भी बांध दिया और सो गया।

अगली सुबह

मेरी सुबह सबसे पहले आँख खुली, मैं उठकर मौसी के कामुक बदन को देखने लगा।
वो अभी भी सो रही थीं।
मैंने उनकी नाइटी को सही कर दिया और उठकर बाहर दूसरे कमरे में जाकर लेट गया।

मुझे अभी भी ऐसा ही लग रहा था जैसे ये कोई सपना था।

फिर धीरे-धीरे सब उठने लगे और मौसी भी जाग गईं।

मौसी उठकर बाथरूम चली गईं.. लेकिन वहाँ से वो बहुत देर बाद निकलीं। उन्होंने कपड़े बदल लिए और सलवार सूट पहन लिया।

जिस कमरे में मैं लेटा हुआ था.. वो वहाँ आईं.. लेकिन मुझे उन्होंने कुछ नहीं कहा। शायद मेरे पास किसी और के होने की वजह से उन्होंने कुछ नहीं कहा।

मैंने उनको देख लिया था कि मौसी मुझे कातिल निगाहों से देख रही थीं और वो हल्के से मेरी तरफ मुस्कुरा कर चली गईं।

दोस्तो, मेरी तो सच में फटी हुई थी लेकिन जब उन्होंने कुछ नहीं कहा और वो चुपचाप वहाँ से चली गईं तो मेरी जान में जान आई।
फिर दोपहर तक सब नहा कर तैयार हो गए।

दोपहर को मैं बाजार जाने लगा.. तो मौसी ने मुझे आवाज लगाई- राहुल जरा रुक तो.. कहाँ जा रहा है?
मैंने कहा- मौसी बाजार जा रहा हूँ।
तो उन्होंने कहा- एक काम करना.. एक पेट दर्द की गोली लेते आना.. शायद रात को मेहनत ज्यादा हो गई।

मैंने कहा- कैसी मेहनत मौसी?
उन्होंने मेरा गाल पकड़ा और कहा- तू सब जानता है.. तेरे मौसा तो शाम को चले गए थे और तूने क्या किया।

तभी कुछ औरतें आ गईं और मौसी भी उनके साथ अन्दर चली गईं।

मौसी की वासना

मैंने बाजार से सामान और उनकी दवाइयां लाकर उनको दे दीं, उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर दबा दिया।
मैं भी अब समझ गया था कि मौसी चुदने के पूरे मूड में हैं।

पूरा दिन मेहमानों का आना-जाना लगा रहा।
शाम को सबने खाना खाया और मैं उसी कमरे में जाकर लेट गया। तभी मौसी मेरे पास आकर बोलीं- मेरा बिस्तर भी यहीं लगा देना.. मैं भी यहीं ए.सी में सोऊँगी।

अभी नौ बजे थे.. सभी औरतें मेरी मामी, बुआ सब मेरी माँ के पास बैठी थीं, वे एक घण्टे तक बैठकर बातें करती रहीं।
मेरी आँख लग गई।

मौसी 10.30 पर कमरे में आ गईं और आकर लाईट बन्द करके लेट गईं।
मैंने चादर ओढ़ रखी थी। उन्होंने मेरे पास आकर मेरी चादर खींचकर खुद भी ओढ़ ली।

मैंने शॉर्ट्स पहन रखा था, मैं टी-शर्ट उतारकर सोता हूँ।
उन्होंने मेरा शॉर्ट्स नीचे करके मेरे लण्ड को सहलाना शुरू कर दिया।
मेरी आंख खुल गई.. लेकिन मैं कुछ नहीं बोला।

मौसी ने मेरा लंड चूसा

मौसी ने उलटे होकर मेरे शॉर्ट्स को बहुत नीचे करके मेरे लण्ड को मुँह में ले लिया.. मेरा लण्ड तनकर पूरा खड़ा हो गया।
वो पूरे जोश के साथ मेरे लण्ड को चूस रही थीं।

मुझसे ज्यादा देर रुका नहीं गया, मैंने उनका सिर पकड़ कर लण्ड पर दबा दिया।
मौसी एकदम से चिकनी हो गईं और लण्ड को छोड़ दिया।

मैंने कहा- मौसी जानबूझ कर अधूरा क्यों छोड़ रही हो.. लगी रहो न।
मैंने उनको पकड़कर अपनी ओर खींच लिया।

मौसी मेरे पास आकर कहने लगीं- कल तुमने मुझे चोदकर मेरी वासना को बढ़ा दिया.. मुझे माफ कर देना। मैं अपने आपको रोक नहीं पाई।
मैंने कहा- मौसी मेरी जान.. मैं भी तुम्हें बहुत सालों पहले से चोदना चाहता था.. लेकिन डरता था कि कहीं तुम मेरे घर वालों को ना बता दो।

उन्होंने कहा- जान.. मुझे अकेला मत छोड़ो.. आज से तुम्हारे मौसा की जगह तुम हो। उस साले भड़वे का तो ढंग से खड़ा भी नहीं होता है उसका लण्ड नहीं लुल्ली है.. वो भी खड़ी नहीं होती।

मैंने पूछा- ऐसा क्यों बोल रही हो जान.. आखिर वो हैं तो तुम्हारे पति।

उन्होंने कहा- साला भड़वा है.. उसकी 4.5 इंच की लुल्ली है.. वो भी अपनी सेक्रेटरी के चक्कर में लगा रहता है। अगर कभी दिल भी किया.. तो लुल्ली चूत में डालकर दो मिनट में ही झड़ जाता है। मैं प्यासी रह जाती हूँ।

कुंवारी चूत की बात

मैंने कहा- जान.. चिन्ता मत करो मैं तुम्हें चोद-चोदकर शांत कर दूँगा.. पर मेरी एक शर्त है।
मौसी बोलीं- कैसी शर्त? मैंने अपने आपको तो तुम्हें सौंप दिया है.. अब बाकी क्या रह गया?

मैंने कहा- वो सब तो ठीक है लेकिन मैं किसी कुंवारी लड़की को चोदना चाहता हूँ। क्या तुम मुझे किसी कुंवारी लड़की की चूत दिलवाओगी?
उन्होंने कहा- चूत तो दिला दूँगी लेकिन क्या तुम उसे चोद पाओगे।

मैंने कहा- क्यों नहीं जान.. तुम बताओ तो सही.. वो खुश नसीब है कौन?
उन्होंने कहा- तुम्हारी बहन पिंकी!
मैंने कहा- वो तो अभी छोटी है?

मौसी ने कहा- वो छोटी नहीं है.. वो लण्ड लेने को पूरी तरह तैयार है.. बोलो चोदोगे उसे.. वो तुम्हारे लण्ड को पूरा खा जाएगी।
मैंने कहा- ठीक है.. पहले तुम अपनी चुदाई करवा लो और मजे लो।

मैं उनके होंठों को चूसने लगा।
अब मैंने उनकी नाइटी भी उतार दी और घुटनों के बल बैठ कर मौसी मेरा लण्ड चूसने लगीं।

मैं तो मानो हवा में उड़ने लगा.. इतना मज़ा आ रहा था कि मेरा माल उनके मुँह में ही निकल गया और वो सब पी गईं।
अब मेरा लण्ड सिकुड़ गया।

फिर वो मेरे अन्डकोषों को चूसने लगीं। दस मिनट में मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और अब उन्होंने मुझसे कहा- तुम मेरी चूत चूसो..

एक लम्बी चूमाचाटी के बाद मैंने उन्हें बिस्तर पर सीधा लिटा दिया और उनकी टाँगें चौड़ा कर चिकनी चूत पर अपनी जीभ को जैसे ही लगाया.. मौसी सिसकारी लेने लगीं, उनके मुँह से ‘आह.. स्स्स्स्स्स.. ओ.. ऊउह..’ की आवाजें निकलने लगीं- चाटो.. मेरी प्यासी चूत को यारर.. बहुत मजा आ रहा है..

मैं उनकी चूत को अन्दर तक चाटने लगा।
दस मिनट में दो बार उनकी चूत का अमृत निकाला।

मैं उनकी टाँगों को चौड़ा करके अपना लण्ड उनकी चूत पर रगड़ने लगा। फिर शुरू हुई असली चुदाई लीला.. मैं उन्हें जम कर चोदने लगा।

लौड़ा खाते ही उनके मुँह से ‘आहह..’ निकल गई।
मैं जोर से चोदता रहा और वो मस्त होकर बड़बड़ाने लगीं- आहह.. चोद दे.. मेरे राजाजज.. चोद.. दे..
वो भी नीचे से कूल्हे उठा-उठाकर चुदवाने लगीं.. मुझे भी मजा आने लगा।

वो लगातार कह रही थीं- चोद मेरे राजा चोद मुझे.. मुझे मसल दो आज.. अपनी रण्डी बना दो.. चोदद.. मेरेऐ.. राजाज.. फाड़ड़.. देए.. आज मेरी चूत..

मैं भी उन्हें खूब जोर से चोदे जा रहा था, वो दस मिनट में झड़ गईं।
फिर मैंने उन्हें उल्टा करके कुतिया की तरह चोदा। वो अब तक दो बार झड़ चुकी थीं। काफी देर तक मैंने उन्हें चोदा।

अब मैं भी झड़ने वाला था.. तो मैंने उनसे कहा- कहाँ चाहिए तुम्हें मेरा माल..
उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही छोड़ दो, मैं अपनी चूत की प्यास को बुझाना चाहती हूँ।

मैं भी झटके मार-मारकर उनकी चूत में ही झड़ गया।
कुछ देर तक मैं उनके ऊपर ही लेटा रहा।

फिर मौसी उठकर बाथरूम में चली गईं.. और चूत को धोकर आ गईं।
मैं भी उठकर पेशाब करके वापस आ गया।

कुछ देर यूं ही लेटे रहने के बाद मौसी फिर से मुझसे लिपट गईं और कहने लगीं- मुझे चोद-चोदकर अपनी रण्डी बना लो.. मेरी चूत को शान्त कर दो।

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, मौसी मेरा लंड चूस रही थीं और मैं उनकी चूत को चाट रहा था।

कुछ देर बाद फिर से चुदाई का घमासान हुआ, रात भर हम दोनों ने चुदाई का खेल खेला, उस रात मैंने उन्हें चार बार चोदा, मौसी कई बार झड़ीं।

अब वो कहने लगीं- आज तुमने मुझे सच में तृप्त कर दिया। आज के बाद तुम ही मेरे पति हो। यहाँ से फ्री होने के बाद मैं तुम्हारे साथ नोएडा रहने के लिए आऊँगी। तुम्हारी बहन को भी तुमसे चुदवाऊँगी।

दोस्तो, यह थी मेरी और मेरी मौसी की चुदाई की कहानी।

मैं आपको अगले भाग में बताऊँगा कि मैंने अपनी मौसी की लड़की को कैसे चोदा।

आपको कैसी लगी मेरी यह सच्ची सेक्स कहानी.. प्लीज जरूर बताइएगा और अगर कुछ गलती हुई हो.. तो प्लीज मुझे मेल करके बताइएगा.. ताकि मैं आगे उसमें सुधार कर सकूँ।
आपका प्यारा दोस्त राहुल
[email protected]

5 comments

  1. Mst h re baba lga reh

  2. waah Rahul aaise hi chudai kahani banate raho

  3. hamare lie bhi ek mal khoj dona