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काली रात में चोदी लाल चूत

प्रेषक : अमृत …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमृत है और आज में आप सभी को अपनी एक मस्त चुदाई की घटना बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने उस काली रात में लाल चूत को चोदा और बहुत मज़े किए। वैसे यह मेरी कामुकता डॉट कॉम पर पहली कहानी है, लेकिन में फिर भी उम्मीद करता हूँ कि यह रोचक जोश भरी कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी और अब में अपनी आज की कहानी को शुरू करता हूँ। दोस्तों यह कहानी आज से दो साल पहले की है जब एक रात को में अपने ट्यूबवेल पर लाईट आने की इंतजार कर रहा था और वहां पर में एक चारपाई पर लेटा हुआ था, तभी अचानक मुझे पता नहीं कि कब मेरी आँख लग गई। फिर कुछ देर के बाद करीब रात के 11 बजे मुझे अपने गाल पर कुछ हलचल सी महसूस हुई। में कुछ देर गहरी नींद में होने की वजह से उसे सिर्फ मेरा एक भ्रम समझकर चुपचाप लेटा रहा। मैंने कोई भी हलचल नहीं की, लेकिन जब मेरी नींद खुली और फिर में एकदम से उठा और मैंने देखा कि मेरे सामने एक लड़की, जिसका नाम रीना था वो बैठी हुई थी। दोस्तों रीना हमारे गावं की एक सबसे सुंदर लड़की थी। उसकी उम्र करीब 20 साल की होगी और उसके बूब्स का साईज़ 34-28-36 होगा। वो दिखने में एकदम हॉट सेक्सी माल था और उसे हमारे यहाँ के सभी लड़के चोदना चाहते थे, लेकिन वो हर किसी को देखती भी नहीं थी, लेकिन अपने उस सेक्सी जिस्म को सभी को दिखाकर अपने अपने लंड हिलाकर मुठ मारने पर जरुर मजबूर किया करती थी। उसके हुस्न के बहुत सारे दीवाने थे, जो उसे एक बार जरुर चोदना चाहते थे।

दोस्तों असल में वो उस समय वहां पर अपने बॉयफ्रेंड से मिलने आई थी। उनका आज रात को हमारे ट्यूबवेल पर मिलने का प्लान था क्योंकि यहाँ पर एक चारपाई हमेशा बाहर ही पड़ी रहती है और जब में सो रहा था तो उस समय बहुत अँधेरा था और फिर रीना ने मुझे सोता हुआ देखकर सोचा कि में उसका बॉयफ्रेंड हूँ और इसलिए उसने मुझे किस कर लिया, लेकिन उसी समय उसको पता चल गया कि में कोई और हूँ और अब वो एकदम से बहुत डर गई। मैंने उससे पूछा कि तुम यहाँ पर क्या करने आई हो? तो वो मुझसे बिना कुछ कहे ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। मैंने उससे कहा कि तुम मुझसे बिल्कुल भी मत डरो और में किसी से कुछ भी नहीं कहूँगा। फिर उसने कुछ देर बाद बताया कि में यहाँ पर सन्नी से मिलने आई थी और उसने मुझे यहाँ पर मिलने बुलाया था। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे बैठने को कहा तो वो अब भी ज़ोर ज़ोर से रो रही थी। अब मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी मत डरो में किसी को कुछ नहीं कहूँगा और वो अब मेरे पास बैठ गई। तभी कुछ देर के बाद जब वो एकदम शांत हुई तो उसने मुझे बताया कि वो उससे एक बार पहले भी यहाँ पर मिल चुकी है, लेकिन चूमने चाटने, बूब्स को दबाने के आलावा उन्होंने कुछ नहीं किया था क्योंकि सन्नी का डर की वजह से खड़ा ही नहीं हुआ था। फिर मैंने उससे तुरंत कहा कि क्या तुम मेरे साथ वो सब करना चाहोगी? तो उसने मुझसे साफ मना कर दिया, लेकिन मेरे थोड़ा ज़ोर देने पर उसे बहुत देर तक समझाने पर वो अब ना जाने कैसे मान गई? अब मैंने उसे सन्नी को फोन करने को कहा और उससे कहा कि तुम उसको बोल दो कि में आज नहीं आ सकती और अब उसने ऐसा ही किया जैसा मैंने उससे कहा था। फिर मैंने उसके लाल लाल होंठो पर अपने होंठ रख दिए और अब धीरे धीरे चूसने लगा। वो भी कुछ देर बाद मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी। मैंने अब उसको अपनी बाहों में भर लिया तो उसने भी मुझे अपनी बाहों में ले लिया। दस बारह मिनट उसके होंठ चूसने के बाद में उसके कान, गाल और उस गदराए बदन पर किस करने लगा। वो मुझसे अब और भी चिपकती गई और अब वो आह्ह्ह्हह आईईईईईइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी और ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी। अब मैंने एकदम सही मौका देखकर उसकी कमीज़ को उतार दिया और अब में उसके बूब्स को बिल्कुल बाहर मेरे सामने देखकर पागल सा हो गया और में उन पर टूट पड़ा और उन्हें ज़ोर ज़ोर से दबाने, मसलने लगा। वो भी अब जोश में पूरी तरह पागल हो रही थी। तभी उसने अपनी ब्रा को ऊपर कर दिया और मेरा सर पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिया।

तो में भी अब उस मस्ती में उसके वो रसीले बड़े बड़े बूब्स को चूसने, दबाने लगा, लेकिन अब मेरा लंड खड़ा होकर मेरी पेंट को फाड़ने को तैयार हो रहा था, मैंने बूब्स दबाने चूसते समय उसका एक हाथ पकड़ा और मैंने उसे जल्दी से अपने लंड पर रख दिया। तो वो कुछ देर मेरे लंड की गरमी को महससू करने लगी उसको बहुत धीरे धीरे सहलाने लगी और में अब उसके वो रसभरे बूब्स चूस रहा था दबा रहा था मेरा मुहं उसके एक बूब्स पर, एक हाथ उसके बूब्स पर और मेरा दूसरा हाथ उसकी सलवार में उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी प्यासी चूत पर घुमने लगा। अब तक इस बात का फायदा उठाते हुए उसने मेरी पेंट को खोल दिया और मेरी अंडरवियर को भी नीचे कर दिया और मेरा पूरा लंड अपने हाथ में ले लिया। तो मैंने भी उसकी सलवार को खोल दिया और उसकी गीली पेंटी पर किस किया, लेकिन कुछ देर के बाद उसे भी उतार दिया।

फिर मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल साफ थोड़ी उभरी हुई थी। शायद उसने आज ही अपनी चूत के बालों को साफ किया था। में अब उसकी उस प्यारी सी कामुक चूत को देखकर और भी जोश में आ गया और में उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ फेरने लगा। मेरी जीभ का स्पर्श अपनी चूत पर होते ही वो अब तड़पने लगी और बिना पानी की मछली की तरह मचलने लगी। मैंने उसको 69 पोजीशन में ले लिया और उससे अपना लंड चूसने को कहा। उसने पहले तो साफ मना किया, लेकिन मेरे बहुत ज़ोर देने पर वो मेरे लंड को किस करने लगी और चाटने लगी। इधर में उसकी वो गीली चूत चाटने, चूसने लगा और अब में अपनी जीभ को चूत के अंदर बाहर करने लगा। उसने भी अब तक मेरा लंड थोड़ा सा मुहं में ले लिया था और फिर उसको ऐसा करना शायद अब अच्छा लगा तो उसने लंड को पूरा मुहं में ले लिया और चूसने लगी और इधर में उसकी चूत को जोश में आकर बहुत मस्त होकर चाट रहा था और चूस रहा था, लेकिन कुछ देर चूसने के बाद अब उसका पूरा शरीर अचानक से अकड़ने लगा और में समझ गया कि इसकी चूत का पानी अब निकलने वाला है। में अब और भी ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा जल्दी ही उसकी चूत का वो नमकीन सा पानी मेरे मुहं में आने लगा तो मैंने उसकी चूत को चाट चाटकर पूरी तरह से साफ कर दिया। वो मेरे सामने बिल्कुल निढाल होकर पड़ी हुई थी और में बस उसकी चूत को चाटे जा रहा था। वो अपनी चूतड़ को उठा उठाकर मुझसे अपनी चूत चटवाकर एकदम साफ करवा रही थी। फिर में कुछ देर बाद चूत को अच्छी तरह से साफ करके उठा और अब में उसके बूब्स को चूसने लगा। में उनको बहुत ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और मेरे कुछ देर तक ऐसा करने की वजह से वो एक बार फिर से गरम हो गई और फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज अब तुम्हे जो भी करना है करो, लेकिन जल्दी करो। में अब और नहीं सह सकती। प्लीज मेरी चूत में जल्दी से अपना लंड डालकर मुझे चोदकर वो मज़ा दो जिसके लिए में अब तक बैचेन हूँ।

फिर मैंने उसकी पूरी बात सुनकर उसको जल्दी से नीचे लेटाया और अब में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया। मैंने अपना लंड एक हाथ में पकड़ा और फिर उसकी चूत के दाने के आसपास फेरने लगा और थोड़ा अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से वो एकदम से तड़पने लगी और मुझसे बोली कि प्लीज अब डाल भी दो यार क्यों मुझे इतना तरसा रहे हो? अब मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो मेरा थोड़ा सा लंड उसकी चूत में चला गया और उसके मुहं से बहुत ज़ोर से आाईईईईईई आह्ह्ह्हह्ह मर गई मम्मी की आवाज़ निकली और वो अब दर्द से छटपटाने लगी, लेकिन मैंने उसके दर्द पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। मैंने जब दूसरा ज़ोर का झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया और वो ज़ोर ज़ोर से चीख चीखकर रोने लगी। मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रख दिया और अब दोबारा एक ज़ोर से झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी तड़पती, मचलती हुई चूत में फिट हो गया और उसकी चूत से खून बाहर आने लगा। में कुछ देर ऐसे ही रहा, लेकिन जब वो पूरी तरह से शांत हो गई तो में धीरे धीरे झटके मारने लगा।

अब मैंने महसूस किया कि वो भी नीचे से झटके मारने लगी थी और वो आहह्ह्हह्ह्ह्ह मर गई मम्मी उह्ह्ह्हह्ह थोड़ा और ज़ोर से करो हाँ और अंदर डालो उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी। मैंने उसको उठाया और खड़ा करके उसके एक पैर को उस चारपाई पर रखकर चोदने लगा। वो मुझे अपनी बाहों में लेकर खुद भी झटके मारने लगी। कुछ समय खड़े खड़े चुदाई करने के बाद में लेट गया और उसको अपने ऊपर आने को कहा। वो अब मेरे लंड पर बैठकर ऊपर नीचे होने लगी और आईईईई मम्मी मर गई आहहह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी, लेकिन दोस्तों वो इस बीच दो बार झड़ चुकी थी और अब मेरा भी काम पूरा होने वाला था। मैंने एक बार फिर से उसको सीधा लेटा दिया और ऊपर से लंड उसकी चूत में डाल दिया और अब में उसे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा। दो मिनट के धक्को के बाद मैंने उससे पूछा कि में अपना वीर्य कहाँ पर निकालूँ? तो उसने मुझसे कहा कि आप मेरी चूत के अंदर ही निकाल दो, में उसको महसूस करना चाहती हूँ और करीब 10-15 झटकों के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया और मेरे साथ ही वो भी झड़ गई। मेरे और अब उसका पानी उसकी चूत से निकलकर उसकी गांड की दरार से होकर नीचे टपक रहा था। मैंने उसकी चूत को साफ किया और उसने मेरे लंड को साफ किया। इतने में लाईट भी आ गई थी। मैंने मोटर चलाई और उसको साथ लेकर टंकी जिसमे मोटर का पानी गिरता है उसमे नहाने लगा। में अब पानी के बीच उसके बूब्स को चूसने लगा। मुझे यह सब करने से बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उसको टंकी की एक साइड पर बैठाया और मैंने एक बार फिर से लंड उसकी चूत में डाल दिया और अब वो आहह्ह्ह्हह्ह उह्ह्ह्हह्हहह मर गई आईईईई हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे कर रही थी। मैंने उसको फिर से टंकी के बीच में ही घोड़ी बना लिया और फिर पीछे से अपना लंड डाल दिया। जिसकी वजह से अब पानी उनकी चूत से एक इंच नीचे तक था और उसके बूब्स भी पानी में पूरी तरह डूबे हुए थे और दस मिनट ऐसे ही चोदने के बाद हम एक बार फिर से उस चारपाई पर आ गये।

अब वो मेरे ऊपर बैठकर खुद अपनी चूत में मेरा लंड ले रही थी। में बस उसकी कमर को पकड़कर उसको सहारा दे रहा था। वो अब मेरे लंड पर लगातार उछल रही थी और मेरा लंड उसकी चूत की गहराईयों में जाकर उसकी बच्चेदानी को छू रहा था। उसको ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन कुछ समय के बाद मैंने उसको सीधा लेटा दिया और अब में उसके ऊपर आकर उसे चोदने लगा। करीब दस मिनट धक्के देने के बाद हम दोनों एक बार फिर से एक साथ झड़ गये। दोस्तों वो अब तक पांच बार झड़ चुकी थी और अब बहुत थक भी चुकी थी जब मैंने टाईम देखा तो उस समय रात के दो बज रहे थे। वो मुझसे बोली कि मुझे अब अपने घर पर जाना है। फिर हम दोनों एक बार और पानी के अंदर गये और साथ साथ नहाकर बाहर आए। उसने जल्दी से कपड़े पहने और मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए और अब में उसको उसके घर पर छोड़ने चला गया। वैसे उसका घर पास ही था तो चलते समय रास्ते में उसने मेरा मोबाईल नंबर ले लिया और अपने घर के पास जाकर उसने मुझे किस किया और फिर चली गई, लेकिन उसके बाद भी अक्सर हम मिलते और चुदाई करते है। मैंने उसको बहुत बार चोदा और उसने मेरा हमेशा पूरा पूरा साथ दिया। मैंने उसके उस रात के बाद भी बहुत बार अपने खेत पर तो कभी अपने और कभी उसके घर पर चोदा ।।

धन्यवाद …