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दोस्त की गर्लफ्रेंड को चोदकर खुश किया

प्रेषक : शिवम …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शिवम है और यह मेरी AntarvasnaSEX.Net पर पहली कहानी है और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों मुझे सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में बहुत सालों से सेक्सी कहानियाँ पड़कर मज़े कर रहा हूँ। मुझे किसी भी उम्र की चूत को चोदने में बहुत मज़ा आता है क्योंकि में उसे अपने लंड से चोदकर बिल्कुल शांत कर देता हूँ। दोस्तों में उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ, लेकिन में अभी दिल्ली में रहता हूँ। मेरी हाईट 5.9 है और में दिखने में एकदम ठीकठाक हूँ। मेरे लंड का साईज़ 7 इंच है और अब आप सभी का ज़्यादा समय खराब ना करते हुए में सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह मेरे एक बहुत ही अच्छे दोस्त की गर्लफ्रेंड और मेरी कहानी है और अभी कुछ समय पहले की एक सच्ची घटना है। अब में अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड के बारे में बताता हूँ। दोस्तों उसका नाम नेहा है और उसकी लम्बाई 5.3 है। उसके फिगर का साईज 34 -28 -36 है। दोस्तों उसकी गांड, बूब्स दिखने में बहुत मस्त है और वो हमेशा बिल्कुल चिपके हुए कपड़े पहनती है और उन कपड़ो की वजह से वो और भी ज्यादा सेक्सी लगती है, लेकिन में बस उसे देखकर उससे बात चीत करके अपना काम चला लेता हूँ और हमारे बीच उससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ।

फिर एक बार की बात है। मेरे उसी दोस्त ने मुझसे कहा कि उसे अपनी गर्लफ्रेंड से कहीं अकेले में मिलना है तो वो मुझसे बोला कि उसे कोई ऐसी जगह बता दे कि जहाँ पर सिर्फ वो और में बिल्कुल अकेले में मिल सके। वहां पर हमे कोई कुछ कहने वाला ना हो। मैंने उससे बोला कि ठीक है, लेकिन तू थोड़ा समय रुक, में तेरा कोई ना कोई जुगाड़ कर दूँगा। वो मेरी यह बात सुनकर मुझसे बोला कि, लेकिन तू मेरा जुगाड़ थोड़ा जल्दी करवाने की कोशिश करना क्योंकि मुझसे अब बिल्कुल भी सब्र नहीं होता, वैसे हालत उसकी भी कुछ ऐसी ही थी। शायद आग दोनों तरफ बराबर लगी है। दोस्तों में भी अब उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया क्योंकि मुझे भी उसे चोदने का मौका मिल सकता था। फिर ऐसे ही करते करते कई दिन निकल गये, लेकिन कोई जुगाड़ नहीं हो सका और फिर एक दिन मैंने उसे फोन किया और उससे कहा कि तू उसे एक दिन मेरे गावं में ले चल वहां पर हमारा एक ट्यूबवेल है जहाँ पर एक छोटा सा कमरा बना हुआ है और वहां पर कोई भी नहीं रहता है। उसने मुझसे बोला कि ठीक है। दोस्तों अब मेरा प्लान काम करने लगा और फिर एक दिन वो मेरे साथ अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर मेरे गावं के लिए निकल गया। दोस्तों हम दोनों ड्रिंक करते है तो मैंने एक बॉटल दारू की पहले से ही ले ली थी और फिर वहां पर पहुंचकर मैंने उन दोनों को ट्यूबवेल के रूम में बैठा दिया और में उनसे बोला कि में हमारे लिए कुछ खाने पीने को लाता हूँ। उनसे यह बात कहकर में वहां से निकल गया और अपने गावं जाकर कोल्ड ड्रिंक और कुछ खाने के लिए ले आया, लेकिन थोड़ी दूर चलने के बाद मैंने रुककर रास्ते में कोल्ड ड्रिंक में शराब मिला दी और लौटकर उनके पास आ गया। अब मैंने वो कोल्ड ड्रिंक उसकी गर्लफ्रेंड को पिलाई और हम दोनों बैठकर पेग पीने लगे। दो पेग अंदर करने के बाद अब मेरे दोस्त को धीरे धीरे नशा होने लगा और अब मेरी नज़र उसकी गर्लफ्रेंड के बूब्स पर थी। उसने उस समय बिल्कुल टाईट टॉप और जींस पहनी हुई थी। नेहा को भी कुछ देर में नशा असर दिखा रहा था। तभी मेरे दोस्त ने नेहा को अपने पास बुलाकर उसे साईड से पकड़ लिया और फिर वो उससे इधर उधर की बातें करके हुए अपने एक हाथ से धीरे धीरे सहलाने लगा और में उसे घूरे जा रहा था। फिर मैंने इस बात का फायदा उठाकर अपने दोस्त के पेग में ज़्यादा दारू डालकर उसे पिला दी। धीरे धीरे वो नशे में एकदम फेल हो गया और फिर वो वहीं पर लेटकर सो गया। मैंने देखा कि नेहा भी अब नशे में बैठी हुई झूम रही थी और मैंने अपने दोस्त को उठाने के लिए उसे आवाज़ लगाई और उसे धीरे से हिलाने लगा। में यह देखना चाहता था कि वो सो गया या अभी भी होश में है, लेकिन वो तो एकदम बेसूध होकर पड़ा रहा और फिर मैंने नेहा को एक और छोटा सा पेग पिला दिया और उसके पास जाकर बैठ गया और अब में मौके का फायदा उठाकर उसकी कमर को सहलाने लगा, लेकिन उसने मेरे इस तरह अचानक से उसकी कमर को छूने का कोई भी विरोध नहीं किया। में अब धीरे धीरे उसे सहलाने लगा और कुछ देर बाद मैंने उससे बोला कि चलो अब हम इसे उठाकर चारपाई पर लेटा देते है और फिर मैंने उसकी मदद से अपने दोस्त को चारपाई पर लेटा दिया और अब में नीचे नेहा के पास बैठकर बातें करने लगा। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.Net पर पड़ रहे है।

अब में उसे धीरे धीरे उसकी कमर को सहलाने लगा, लेकिन बहुत देर तक कंट्रोल करने के बाद मैंने अचानक से उसकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया और फिर सहलाने लगा, लेकिन वो मुझसे कुछ बोल नहीं पा रही थी। फिर उसने अचानक से अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़ कर दूर हटा दिया, लेकिन मैंने एकदम से उसे पकड़कर मैंने उसके नरम, गुलाबी होंठो को चूमना शुरू कर दिया। वो मुझे हटाने लगी, लेकिन उसकी हर एक कोशिश अब एकदम बेकार थी और अब मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। वो रोने लगी, लेकिन थोड़ी देर किस करने और बूब्स को दबाने के बाद वो अब धीरे धीरे जोश में आकर गरम होने लगी थी और वो भी अब मेरे किस का जवाब देने लगी। उसने अब मेरा पूरा पूरा साथ देना शुरू कर दिया। फिर मैंने सही मौका देखकर उसके टॉप को उतार दिया और मैंने देखा कि उसने अंदर सफेद रंग की जालीदार ब्रा पहनी हुई थी। दोस्तों उसके वाह क्या मस्त बड़े बड़े बूब्स थे, में उसके ऊपर टूट पड़ा और में उसके दोनों बूब्स को अब ज़ोर ज़ोर से सक करने लगा और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी उह्ह्ह हाँ दबाओ इन्हें हाँ और ज़ोर से दबाओ आईईईई और फिर में एक हाथ से उसकी जींस के ऊपर से चूत को सहलाने लगा था। वो अब मोन करने लगी आह्ह्ह्हहह हाँ खा जाओ इन्हे चूसो और तेज चूसो, इन्हे पी जाओ। फिर मैंने उसकी बैचेनी को देखकर उसकी ब्रा को भी जल्दी से उतार दिया और उसके दोनों बूब्स को एकदम आजाद कर दिया। फिर मैंने उसकी जींस को भी उतार दिया, अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी। अब उसने भी मेरी टी-शर्ट को उतार दिया। में धीरे धीरे ऊपर नीचे चूमता हुआ अब उसकी नाभि को अपनी जीभ से चोदने लगा और वो एकदम से तड़प उठी और अब बहुत ज़ोर ज़ोर से मोन करने लगी। मैंने खड़े होकर अपनी जींस को भी उतार दिया और अब उसकी वो बिल्कुल गीली पेंटी भी जो अब तक चूत रस से पूरी गीली हो चुकी थी, लेकिन दोस्तों उसकी क्या मस्त चूत थी। में तो उसे अपने सामने देखकर एकदम पागल हो गया और अब में उसकी गुलाबी, गीली, कामुक चूत पर टूट पड़ा और फिर में उसकी चूत को चूसने लगा और अपनी जीभ से चोदने लगा। वो अपने दोनों हाथों से मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थी और कह रही थी कि हाँ खा जाओ इसे उह्ह्ह्ह्ह निकाल दो आज मेरी पूरी गरमी पी जाओ मेरा सारा रस उह्ह्ह्ह आईईइ। दोस्तों अब उसकी चूत का पानी निकलने वाला था क्योंकि वो मुझे उसके उछलने कूदने और फिर एकदम से अकड़ने से पता चल गया।

मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली डालकर ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करके उसका चूत रस निकाल दिया। वो कुछ देर बिल्कुल शांत होकर पड़ी रही, लेकिन वो अपने चेहरे से मुझे बहुत खुश दिख रही थी। मैंने उसकी चूत को चाट चाटकर अच्छी तरफ साफ कर दिया। अब में अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रगड़ने लगा तभी उसने मुझसे कहा कि क्या बस ऐसे ही करते रहोगे या इसके आगे कुछ और भी करोगे? तो मैंने उसके मुहं से यह बात सुनकर अपने लंड को एक ही झटके में पूरा का पूरा अंदर घुसा दिया और अब में उसे ज़ोर ज़ोर से ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदने लगा। मेरे हर एक धक्के ने उसके मुहं से चीखने, चिल्लाने की आवाज को बढ़ा दिया और मेरा लंड सीधा उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था। जिसकी वजह से वो अब रोने लगी और मुझसे लंड को चूत से बाहर निकालने की बात कहने लगी, लेकिन में बस अपनी मस्ती में मस्त होकर पूरे जोश में आकर उसे धक्के देता रहा और उसने बूब्स को सहलाता रहा और करीब तीस मिनट के लगातार धक्को के बाद में उसकी चूत में झड़ गया। मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया और अब में उसके ऊपर लेटकर उसके निप्पल को चूसने लगा।

फिर कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो उसने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और मुझे अपनी इस चुदाई के लिए धन्यवाद दिया। उसने मुझसे कहा कि आज तुमने मुझे इस तरह चोदकर बहुत खुश कर दिया है और मुझे तुम्हारा चोदने का तरीका बहुत अच्छा लगा। दोस्तों उसके बाद मैंने उसको कुछ देर बाद एक बार फिर से चोदा और उसके बाद हम तीनों वहां से वापस चले आए और अब में उसको हर कभी अपने पास बुलाकर चोदता हूँ। मैंने एक बार उसको उसके घर पर भी चोदा और बहुत मज़े किए ।।

धन्यवाद …