Home / कॉलेज सेक्स / दोस्त की दीदी की चुदास: Dost ki didi ki chudas

दोस्त की दीदी की चुदास: Dost ki didi ki chudas

प्रेषक : मयंक ..

हैल्लो फ्रेंड्स.. में मयंक आप सभी के सामने AntarvasnaSEX.Net पर एक नई स्टोरी लेकर हाजिर हुआ हूँ। मेरी उम्र साल 22 है मेरी हाईट 5.7 है और मेरा लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है। दोस्तों मेरी यह स्टोरी एक सच्ची कहानी है और यह तीन साल पुरानी बात है जब में वर्जिन था तब कैसे मैंने पहला सेक्स किया? में आज आप लोगों को बताता हूँ। हाँ तो फ्रेंड्स आप सभी का टाईम खराब ना करते हुए में आपको सीधे बताता हूँ कि कैसे में अपने एक दोस्त की बहन को चोदने में सफल हुआ हाँ तो दोस्तों हुआ यूँ कि मेरा एक स्कूल का बहुत अच्छा दोस्त था और उसकी बहन थी शिल्पा.. वो मुझसे दो साल बड़ी थी। में उसकी बहुत इज़्ज़त करता था और वो भी मुझे बहुत इज़्ज़त देती थी। फिर जब में 12th पास हुआ तो मैंने एक कॉलेज में एडमिशन लिया और मेरे दोस्त ने पुणे में जाकर अपनी पड़ाई करना शुरू कर दिया। मेरे दोस्त की बहन का नाम शिल्पा है और में जबलपुर में रहकर ही बी-कॉम कर रहा था.. दोस्तों कहने को तो शिल्पा दीदी मुझसे दो साल बड़ी थी.. लेकिन उन्होंने बी-कॉम के लिए एडमिशन एक साल पहले ही लिया था। तो वो मुझसे एक साल बस बड़ी थी और वो बीकॉम 3rd में थी और मैंने भी उसी कॉलेज में एडमिशन ले लिया ताकि मुझे उनकी मदद मिल जाए।

पहले में आपको उनके बारे में बता दूँ.. वो बहुत ही सेक्सी आईटम लगती है, उनकी आँखें हिरनी जैसी और बूब्स बड़े-बड़े.. मन करता था कि अभी पकड़कर चूसने लग जाऊँ और उनकी गांड के बारे में क्या कहना बहुत मोटी गांड है और उनका फिगर 38-35-36, उनके दूध का साईज़ कुछ ज्यादा ही था.. लेकिन उनके बूब्स गजब के है, कुल मिलाकर चुदाई करने लायक। वो मुझसे इतने अच्छे से बात करती थी कि मेरा मन करता था कि उनके होंठ को घंटो तक चूसता रहूँ.. लेकिन मुझे ऐसा मौका नहीं मिला और फिर देखते ही देखते एक साल बीत गया और अब वो अपने आखरी साल में चली गयी। दोस्तों जैसा कि मैंने आपको बताया है कि मेरा दोस्त पुणे में था और मेरा उसके घर पर आना जाना कम ना हो जाए इसलिए में दीदी से बातचीत करता था.. में उनसे कॉलेज के नोट्स लेता रहता था। वो क्या है ना कि मुझे दीदी को देखने की बहुत इच्छा होती थी तो में उसके घर पर चला जाता था। पूरे एक साल में शायद ही ऐसा कोई दिन होगा जब में उनसे ना मिला.. में उनके घर जाकर सीधे उनसे पूछ लेता था जो कुछ भी मुझे नहीं आता था और ऐसे ही समय निकलता जा रहा था। फिर में भी अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया और उनसे अगले साल के नोट्स ले लेता था और पढ़ाई करता। फिर एक दिन जब में उनसे 2nd साल के नोट्स लेने के लिए गया तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम एक काम करो मेरे पास अभी तो यहाँ पर नोट्स नहीं है.. लेकिन तुम मेरे घर आ जाओ और आकर ले जाना। तो मैंने पूछा कि में कब आऊँ? तो उन्होंने कहा कि तुम कल सुबह आ जाना और जब में दूसरे दिन उनके घर पर गया तो उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और में उनके रूम में जाकर बैठ गया और वो नोट्स निकालने लगी और में हमेशा की तरह उनको घूर रहा था। दोस्तों में आपको बता दूँ कि मेरे दोस्त के पापा नहीं है और घर में सिर्फ़ उसकी मम्मी, दीदी और वो है और उसकी मम्मी सरकारी नौकरी करती है तो वो हर रोज सुबह 10:30 बजे अपने घर से निकल जाती है। फिर जब में उनके घर पर पहुंचा तब 9 बजे थे और में जब दीदी को घूरने में व्यस्त था तभी आंटी मेरे और दीदी के लिए शरबत लेकर आ गई और फिर मैंने उनसे अपनी नज़रे चुराते हुए नीचे की और देखने लगा। फिर आंटी ने मुझे शरबत दिया और कहा कि बेटा कैसे हो? और घर में सब कैसे है? तो मैंने कहा कि जी आंटी सब लोग एकदम ठीक है और आप कैसे है? तो वो बोली कि बेटा में भी ठीक हूँ और फिर वो दीदी से बोली कि में नहाने जा रही हूँ और वो नहाने चली गई।

फिर उसके बाद दीदी ने कहा कि राहुल मुझे अभी यह थोड़े बहुत नोट्स मिले है। तुम अभी इनको ले जाओ.. में बाकि बाद में ढूढ़कर और दे दूंगी। फिर ऐसे ही कुछ दिन चलता रहा और मेरा उनके घर में आना जाना बड़ता रहा और फिर एक दिन शिल्पा दीदी का फोन आया कि राहुल मेरे कंप्यूटर में बहुत ज्यादा वाईरस आ गए है और कंप्यूटर बहुत धीमा हो रहा है। तुम प्लीज़ आकर एक बार इसको देख लेना। तो मैंने कहा कि ठीक है दीदी में जल्दी ही आ जाऊंगा और फिर में एक दिन करीब 12:30 बजे दीदी के घर गया और उस टाईम वो घर में एकदम अकेली थी.. मैंने घर की बेल बजाई.. तो दीदी ने दरवाज़ा खोला। उस टाईम दीदी ने एक बहुत ही ढीला गाऊन पहना हुआ था और ऊपर से वो एकदम जालीदार था। में क्या बताऊँ उन्होंने काले कलर का गाऊन पहना हुआ था और सफेद कलर की ब्रा और पेंटी पहने हुई थी जिससे अंदर सब कुछ साफ साफ दिख रहा था यहाँ तक की उनकी नाभि भी साफ साफ दिख रही थी। फिर उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और सीधे अपने रूम में चली गई और बोला कि राहुल जल्दी से मेरा कंप्यूटर ठीक कर दो और एंटीवाइरस भी डाल दो। तो मैंने कहा कि ठीक है दीदी आप रूको में 30 मिनट में ठीक कर दूँगा और मैंने उनका पीसी फॉर्मेट करना चालू कर दिया और जब लास्ट के 2-3 मिनट का काम बचा था तब दीदी बोली कि राहुल में नहाने जा रही हूँ।

तो मैंने उनसे कहा कि ठीक है दीदी.. आप जाओ में अभी कंप्यूटर चला रहा हूँ और जब दीदी नहाने के लिए बाथरूम के पास गई तब तक उनका कंप्यूटर पूरा ठीक हो चुका था और फिर मैंने कंप्यूटर को चालू किया और में यही देखना चाहता था कि क्या दीदी सेक्स वीडियो देखती है? फिर मैंने उनकी ड्राइव को चेक करना चालू किया और मैंने जैसे ही हिडन फोल्डर देखा तो सब कुछ साफ साफ हो गया कि वो क्या क्या करती है? और उनका तो 70% कंप्यूटर पॉर्न वीडियो से भरा हुआ था और मैंने वो वीडियो देखना चालू किया और थोड़ी देर तक देखता रहा और में जब वीडियो देख रहा था तो मुझे ऐसा लगा कि कोई मेरे पीछे खड़ा है और मैंने तुरंत वीडियो बंद कर दिया और एकदम शांत बैठ गया.. तो थोड़ी देर के बाद दीदी आई और बोली कि में चाय लेकर आती हूँ और जैसे ही वो बाहर गई मैंने फिर से वही फोल्डर खोल लिया और फिर जैसे ही वो अंदर आने लगी तो मैंने उसे बंद कर दिया। वो मुझे देखकर स्माइल देने लगी और मुझे थाड़ा सा शक हुआ.. हम दोनों चाय पीते पीते बातें करने लगे। तब मैंने देखा कि मुझे दीदी की छाती साफ साफ दिख रही थी और में तो उसे ही देख रहा था.. दीदी समझ गयी थी लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा.. बल्कि और भी ज्यादा दिखाने लगी। तो देखते देखते दीदी ने मुझसे पूछा कि क्या तुम ब्लू फिल्म देखते हो? मैंने कहा कि दीदी आप यह क्या पूछ रही हो? और मैंने कह दिया कि नहीं में यह सब नहीं देखता हूँ। फिर दीदी ने कहा कि तुम झूठ तो मत बोलो.. मैंने तुम्हे दरवाज़े से देखा है कि तुम मेरे कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहे थे। तो मैंने अपनी आँखें नीचे कर ली और दीदी ने कहा कि शरमाने की क्या बात है? में भी देखती हूँ फिर धीरे धीरे हम दोनों के बीच में सेक्सी बातचीत शुरू हो गई। फिर दीदी ने मुझसे पूछा कि क्या मैंने कभी ट्राई किया है? तो मैंने नहीं कह दिया और फिर मैंने दीदी से पूछा कि क्या दीदी आपने कभी ट्राई किया है? तो दीदी ने कहा कि में हमेशा बाथरूम में जाकर अपने बूब्स को मसाज करती हूँ। तो मैंने मन ही मन में सोचा कि शायद दीदी के बूब्स इसलिए इतने बड़े बड़े है.. तब मैंने दीदी से कहा कि क्या आप मेरे साथ सेक्स करोगी?

तो दीदी ने कुछ नहीं बोला बस स्माईल कर दी और में समझ गया कि मेरी लाईन साफ है.. मैंने दीदी को एकदम से पकड़ा और किस कर दिया। पहले तो दीदी सोच में पड़ गयी और फिर दीदी भी मुझे चूसने लगी और में धीरे धीरे दीदी के कपड़े उतारने लगा.. उसने अपनी आँखें बंद कर ली थी और मेरे होंठो को चूस रही थी और मेरे मुहं में अपनी जीभ डाल रही थी और कभी कभी मेरी जीभ को चूस रही थी जिससे में बहुत गरम हो चुका था और वो भी बहुत मस्त हो चुकी थी मेरा सीना उसकी छाती से टकरा रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने दीदी के बालों को खोल दिया और फिर मैंने दीदी की मेक्सी को उतार दिया और उसके बूब्स बहुत मस्त लग रहे थे। उनके अच्छे बड़े बड़े बूब्स थे और थोड़ी देर में हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे.. लेकिन हम अभी भी एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे और धीरे धीरे में उनकी गर्दन को चूसने लगा तो वो पागल हो रही थी। मैंने उनके कान को काट लिया और वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी और में उनको चूमते चूमते उनकी गांड को भी हाथ से सहला देता। फिर मैंने उनको बिस्तर पर लेटा दिया और धीरे से उनकी चूत पर हाथ लगाया तो वो गीली हो चुकी थी। मुझे समझ आ चुका था कि अब वो भी पूरी तरह से मस्त हो चुकी है। वैसे तो हम दोनों ही वर्जिन थे.. लेकिन चिपक ऐसे रहे थे जैसे पहले बहुत बार चुदाई कर चुके है।

फिर मैंने उनके हाथों को कसकर पकड़ लिया। वो एकदम पागल हो रही थी.. में फिर उनके बूब्स को चूसने लगा और एक हाथ से दबा रहा था। इससे उनके मुहं से आहह औऊउ अह्ह्ह्ह की आवाज़ आ रही थी और में उनके ऊपर चढ़ा हुआ था। वो बहुत ज़ोर ज़ोर से आवाज़े निकाल रही थी और फिर उसने अपने दोनों हाथों से मेरे बालों को पकड़कर अपनी छाती की तरफ दबाने लगी। वो पूरी तरह से पागल हो चुकी थी। तो मैंने दीदी से कहा कि क्या आपके घर में जेम है? तो उन्होंने कहा कि हाँ है और में किचन में जाकर जेम ले आया और मैंने बहुत सारा उनकी चूत में लगा दिया और फिर थोड़ी देर में उनकी कुवारीं चूत को चाटने लगा। वो बहुत ज़ोर ज़ोर से अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह कर रही थी और उनकी चूत से पानी बहने लगा था। फिर करीब एक घंटे तक लगातार चूत चाटने के बाद मैंने सोचा कि अब इसको चोदा जाए। तो उसने मेरे लंड को देखा और उस पर किस कर दिया और फिर हम 69 पोज़िशन में आ गए और करीब 10 मिनट तक मैंने उसकी चूत और बीच बीच में गांड का छेद भी चाटा और उसने मेरा लंड भी चूसा और उसने अपनी चूत में डालने के लिए उसको चूत के मुहं पर रख दिया। में भी वर्जिन था तो मुझे भी बहुत डर लग रहा था कि अगर मेरे लंड की चमड़ी फट गई या फिर गलती से शिल्पा की चूत फट जाए और ज़्यादा खून निकलने लगे तो क्या होगा? और मैंने शिल्पा को यह बताया.. तो वो बोली कि आज हमे बहुत अच्छा मौका मिला है और आज के बाद नहीं मिलेगा.. तुम जो चाहे कर लो.. आज मेरी चूत को फाड़ दो.. जो होगा देखा जाएगा.. लेकिन अभी तो इस हसीन पल का मज़ा ले लो। तो मैंने भी कहा कि ठीक है आज तो में तुम्हे बहुत मज़ा दूँगा.. वो बोली कि मेरी जान मेरी चूत को चाटकर तुमने मुझे जन्नत का नजारा दिखा दिया है और मैंने कंप्यूटर पर गाना लगा दिया और आवाज को थोड़ा बढ़ा दिया ताकि जब मेरा लंड उसकी चूत में घुसे तो आवाज़ ज़्यादा बाहर ना जाए। उसने अपनी आखों को बंद कर लिया और मैंने अपने हाथ से उसके हाथ को पकड़ लिया था और उसने अपने पैरों को मेरी कमर से बाँध दिया था। फिर मैंने सही मौका देखकर एक ज़ोर से झटका मारा और 3 इंच लंड उसकी चूत में चला गया वो चिल्लाई आईईई अह्ह्ह्ह माँ में मर जाउंगी.. प्लीज इसे बाहर निकालो। लेकिन में कहाँ सुनने वाला था और थोड़ी देर रुककर फिर से धक्का देने लगा। उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और दो मिनट के बाद मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। वो बहुत ज़ोर से चिल्लाने लगी आआईईईईईईईईईई में मररररर गयी.. प्लीज इसे बाहर निकालो मेरी चूत फट जाएगी और उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे।

फिर मैंने थोड़ी देर रुककर धक्के देना शुरू किए और उसके ऊपर लेटकर उसके बूब्स को दबाने लगा चूसने लगा और कुछ देर बाद जब वो ठीक हुई तो मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाला तो उसकी चूत से खून निकल रहा था जिसे देखकर मुझे अपने आप पर बहुत गर्व महसूस हुआ कि मैंने 19 साल की उम्र में पहली सील तोड़ी है और में उसके ऊपर पूरा ज़ोर लगाकर उसे धक्का देने लगा और अब वो मुहं से आह्ह्ह की आवाज़ निकाल रही थी और बोल रही थी कि चोद मुझे और ज़ोर ज़ोर से चोद फाड़ दो मेरी चूत को और में यह बात सुनकर पूरे जोश में आ गया। 15 मिनट की लगातार चुदाई के बाद में झड़ने वाला था तो उसने मुझसे कहा कि पूरा वीर्य मेरी चूत में ही डाल दो और में उसकी चूत में ही झड़ गया.. लेकिन वो इस बीच दो बार झड़ चुकी थी। तो में उसके ऊपर ही लेट गया और मैंने अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकाला तो वो खून में पूरा लाल हो चुका था और शिल्पा तो मेरे लंड को देखती ही रह गयी। फिर मैंने अपना लंड फिर से उसकी चूत में एक बार में ही पूरा डाल दिया.. लेकिन अब उसको और भी मज़ा आ रहा था। उसका शरीर तो आग की तरह तप रहा था और इस बार मैंने उसे 20 मिनट तक चोदा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और इस बार वो दो बार झड़ चुकी थी।

फिर थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि अब में तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ तो वो बोली कि नहीं मुझे बहुत दर्द होगा.. तो मैंने कहा कि नहीं होगा बस थोड़ी देर दर्द होगा फिर तुम्हे भी बहुत मज़ा आएगा और वो मान गई फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और पहले हम वॉशरूम गए.. लेकिन उससे तो ठीक से उठा भी नहीं जा रहा था क्योंकि चुदाई करने से उसकी चूत में बहुत दर्द हो रहा था। फिर जैसे तैसे में उसको बाथरूम लेकर गया और फिर वहाँ पर जाकर उसने मेरा लंड और अपनी चूत को साफ किया। उसने पहले मेरे लंड से पूरा खून वगेरा अच्छी तरह साफ किया और फिर अपनी चूत को अच्छे से साफ किया। मैंने भी उसकी चूत में उंगली डालकर अच्छे से उसकी चूत को साफ कर दिया और फिर उसने मुझे टावल से साफ किया और फिर अपने आप को साफ किया और फिर मुझे देखकर स्माइल दी और मैंने भी उसको स्माइल दी और फिर हमने वहीं पर एक किस किया और वो बोली कि मुझे टॉयलेट आया है.. तुम बाहर जाओ में दो मिनट में आती हूँ। तो मैंने कहा कि नहीं तुम मेरे सामने ही कर लो.. वो पहले साफ मना कर रही थी.. लेकिन फिर मान गई। उसके टॉयलेट में वेस्टर्न स्टाईल का सीट था और वो उस पर बैठ गई और टॉयलेट करने लग गई और जैसे ही उसका पेशाब बाहर निकला तो बहुत ही ज्यादा मदहोश कर देने वाली आवाज़ आने लगी। तो मैंने उसको देखा और उसके पास गया। फिर अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और उसने भी बैठे बैठे ही मेरा लंड चूस लिया और करीब 5 मिनट के बाद उसने मेरा लंड अपने मुहं से बाहर निकाल दिया और फिर उसने अपनी चूत को पानी से साफ किया और खड़ी हो गई।

फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और बेड पर ले गया और उसके बाद मैंने उसको गांड मारने के लिए इशारा किया और उसे कुतिया बनने को कहा और जब वो डॉगी बन गई तो मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा और रगड़ने लगा और धीरे धीरे से धक्के देकर डालने लगा। मेरा लंड उसकी गांड में पहली बार में तो घुसा ही नहीं। फिर मैंने उसकी गांड पर थूक लगाया और उसको अपना लंड 5 मिनट चुसवाया जिससे मेरा लंड भी थोड़ा चिकना और गीला हो गया और फिर मैंने उसकी गांड पर लंड रखा और थोड़ा दम लगाकर अंदर डाला तो बड़ी मुश्किल से मेरा लंड दो इंच घुसा और वो दर्द के कारण बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी.. लेकिन में फिर भी नहीं रुका और ज़ोर ज़ोर से धक्का लगाने लगा और थोड़ी देर बाद मैंने अपना पूरा 8 इंच का लंड उसकी गांड में उतार दिया। वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई.. लेकिन अब उसे मज़ा भी आ रहा था।

फिर भी मैंने अपनी चुदाई ज़ारी रखी.. अब में थोड़ा ज़ोर लगाने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद वो भी कहने लगी कि जान थोड़ा धीरे और आराम से चोदो और वो अह्ह्हउनह उह्ह्ह की आवाज़ निकाल रही थी और कह रही थी कि आज तो में पूरी तरह से तुम्हारी हो चुकी हूँ.. में कहीं भाग नहीं जाउंगी.. तुम थोड़ा आराम से चोदो.. मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और धीरे धीरे उसकी साँसे तेज़ हो रही थी और अब उसे भी बहुत मज़ा आने लगा.. वो अपनी गांड को उठा उठाकर चुदवा रही थी और में तो इतनी मोटी गांड में लंड डालकर जन्नत की सैर कर रहा था और लंड को हिलाते हिलाते में भी उसकी गांड में झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया। फिर हम दोनों नहाने चले गये और मैंने वहाँ भी शावर के नीचे फिर से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और 15 मिनट तक चुदाई की और बाहर निकलने के बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और उसने मुझे कॉफी बनाकर पिलाई और हम दोनों एक ही कप में पी रहे थे।

फिर एक घंटे तक हमने ब्लूफिल्म देखी उस दौरान में उसे करीब आधे घंटे तक चूमता रहा.. उसे स्मूच भी कर रहा था। फिर हमने उस दौरान एक बार सेक्स भी किया और फिर 4 बजे तक हमने एक दूसरे के साथ फुल मजा किया और फिर उसके बाद मैंने फिर से अपने कपड़े पहने और फिर उसको 15 मिनट तक लगातार किस किया और फिर में वहाँ से निकल आया और फिर हमारा रात में फोन पर सेक्स शुरू हुआ और हम हर दो तीन दिन में चुदाई भी किया करते थे.. लेकिन जब दीदी की पढ़ाई पूरी हो गई तो वो भी आगे की पढ़ाई करने पूना चली गई। अब तो में चुदाई नहीं कर पाता और शिल्पा दीदी की यादों में खोया रहता हूँ ।।

धन्यवाद …

2 comments

  1. if any girl and bhabhi want to get intimate then I can full film ur that wish with complete privacy I have my own house nice physics and fair colour to serve you the best sex experience my whtsapp no 8874984323