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मामा की बेटी की चूत फाड़ी -Mama ki beti ki chut fadi

प्रेषक : जयेश ..

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम जयेश है और में कर्नाटक का रहने वाला हूँ.. मेरा रंग गोरा और मेरी उम्र 19 साल है। दोस्तों में कामुकता डॉट कॉम का बहुत समय से फेन हूँ और में हमेशा इसकी हॉट, सेक्सी कहानियों को पड़ता हूँ और उन्हे पढ़कर बहुत मज़े करता हूँ। दोस्तों आज में अपनी एक सच्ची घटना आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ.. वैसे तो यह मेरी पहली कहानी है.. लेकिन फिर भी मुझे अपनी इस कहानी पर पूरा विश्वास है कि यह आप सभी को बहुत पसंद आएगी और यह घटना दो महीने पहले ही मेरे साथ घटित हुई। आप सभी का ज्यादा टाईम खराब ना करते हुए में अपनी कहानी बताता हूँ। यह कहानी मेरे मामा की बेटी के साथ की है.. उसका नाम निशा है और वो बहुत सेक्सी और बहुत सुंदर है.. उसका फिगर 32-30-34 है।

दोस्तों उस समय मेरी गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू होने ही वाली थी और में मेरे मामा के घर पर जाने वाला था कि तभी उससे एक दिन पहले मैंने निशा को फोन किया और उससे कहा कि में कल वहां पर आ रहा हूँ। तो वो बहुत खुश हो गई और कहने लगी कि तुम कब और कितने बजे तक पहुंचोगे? तो मैंने कहा कि में कल दोपहर तक घर पर पहुंच जाऊंगा। फिर उस रात मैंने एक घंटे तक उससे लगातर बात की और मुझे उससे मिले दो साल हो गए थे और में उसे देखने को बड़ा बैचेन था कि वो अब कैसी दिखती है? फिर दूसरे दिन में सुबह जल्दी उठ गया और जल्दी से नहाकर तैयार हुआ और स्टेशन पर पहुंचा.. ट्रेन पकड़कर कुछ ही घंटो में अपने मामा के घर पर पहुंच गया। फिर घर के दरवाजे तक आकर बेल बजाई तो मामी ने दरवाजा खोला.. तो मैंने मामा, मामी को प्रणाम किया.. तभी अंदर से भागती हुई निशा आई और में उसे देखता ही रह गया.. वाह क्या लग रही थी? दोस्तों सच में सेक्सी आईटम की तरह दिख रही थी।

तभी वो मेरे पास आई और मुझसे कहा कि हैल्लो कैसे हो? तो मैंने कहा कि में एकदम ठीक हूँ और फिर मैंने उससे कहा कि तू तो पहले से बहुत मस्त दिख रही है। तो हंसने लगी और फिर उसने मुझे मेरे कमरे तक छोड़ा और कहा कि तुम बहुत थक गये होंगे.. थोड़ी देर आराम कर लो.. बाकि की बातें हम बाद में करेंगे। तो में कमरे में पहुँचकर बेड पर लेट गया और कुछ ही मिनट में सो भी गया.. क्योंकि मुझे सर में बहुत दर्द हो रहा था और में सफर से बहुत थक गया था और कब रात हो गई मुझे पता ही नहीं चला। तो रात को सब लोग खाना खा रहे थे और निशा मुझे उठाने आई.. कंबल को उठा कर उसने देखा तो मेरा लंड खड़ा था.. लेकिन उसने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.. फिर मुझे उठाया और मुझसे कहा कि चल खाना खा ले.. सभी बाहर तेरा इंतजार कर रहे है। तो में उठा फ्रेश हुआ और बाहर जाकर सब के साथ बैठकर खाना खाने लगा और खाने से फ्री होते ही में सीधा टीवी देखने बैठ गया और मामा, मामी अपने रूम में जाकर सो गए। तभी थोड़ी देर के बाद निशा आई और मेरे पास में आकर बैठ गई.. उसने एकदम टाईट टी-शर्ट और एक छोटी सी पेंट पहनी हुई थी। उसकी टी-शर्ट में से उसके बूब्स बहुत मस्त लग रहे थे और वो मुझसे एकदम चिपककर बैठी हुई थी। जिससे मेरे हाथ उसके बूब्स को छू रहे थे। तभी मेरी नजरे टीवी देखते देखते बूब्स से हटकर.. उसकी टॅंगो पर पडी.. क्या चिकनी टाँगे थी। दोस्तों शायद उसने आज ही बाल साफ किए होंगे। तो टीवी देखते देखते मुझे नींद आने लगी और मैंने निशा से कहा कि मुझे अब नींद आ रही है और में सोने जा रहा हूँ। यह कहकर हम दोनों वहाँ से उठे और में बेड पर जाकर लेट गया.. लेकिन मुझे सोना नहीं था। में सोने का नाटक कर रहा था और कुछ देर के बाद में कंबल के अंदर मेरे मोबाईल पर ब्लूफिल्म देख रहा था और फिर थोड़ी ही देर बाद निशा आई.. वो भी मेरे पास में आकर लेट गयी। दोस्तों मेरे दिल में अब तक उसके लिए कोई भी ग़लत विचार नहीं थे.. फिर जब वो सो गई तब में फिर से फिल्म में व्यस्त हो गया.. में उस रात को एक बजे तक जाग रहा था और ब्लूफिल्म देखने में व्यस्त था। तभी मैंने कुछ देर के बाद ध्यान दिया कि निशा का एक हाथ मेरे पेट पर था और वो मुझसे एकदम चिपककर सो रही थी.. उसके बूब्स मेरे जिस्म से एकदम दब रहे थे। तो मैंने जैसे ही उसका हाथ अपने ऊपर से हटाया और वैसे ही मैंने देखा कि उसकी टी-शर्ट से एक गुलाबी कलर की निप्पल साफ साफ दिख रही थी।

तो मेरे मन में कुछ हलचल होने लगी.. एक तो मेरा लंड पहले से ही ब्लूफिल्म देखकर खड़ा था और उसके बाद मुझसे चिपककर एक बहुत हॉट, सेक्सी बूब्स मेरी नीयत खराब कर रहे थे। तो मैंने थोड़ी हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके बूब्स की तरफ बड़ाया और धीरे से बूब्स पर रख दिया.. लेकिन उसकी तरफ से कोई भी हलचल नहीं होने पर मेरी हिम्मत और बड़ गई। फिर में उसको चोदने की सोचने लगा.. धीरे धीरे मेरा लंड अपना आकार और बड़ा करने लगा और में अपने एक हाथ से बूब्स को सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद उसकी तरफ से कोई भी हलचल ना देखकर मेरा जोश बड़ता गया और मैंने बूब्स को धीरे धीरे सहलाते हुए दबाना चालू किया और फिर एकदम से निशा हिली तो में बहुत डर गया और जल्दी से उसके बूब्स से अपना हाथ हटा लिया। फिर मुझे पता चला कि वो अब तक जग रही थी और फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम यह क्या कर रहे थे? तो मैंने सर नीचे करके कहा कि में अपने आपको रोक नहीं सका.. तभी उसने कहा कि मुझे भी तुम्हारे हाथ से छूने, सहलाने से बहुत मज़ा आ रहा था और आज पहली बार किसी लड़के ने मेरे बूब्स को छुआ है।

फिर मैंने भी मौका देखकर उससे ना डरते हुए पूछा कि क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी? तो वो मना करने लगी.. मैंने कहा कि प्लीज आज एक ही दिन और उसके बाद कभी नहीं। तो वो फिर से ना कहने लगी और मैंने झटसे उसके होंठो पर मेरे होंठ रख दिए.. वो अपने दोनों हाथों के इशारे से मना करने लगी और कहने लगी कि यह क्या कर रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि में तुम्हे प्यार कर रहा हूँ.. उसने मुझे बहुत रोका.. लेकिन में उसकी एक नहीं माना और किस करने लगा और उसके होंठो को चूसने लगा। तो कुछ देर के बाद वो भी मेरे साथ मज़े ले रही थी.. में उसकी जीभ को चूसने लगा। फिर मैंने अपना एक हाथ आगे बड़ाया और उसके बूब्स को पकड़ा और दबाना शुरू कर दिया.. उसके बूब्स क्या नरम थे? एकदम मुलायम बड़े बड़े और फिर वो भी धीरे धीरे गरम होने लगी और उसके मुंह से सिसकियों की आवाज़ आने लगी अहह उफफफफफ्फ़ धीरे करो। तो मैंने झट से उसकी टी-शर्ट को निकाल दिया.. तो मैंने देखा कि उसने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और उसके गरम मुलायम बूब्स मेरी आखों के सामने थे। तो में उसके बूब्स को चाटने लगा.. दबाने लगा और उसके गुलाबी निप्पल को अपने दांत से काट रहा था और वो बहुत जोश भरी आवाज़े निकाल रही थी। उफ्फ्फ अहह आईईई और मैंने 10 मिनट तक उसके बूब्स को चूसा और दबाया.. में मेरा एक हाथ उसके जिस्म के ऊपर घुमाने लगा और धीरे धीरे चूत तक लाने लगा.. अब वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी। तो मैंने ज़्यादा देर ना करते हुए उसकी पेंटी को उतार दिया और फिर मैंने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था शायद उसने आज ही साफ किए थे। में उसकी चिकनी चूत को चाटने लगा। लेकिन जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाली और वो सिसकियाँ लेने लगी.. अब में उसकी चूत को चूसने लगा उसकी चूत बहुत गरम थी और उसकी चूत से रस निकल रहा था। वो अपनी गांड को उठाकर मुझे अपनी चूत  चटवा रही थी। तभी कुछ देर बाद वो कहने लगी कि अह्ह्ह अहफ़फ़ बस अब मुझे और मत तड़पाओ जानू और फिर कुछ देर के बाद वो झड़ गयी। तो मैंने उसका सारा रस पी लिया और अपना लंड बाहर निकालकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा और फिर मैंने एक ज़ोरदार झटका मारा। तो वो ज़ोर से चिल्लाकर कहने लगी कि प्लीज बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. लेकिन मैंने उसकी एक भी नही सुनी और थोड़ी देर बाद फिर से दूसरा झटका मारा और मेरा पूरा लंड एक ही बार में अंदर चला गया और वो रोने लगी।

फिर में थोड़ी देर शांत रहा और उसके बूब्स को सहलाने लगा.. जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो में धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा और अब वो भी मेरा साथ दे रही थी। करीब 15 मिनट तक लंड को अंदर बाहर करने के बाद वो फिर से झड़ गयी और मैंने भी अपना सारा वीर्य उसकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया। फिर में उसको किस करने लगा और उसके बूब्स चूसने लगा.. इस बीच मैंने उसे धन्यवाद कहा। तो उसने मुझसे कहा कि तुमने मेरी चूत को आज वो सुख दिया है जिसके लिए में बहुत समय से बैचेन थी। इसमे तुम्हे मुझे धन्यवाद कहने की जरूरत नहीं। फिर उस रात मैंने उसको 4 बार चोदा.. वो मेरी इस चुदाई से बहुत खुश हुई। फिर मैंने दूसरे दिन उसको बाजार से एक गोली लाकर दी और उसको कहा कि तुम इस खा लो। तो वो मना करने लगी और पूछने लगी कि इससे क्या होगा? तो मैंने उससे कहा कि कल रात जो हमने सेक्स किया था। उस दौरान मैंने अपना वीर्य अंदर ही छोड़ दिया था तो तू अब अगर यह गोली नहीं खाएगी तो मेरे बच्चे की माँ बन जाएगी और तू यह बात किसी को मत बताना और छुपकर इस गोली को खा लेना। फिर तो उसके बाद मैंने उसे 15 दिन तक हर रात चोदा और वो भी जोश में आकर चुदवाती रही और हम दोनों सेक्स के मज़े लेते रहे ।।

धन्यवाद …