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गुलाबी चूत खुल गई (Gulabi choot khul gayi)

प्रेषक : आदित्य

हैल्लो रीडर्स सबसे पहले सभी चूत वालियों को मेरे इस खड़े लंड का प्रणाम और मेरे प्यारे भाईयो आपको भी। दोस्तो मेरा नाम आदित्य है और में जयपुर से इंजिनियरिंग कर रह हूँ। यूँ तो मुझे सेक्स का बहुत मन करता था लेकिन लड़कियो के पास जाने से भी डर लगता था। दोस्तो ये घटना मेरे साथ पिछले महीने घटी में अपनी वोकेश्नल ट्रैनिंग के लिए दिल्ली गया हुआ था और दिल्ली मे मेरे मामा जी भी रहते है में उनहीं के यहाँ पर रहकर अपनी ट्रैनिंग कर रहा था। मेरी एक गर्लफ्रेंड जिसका नाम रागिनी है वो भी दिल्ली मे ही रहती है और उसी ने मुझे फोर्स किया था के में वहीं से ट्रैनिंग करूं। फिर में दिल्ली जाकर बहुत उत्साहित था और बहुत थका हुआ भी था तो में आकर सो गया। फिर करीब 12 बजे मेरी मामी ने मुझे जगाया में फ्रेश हुआ और खाना खाकर निकल पड़ा रागिनी से मिलने मैंने उसे फोन करके मिलने बुलाया।

दोस्तो पहले में कुछ रागिनी के बारे मे बता देना चाहता हूँ। रागिनी की उम्र 22 साल है और हाईट 5.4 इंच रंग गोरा है। दोस्तो यूँ तो आपने बहुत लड़कियो को देखा होगा लेकिन में दावा करता हूँ की रागिनी की गांड देखकर अगर आपका लंड खड़ा ना हो गया तो में चुदाई करना छोड़ दूँगा। वो बहुत सेक्सी लड़की है, उसके फिगर का साईज 34-28-32 है और उसको देखकर अच्छे अच्छो के लंड अपना पानी छोड़ देते थे वैसे तो वो बहुत पतली थी लेकिन उसकी चुची और गांड ज़रूरत से ज्यादा ही बड़े थे और में हमेशा से ही उसे चोदना चाहता था लेकिन कभी ऐसा मौका नहीं मिला कि हम एक दूसरे के साथ कुछ कर सके दोस्तो आज वो ब्लेक टॉप और ब्लू जीन्स पहन कर आई थी। कसम से में उसे देखता ही रह गया, क्या कयामत लग रही थी। उसने आते ही मेरा हाथ पकड़ा, मुझे ऐसा लगा कि किसी ने मेरे हाथ मे 11000 वॉल्ट का तार पकड़ा दिया हो। फिर में अचानक से चोंक गया खैर दोस्तो में आपको ज़्यादा दूर ना ले जाकर सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ।

हम लोग एक केंटिन में ही एक कोने मे बैठ कर बाते करने लगे। फिर उसने बताया कि आज शाम को मेरे पापा एक शादी मे जाने वाले है तो अगर में चाहूँ तो उसके घर आ सकता हूँ क्योंकि वो लोग शाम के चार बजे निकलने वाले थे और देर रात तक वापस आने वाले थे। तभी में ख़ुशी से भर उठा और मैंने सोच लिया कि आज तो कुछ भी हो जाये में इसे चोदकर ही रहूँगा। फिर ऐसे ही हम बैठकर बात करते रहे फिर हमे बाते करते करते तीन बज गये और वो घर जाने लगी और उसने कहा कि जैसे ही उसके मम्मी पापा जाएँगे वो मुझे फोन कर देगी।

दोस्तो मेरा लंड तनकर खड़ा हो चुका था मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। तभी मैंने जल्दी से मेडिकल स्टोर से एक कंडोम का पेकेट लिया और पास के ही बार मे जाकर एक बियर पीने लगा। फिर चार बजने ही वाले थे कि तभी रागिनी का फोन आया और उसने कहा कि उसके पापा मम्मी चले गये है। फिर में जल्दी से उठा और उसके घर की तरफ निकल लिया। मैंने उसके घर पहुच कर डोर बेल बजाई। तभी उसने गेट खोला तो में उसे देखता ही रह गया। दोस्तों उसने एक मेक्सी पहना हुआ था जो कि पारदर्शी था और उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ साफ साफ दिख रही थी और उसने ब्लेक कलर की ब्रा पहन रखी थी। खैर में अंदर गया और इधर उधर की बातें करने लगा वो मुझे पकड़ कर बैठी थी और में बात करते हुये बार बार उसकी चूचियाँ छू रहा था और वो मना भी नहीं कर रही थी। फिर दोस्तो नशे मे सेक्स करने का मजा दौगुना हो जाता है। फिर मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था दोस्तो ये कहानी लिखते समय मेरा लंड तनकर तंबू हो गया है और में अभी अभी मुठ मार कर आ रहा हूँ। फिर मैंने उसे कहा कि में उसके साथ सेक्स करना चाहता हूँ लेकिन उसने मना कर दिया। लेकीन में भी कहाँ मानने वाला था। फिर मैंने उसे उसका रूम दिखाने को कहा और तभी वो मुझे अपने रूम मे लेकर गई और हम वहाँ पर बैठकर बातें करने लगे। तभी मैंने नोटीस किया कि वो बार बार मेरी पेंट की तरफ देख रही थी क्योंकि मेरा लंड तनकर तंबू हो चुका था और पेंट के ऊपर से साफ साफ दिख रहा था। फिर बात करते करते अचानक से मैंने उसे अपनी बाँहों मे भर लिया और उसे फ्रेंच किस करने लगा लेकिन पहले तो उसने मुझे मना किया लेकिन फिर वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी क्योंकि शायद उसे भी अब अच्छा लग रहा था।

तभी में मेक्सी के ऊपर से ही उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ को दबा रहा था। फिर दोस्तो में बता नहीं सकता की उस समय में कितना गरम था। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और में उसकी मेक्सी खोलने लगा वो मुझे बार बार मना कर रही थी लेकिन मैंने भी आज मन में ठान लिया था कि आज तो बस कैसे भी उसको चोदना है। फिर मैंने एक एक करके उसकी मेक्सी ब्रा और पेटिकोट उतार दिया लेकिन अब वो बस पेंटी मे थी। फिर उसके मखमल जैसे शरीर को देखकर मेरा मन रोमांचित हो उठा और तभी में उसकी पूरी बॉडी पर किस करने लगा। फिर उसके मुहं से हल्ही हल्की आवाज़े आ रही थी, शायद वो भी गरम हो रही थी।

फिर में किस करते करते उसकी चूचियों को दबाए जा रहा था और उसे अब बहुत मजा आ रहा था और उसकी चूची का साईज़ 34 था एक तो वो वैसे ही गोरी थी और ऊपर से उसकी गुलाबी निप्पल ने मुझे और पागल कर दिया था। फिर उसकी चूची एकदम टाईट थी फिर मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी आअहह क्या चूत थी उसकी, एकदम गुलाबी उसकी चूत पर बाल नहीं थे। वो एकदम शेव की हुई थी। तभी मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसकी चूत पर टूट पड़ा। मैंने आज पहली बार किसी लड़की की गुलाबी चूत देखी में तो बस पागल हुआ जा रहा था। फिर में उसकी जाँघो को चूमने लगा। उसकी चूत से थोड़ा थोड़ा पानी आ रहा था। तभी मैंने अपने दोनो हाथों से उसकी चूत को चौड़ा किया और उसके अंदर अपनी जीभ डालने लगा। फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत मे अपनी जीभ डाली वो तड़प उठी अब वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी लेकिन में अभी उसे और तड़पाना चाहता था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में उसकी चूत चाटने और चूसने लगा। उसने मेरा सर पकड़ लिया और अपनी चूत को गांड उठा उठा कर चुसवाने लगी और उसके मुहं से हल्की हल्की सिसकियाँ निकल रही थी। ऊहह आहह बस करो बस करो और फिर में उसकी चूत चूसता रहा मैंने चूत करीबन पांच मिनट तक चूसी कि तभी अचानक से उसकी चूत सें पानी आने लगा शायद वो झड़ चुकी थी। फिर वो थोड़ी देर के लिए शांत पड़ गई अब में अपनी एक उंगली उसकी चूत मे घुसाने लगा उसे बहुत दर्द हो रहा था क्योंकि उसकी चूत बहुत टाईट थी। फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसाकर चूत के अंदर बाहर उसे चारो तरफ घूमाने लगा। तभी वो फिर से गरम होने लगी अब मुझसे रहा नहीं जा था लेकिन में चाहता था कि वो दोबारा से गरम हो जाए जिससे कि वो चुदाई मे मेरा साथ दे सके।

फिर में उसकी चूत मे उंगली अंदर बाहर करने लगा और वो भी मस्ती मे आने लगी और बोलने लगी कि प्लीज़ अब और मत तड़पाओ प्लीज़ मुझे चोद दो मेरे राजा। तभी मैंने भी फिर देर करना उचित नहीं समझा और मैंने अपना अंडरवियर खोला और अपने लंड पर कंडोम लगाकर उसकी चूत के पास अपने लंड को रखकर रगड़ने लगा चूंकि मेरा लंड काफ़ी बड़ा और मोटा भी था। तभी में आराम से उसकी चूत मे अपना लंड घुसाने लगा लेकिन दोस्तों उसकी चूत इतनी टाईट थी कि मेरा सुपाड़ा भी अंदर नहीं जा सका। तभी में किचन मे गया और वहाँ से तेल ले आया और उसकी चूत पर लगाकर अपने लंड को हल्का सा चूत पर रखकर दबाया। तभी करीब तीन इंच लंड उसकी चूत मे चला गया। फिर उसके मुहं से एक चीख निकल गई आहह वो दर्द से चिल्लाने लगी प्लीज़ बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है मेरी चूत फट जाएगी प्लीज़। तभी में उसके ऊपर लेट गया और उसके होंठो को चूसने लगा। तभी कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने एक और झटका लगाया और मैंने उसे कहा कि पहली बार दर्द होगा लेकिन थोड़ी देर बाद मजा आने लगेगा। तभी मैंने दूसरा झटका लगाया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए अंदर तक घुस गया और उसकी आँखो से आंसू आने लगे।

फिर में लंड को धीरे धीर अंदर बाहर करने लगा अब उसका दर्द धीरे धीरे कम हो रहा था और उसे मजा आने लगा था और फिर उसने अपने दोनों पैरो से मुझे जकड़ लिया और गांड उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी वो मदमस्त हो रही थी। तभी मैंने अपनी रफ़्तार बड़ा दी अचानक से उसने मुझे बहुत तेज पकड़ लिया और बोलने लगी कि और ज़ोर से चोदो प्लीज़ हाँ और जोर से मुझे बहुत मजा आ रहा है आओ यार प्लीज़ चोद दो मुझे। तभी में भी जोश में आ रहा था और में उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा। तभी उसने अपना दूसरी बार पानी छोड़ दिया अब में भी झड़ने वाला था। फिर में पूरी ताक़त के साथ उसे चोदने लगा पूरे कमरे मे फच फच की आवाज़ गूँज रही थी। तभी में उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया फिर कुछ देर बाद मैंने उसकी गांड मारने के लिए भी कहा लेकिन अब रात के 10 बजने वाले थे और उसके मम्मी पापा कभी भी आ सकते थे तो मुझे वहाँ से जाना पड़ा। फिर उसके कुछ दिनो के बाद मैंने उसे उसके घर पर जाकर पूरे दिन चोदा और उसने भी चुदाई के पूरे पूरे मजे लिये ।।

धन्यवाद …