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मकान मालिक की बेटी से शुरुआत

प्रेषक : पिंकू

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम पिंकू है और मेरी ये पहली स्टोरी है। में असम का रहने वाला हूँ। में अब सीए फस्ट ईयर का स्टूडेंट हूँ और में 19 साल का हूँ और मेरी हाईट 5 फीट 6 इंच और मेरा लंड 8 इंच लम्बा और दो इंच मोटा है। चलो अब सीधा स्टोरी पर आता हूँ। वैसे यह स्टोरी नहीं बल्कि एक हक़ीकत है। ये बात उन दिनों की है जब में 10th मे पढ़ता था और मेरा स्कूल शहर मे था और मुझे घर से आने जाने मे बहुत टाईम वेस्ट हो जाता था। फिर ऊपर से पढ़ाई भी ज़्यादा करनी पड़ती थी इसीलिए मुझे मेरे पापा ने शहर मे एक किराए का रूम दिला कर रखा। मेरे मालिक बहुत अच्छे आदमी थे। उसने मेरे खाने की जिम्मेदारी अपने सर पर ले ली। मालिक अंकल की बीवी बहुत सुंदर और सेक्सी थी। पहले दिन से ही में उस पर फिदा हो गया और हमेशा सोचता रहता कि कैसे उसे चोदा जाए। उसका फिगर लगभग 42-38-40 होगा, दोस्तो में एक बात तो बताना ही भूल गया कि में तब तक वर्जिन ही था।

जिस दिन से मैंने उसको देखा उस दिन से उसके नाम की मुठ मारता रहा और उसे चोदने का प्लान बनाता रहा। फिर कुछ दिन बाद मे जब स्कूल से वापस लौटा तो देखा की आंटी एक बहुत हॉट सेक्सी और सुंदर लड़की के साथ बात कर रही है, उसने जींस और टी-शर्ट पहनी हुई थी। तभी उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा और मे आंटी को भूल गया और आंटी की जगह उसके बारे में सोचने लगा। क्या फिगर थे यार 32-28-36 उसके बूब्स बहुत बड़े थे। मेरा मन कर रहा था कि आंटी के सामने ही उसे दबाना शुरू कर दूँ, इतनी हॉट और ब्यूटिफुल लड़की मैंने कभी नहीं देखी थी। फिर मुझे देखकर आंटी ने उन लोगो के पास बुलाया और बैठने को कहा। फिर में बैठकर उस लड़की को और करीब से घूर घूर कर देखने के लिए कोशिश करने लगा, तभी उसने भी मेरी तरफ देखा और हमारी आँखो से आँखे मिली और फिर उसने शरमा कर नज़रे हटा ली। तभी आंटी बोली कि ये मेरी बेटी बरखा है और ये गोहाटी मे पढ़ाई कर रही है। अभी इसकी क्लास ऑफ है इसलिए ये घर आई है और बरखा को बोला कि ये पिंकू है तुम्हारे भाई जैसा है।

फिर आंटी बोला कि तुम लोग बातें करो में कुछ खाने का इंतजाम करती हूँ। अब मुझे बहुत खुशी हुई क्या बताऊँ यार इतनी सेक्सी लड़की के साथ अकेले बात करने का मौका मिलने तो कोई भी खुश हुए बिना नहीं रह सकता। फिर उस दिन मैंने उससे करीब 15 मिनट तक बात की और उन 15 मिनट मे ज़्यादा समय उसके बूब्स को ही देखता रहा, जो उसकी टी-शर्ट के ऊपर से थोड़े थोड़े दिख रहे थे। तभी आंटी ने खाना रेडी होने का सिग्नल दिया और में फ्रेश होकर टेबल पर आ गया। तब में 180 डिग्री मे बरखा के पास बैठा था। में उसे देखता रहा लेकिन वो समझ गई बातों बातों मे दिन गुज़रता रहा और हमारी दोस्ती गहरी होने लगी और में उस दिन का इंतजार करने लगा और आख़िर मे वो दिन आ ही गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

उस दिन अंकल और आंटी किसी रिश्तेदार के घर गये हुए थे। मैंने सोचा कि वो जल्दी लौट आएँगे लेकिन लौट नहीं पाये। फिर में और बरखा एक साथ बैठकर टीवी देख रहे थे। तभी अंकल का फोन आया। बरखा ने उठाया और बात करने लगी। जब मुझे पता चला की अंकल, आंटी आज नहीं आएंगे। तब तो मे सातवें आसमान पर घूमने लगा। तभी बरखा बोली कि पिंकू आज तुम मेरे रूम पर ही रहो मम्मी पापा नहीं आ रहे है। मुझे अकेले मे बहुत डर लगता है। में तो आपको बताना भूल ही गया वो तब 20 की थी। तभी मैंने उसे ठीक है बोल दिया। फिर रात को खाना खानें के बाद में बेड पर बैठकर टी.वी. देखने लगा। तब वो मेरे करीब बैठी थी। एक चेनल लगा हुआ था और अचानक आशिक बनाया आपने गाना आया। मुझे तो वो बहुत अच्छा लगा ओर उसे भी, फिर उसकी साँसे तेज हो रही थी। तभी मैंने भी चान्स पर डांस मार दिया। फिर मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर बोला कि क्या हुआ? तभी उसने बोला कि कुछ नहीं। लेकिन उसने अपने कंधे से मेरा हाथ हटाने को नहीं बोला, तो मुझमे हिम्मत बड़ गई और फिर में उसके कंधे से लेकर पीठ और नीचे तक हाथ घुमाने लगा और तभी उसकी साँस और तेज होने लगी।

तब में उसे खीँचकर मेरे और करीब लाया। वो कुछ नहीं बोली फिर जब मैंने उसके बूब्स को छुआ तो वो बोला कि तुम मेरे साथ क्या करना चाहते हो? तो में बोला कि जो तुम चाहती हो वही, तो उसने बोला कि अगर कुछ हो गया तो? तब में बोला कि कुछ नहीं होगा और फिर में उसके बूब्स दबाने लगा और धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी पेंटी तक पहुंचा।

फिर मैंने उसकी चूत को छुआ तो तभी वो बोल पड़ी, प्लीज बस अब आगे नहीं। तभी में उसके होठों को छूने लगा और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा। फिर चार पांच मिनट वैसे ही रहे और उसके बाद मैंने उसकी टी-शर्ट उतारी वाउ क्या बूब्स थे दोस्तो, उसने ब्रा नहीं पहनी थी और फिर उसके बाद मैंने उसके हाफ पेंट उतारी तो उसकी पेंटी गीली थी। अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी मे पड़ी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी वी उतार दी और उसे सीधा लेटा दिया और फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वो मेरा सर पकड़ कर ऐसे दबा रही थी जैसे मेरे सर को अपनी चूत के अंदर कर लेगी।

बरखा : आ आ ओमम्म पिंकू और चाटो बहुत मज़ा आ रहा है, ओमम्ममी।

में : मुझे भी बहुत मजा आ रहा है।

अब में चूत चाट रहा था और बीच बीच मे उंगली भी करता रहा। क्या चूत थी यारो एकदम लाल और एक भी बाल नज़र नहीं आता था। मुझे तो बहुत अच्छा लगा था, आख़िर ये मेरा पहली बार जो है। थोड़ी देर बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया। आधा मैंने पी लिया और फिर उसके बाद मैंने अपने कपड़े खोल दिये और मेरा 8 इंच का लंड उसके हाथ मे थमा दिया।

अब वो उसे सहलाने लगी तो में बोला कि इसे अपने मुहं मे ले लो तो उसने पहले मना किया और फिर बाद मे ले लिया और फिर में उसके मुहं की चुदाई करने लग गया। ये सब मैंने पोर्न मूवी मे देखकर सीखा था, बस प्रेक्टिकल की ज़रूरत थी। उस दिन वो भी हो गया था। फिर मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके सर को जोर जोर से आगे पीछे करना शुरू कर दिया और अब उसके मुहं की बड़ी ही स्पीड के साथ चुदाई करने लगा। इस चुदाई से उसकी आँखों से आंसू बाहर आने लगे थे। लेकिन उसे थोड़ी देर बाद मजा भी लगा। अब वो भी मेरा साथ देने लगी। लेकिन कुछ देर बाद में उसके मुहं मे ही झड़ गया। मैंने पूरा वीर्य उसके मुहं मे छोड़ दिया वो सारा वीर्य पी गई।

बरखा : वाओ तुम्हारा वीर्य कितना टेस्टी है आई लाईक इट।

फिर मैंने उसे गोद मे उठाया और फिर हम उसके बेडरूम चले गये। फिर उसे बेड पर लेटा दिया और में उसकी चूत मे अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी। तभी मैंने उसे कहा कि तुम अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को थोड़ा फैला लो। अब उसने वैसा ही किया और फिर मेरे धीरे धीरे ट्राई करने के बाद आधा लंड चूत के अंदर गया लेकिन उसे बहुत दर्द हुआ और वो दर्द से चिल्ला उठी और मुझे भी थोड़ा दर्द हुआ लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट चूत थी। फिर मैंने एक थोड़ा ज़ोर से धक्का लगाया तो पूरा का पूरा 8 इंच का लंड एक बार मे ही चूत के अंदर चला गया और उसकी चूत की गहराइयों मे समा गया। फिर उसके बाद में धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा। तभी थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि उसकी चूत से खून निकल रहा था और वो रो रही थी। शायद या तो वो दर्द से रो रही थी या फिर वो खून देखकर डर गई थी। क्योंकि ये उसकी पहली चुदाई है।

लेकिन मे फिर भी नहीं रुका थोड़ी देर बाद उसका रोना बंद हो गया और में अपना लंड फुल स्पीड मे चलाने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा।

में : क्या तुम पहले भी किसी से चुदवा चुकी हो?

बरखा : नहीं, ये मेरी आज पहली चुदाई है।

में : मेरी भी फर्स्ट टाईम है, तुम्हे अब कैसा लग रहा है?

बरखा : उम्मह बहुत अच्छा आअहह,  इतना मज़ा मुझे ज़िंदगी मे कभी नहीं मिला, चोदो पिंकू चोदो आज फाड़ डालो मेरी चूत को, उम्म्मह मर गई पिंकू और जोर से चोदो (फक मी पिंकू फक मी)

में : क्या तुम्हे पता है कि तुम्हारी चूत से खून बह रहा है?

बरखा : कुछ भी हो जाए रुकना मत, आज मेरी चूत को चोद चोद कर भोसड़ा बना दो में अब तक बिना चुदी चूत थी। आज मेरी चूत की खुजली मिटा दो। आह्ह्ह्ह आश यह यह बात और जोर से चोदो मुझे आअहह, वाह पिंकू तुम्हारे लंड मे बहुत पावर है, मुझे तो आज स्वर्ग मिल गया आहह, फिर करीब 25 मिनट बाद वो झड़ गई लेकिन में नहीं। अब उसे थोड़ा थोड़ा दर्द और होने लगा।

बरखा : ऊफ़ पिंकू बहुत दर्द हो रहा है, आह्ह्ह बस भी करो ना।

में : बस थोड़ा सा और सहलो डार्लिंग।

बरखा : आह्ह्ह मार डाला पिंकू, छोड़ दो मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

अब वो फिर से रो पड़ी। फिर उसके झड़ने के पांच या चार मिनट बाद मे भी झड़ गया और मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया और में उसके ऊपर सो गया। थोड़ी देर बाद फिर से मैंने उसे ऐसे ही फिर चोदा। उस दिन चार बार चोदा। फिर सुबह उठकर फ्रेश होकर में एक गोली लाया और उसे खिला दी ताकि गर्भ धारण का डर ना रहे। उस दिन अंकल आंटी शाम को आये थे और हम दिन मे दोबारा फिर से चुदाई मे लग गये। वो एक महीना घर पर ही थी। इस एक महीने मे हमे जब भी मौका मिलता था हम सेक्स कर लेते थे। मैंने उसे कई बार चोदा और उसने बड़े मजे से इस चुदाई के मजे लिये। वो अब जब भी घर पर छुट्टियों मे आती है चुदाई करने मे व्यस्त हो जाते है। तो दोस्तों ये थी मेरी और मेरे मकान मालिक की बेटी की कहानी ।।

धन्यवाद …