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लंड ने दिलाया प्रमोशन 1

प्रेषक : प्रेम
हाय दोस्तों में प्रेम, मेरी उम्र 22 साल है ओर में दिखने मे इतना सुन्दर तो हूँ की हर लड़की पट जाती है ओर रही बात हथियार की तो वो किसी भी ओरत की चीखे निकालने के लिये काफ़ी है.तो मेरी जो स्टोरी है उसमे मैने कैसे अपने ऑफीस की सीनियर को पटा कर चोदा ओर प्रमोशन लिया इस बारे मे है.
 
स्टोरी 1 साल पहले की है सर्दियो का मौसम था मेरी एक फाइनेन्स कंपनी मे नई नई जॉब लगी थी ओर वो काफ़ी अच्छी ओर बड़ी कंपनी है मुझे अभी ऑफीस जाते हुये 2 महीने पूरे नही  हुये थे लेकिन अपनी चार्मिंग लुक्स ओर स्वभाव से ऑफीस मे काफ़ी फेमस हो गया था. लड़कियो के साथ मेरी बचपन से अच्छी बनती आई है तो मुझे लड़कियो से दोस्ती करने मे ज्यादा टाइम नहीं लगता था ओर मैने वहा काफ़ी अच्छी दोस्ती बना ली थी ओर काफ़ी लड़कियां  मुझ पर फिदा भी थी लेकिन में पहले से प्लान कर चुका था की ऑफीस मे अगर किसी पर  हाथ मारूँगा तो किसी बड़ी चीज़ पर जिस से कुछ फायदा भी हो तो बस अपने उसी प्लान के मुताबित चल रहा था.
 
लेकिन मेरी नाइट शिफ्ट थी ओर उसमे कोई ज्यादा ख़ास ओर माल लड़की नही थी तो प्लान पूरा होने मे टाइम लग रहा था लेकिन किस्मत ने साथ दिया ओर मेरे अच्छे काम को देख कर मुझे सुबह की शिफ्ट में कर दिया गया क्योकि सुबह की शिफ्ट मे ज्यादा लड़कियां होती थी ओर उनसे काम करना आसान नही होता था तो मुझे ये काम दिया गयाओर जब पहले दिन मे सुबह को तेयार हो कर ऑफीस पहुचां तो मुझे मेरी सीनियर से मिलने को भेजा गया उसके केबिन मे मुझे उसके ही नीचे काम करना था जैसे ही में केबिन मे अन्दर गया तो सेन्ट की मस्त सी खुशबू आ रही थी वो सामने कुर्सी पर बैठी थी ओर फोन पर बात कर रही थी उसने मुझे बैठने का इशारा किया में कुर्सी पर बैठ गया ओर वो फोन पर थी.
 
मैने केबिन मे जाने से पहले सोचा की वो बड़ी सी उम्र वाली लेडी होगी लेकिन मेरी तो किस्मत अच्छी चल रही थी वो देखने मे मेरी उम्र की ही लग रही थी उसका कलर बिल्कुल फेयर नही था लेकिन चॉकलेट कलर की स्किन थी उसकी हेयर स्टाइल बहुत अच्छी थी वो दिखने मे बहुत  हॉट और सेक्सी थी उसकी लम्बाई ज्यादा नहीं थी लगभग 5 फीट और 4 इंच थी ओर बॉडी पर्फेक्ट शेप मे थी उस दिन उसने हल्के नीले कलर की ऑफीशियल शर्ट ओर ग्रे कलर की पेन्ट पहनी थी उसकी शर्ट मे ही उसके बूब्स टाइट शेप मे दिख रहे थे ओर उसकी ब्रा भी हल्की हल्की दिख रही थी पहली नज़र मे देखने से ही पता चल रहा था की उसके बूब्स 34 साइज़ के  थे बाकी कुर्सी पर बैठे होने की वजह से उसकी कमर ओर गांड का साइज़ पता नही चल रहा  था.
 
उसने मेरे आने के बाद उसने 10 मिनिट तक बात फोन पर जारी रखी जिस बीच मे मैने जो कुछ बताया था वो सब चेक आउट कर लिया था ओर इसी बीच शायद उसे लग रहा था की में उसे देख रहा हूँ तो उसने फोन पर बात करते हुये मुझ से इशारे मे पूछा क्या हुआओर मैने कुछ नही का इशारा कर दिया.लगभग 10 मिनिट के बाद उसने फोन रख दिया ओर मेरी तरफ़ स्माइल करके हाथ आगे बढ़ा कर कहा हाय आई एम प्रियाओर मैने भी हाथ मिलाते हुये कहा अपना परिचय दिया ओर फिर उसने मुझे काम बताया ओर कहा की आज उसे जल्दी जाना है तो में काम संभाल लूँ ओर में काम मे व्यस्त हो गया कुछ दिन काम करता रहा ओर इसी बीच मेरे दिमाग़ की बत्ती भी जल गई थी की पटाना है तो प्रिया को ही पटाना है.
 
फिर एक टीम मे काम करते हुये हमारी बाते होने लगी ओर इसी बीच मुझे पता लगा की वो मेरे ही आगे की है ओर उपर से जिस मोहल्ले मे मेरा घर था वो वही रूम ले कर रहती थी जो की मेरे लिये प्लस पॉइंट था इस वजह से हमारे बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी अब ऑफीस ख़त्म होने के बाद हम साथ मे घर जाया करते जब वो मेरे पीछे बाइक पर बैठती थी तो खुद ही काफ़ी चिपक कर बेठती थी ओरउसके बूब्स मेरी पीठ से टच हो जाते थे ओर उस 15 मिनिट के सफ़र मे मेरा लंड खड़ा ही रहता था ओर मुझे रोज घर आ कर मुट्ठ मार कर उसे शांत करना पड़ता था.
 
इसी बीच एक दिन हम ऑफीस मे लेट तक काम कर रहे थे तो उसने मुझसे मस्ती मे पूछ लिया कीप्रेम मुझे लगता है की तुमकुछ छुपाते हो मुझ से जब मुझे घर ड्रॉप करते हो तुमउसके चेहरे पर एक छोटी सी स्माइल थी ओर वो मेरी तरफ देख रही थी में भी कमीना ही हूँ मैने भी तपाक से बोल दिया की अगर ना छुपाऊ तो तुम जाने थोड़े दोगे फिर घरओर स्माइल दी ओर उसने मेरे पास आ कर पूछा क्यो  जी ऐसा क्या छुपाते होमैने कहा मौका आने पर पता चल जायेगाओर उठ कर बाहर आ गया उस दिन काम ज्यादा था तो हमने ऑफीस मे ही खाना खा लिया था तो मैने घर पर फोन करके खाना बनाने के लिये मना कर दिया था ओर तभी प्रिया ने मुझसे कहा की घर पर बोल दे की शायद आज ऑफीस मे ही रुकना पड़े तो मैने ये भी बोल दिया ओर फिर काम निपटाने लगे काम टाइम से पहले ही ख़त्म हो गया तो मैने सोचा घर चला जाता हूँ.
 
प्रिया ओर में बाइक पर निकले रात के करीबन 11 बजे थेठंड ज्यादा थी तो प्रिया मुझ से कुछ ज्यादा ही चिपक कर बैठी थी ओर मेरे सीने पर अपने हाथो को फेर भी रही थी ओर उसकी गर्म साँसे मेरे कानो को छू रही थी ओर उसकी चुचियां मेरी पीठ मे गढ़ी हुई थी स्वेटर पहने होने के बावजूद मुझे उसके बूब्स अच्छी तरह फील हो रहे थे ओर मेरा लंड ठंड मे भी खड़ा हो गया था मैने प्रिया के घर के बाहर बाइक रोकी और उसे उतरने को कहा और वो उतर गयी ओर मुझ से कहने लगी प्रेम तुमने तो घर आने को मना कर दिया था तो अब तो घर वालो ने दरवाजा बन्द कर दिया होगा फिर क्या करोगे”.
आगे की कहानी अगले भाग में . . .
धन्यवाद …
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