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दोस्त की बीवी और माँ को चोदा

प्रेषक : मनोज …

हैल्लो दोस्तों.. AntarvasnaSEX.Net के सभी रीडर्स को मनोज का प्यार.. में अपनी लाईफ में घटी एक अनोखी घटना को लेकर आपके सामने हाज़िर हूँ। दोस्तों यह घटना आज से करीब दो साल पहले की है। उस टाईम में अपने घर से दूर एक शहर में रहता था और वहाँ पर मेरा एक दोस्त है.. उसका नाम सन्नी और उसकी शादी को उस समय तीन साल से भी ज़्यादा वक़्त हो चुका था लेकिन उसके घर में कोई भी बच्चा नहीं हुआ था। उस बात से मेरा दोस्त सन्नी और उसकी वाईफ रवीना और उसके घरवाले सन्नी की माँ संजू आंटी और उसके पापा संदीप अंकल.. सब लोग बहुत परेशान थे। फिर उन्होंने डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने कहा कि सन्नी में कुछ प्राब्लम है और इसीलिए वो बच्चा पैदा नहीं कर सकता लेकिन किसी और का वीर्य रवीना की चूत के अंदर डाला जाए तो वो गर्भवती हो सकती है और फिर यह बात सुनकर उसके घरवाले और भी परेशान हो गये और उन्होंने इस बारे में बहुत सोचा कि रवीना कैसे माँ बने।

फिर उसी समय सन्नी की माँ ने रवीना को माँ बनाने के लिए मेरा नाम लिया.. तभी सारे लोग चकित हो गये और फिर उन्होंने सबको मना भी किया और सन्नी भी अच्छी तरह से जानता था कि में किसी को भी चोदकर माँ बना सकता हूँ.. क्योंकि उसे मेरे और स्नेहा भाभी की कहानी और उनकी चूत में मेरा लंड और स्नेहा भाभी की चुदाई के बारे में पता था और उसे यह भी पता था कि स्नेहा भाभी का बेटा मेरा बेटा है तो वो भी इसके लिए मान गया। लेकिन वो सोचने लगा कि इस बारे में कैसे मुझे बताए और उसकी बीवी को प्रेग्नेंट करने के लिए मना सके। दोस्तों अब आप लोग सोच रहे होंगे कि सन्नी की माँ ने मेरा नाम क्यों लिया.. इसके पीछे भी एक कहानी है और में जब कॉलेज में था तो उस टाईम मैंने सन्नी की माँ को भी चोदा था। वैसे में उनके बारे में ऐसा नहीं सोचता था लेकिन संजू आंटी ने मुझे खुद उनको चोदने के लिए मजबूर किया और मौका दिया था।

में तो था ही चुदक्कड़ और उस पर कोई मुझे ऐसा मौका दे तो में कैसे उसे छोड़ सकता था.. तो सबके हाँ करने के बाद सन्नी और रवीना मेरे घर पर मुझसे मिलने के लिए आए.. उसके साथ सन्नी की माँ और पापा भी थे तो में अचानक उन सबको देखकर बहुत चकित हो गया। मैंने सन्नी से पूछा कि अरे वाह! यह तो कमाल हो गया और आज कैसे मेरी याद आई? तो उसने कहा कि मुझे तुझसे कुछ काम है और इस काम में तेरे सिवाए मेरी कोई मदद नहीं कर सकता। फिर यह बात सुनकर बिना कुछ जाने मैंने सन्नी से कहा कि दोस्त यह भी कोई कहने की बात है.. अगर दोस्त दोस्त के काम नहीं आएगा तो और कौन आएगा.. तू बोल साले मुझे क्या करना है तो उसने कहा कि हम अभी तो आए है बाद में आराम से बात कर लेंगे। फिर मैंने भी कहा कि ठीक है और तुम लोग फ़्रेश हो जाओ.. में कुछ खाने का इंतज़ाम करता हूँ तो यह बात सुनकर रवीना ने कहा कि अरे इसकी आप चिंता मत कीजिए.. में और माँ है ना हम सब कुछ कर देंगे। फिर में अपने कमरे में गया और कुछ मिनट में संजू आंटी भी मेरे पीछे पीछे मेरे कमरे में आ गई और अंदर आते ही उन्होंने दरवाज़ा बंद कर लिया और मुझसे लिपट गयी और वो कहने लगी कि में बहुत दिनों के बाद आज तुम्हारी बाहों में आई हूँ और आज मेरे दिल को बहुत सुकून मिला है.. में आज तक तुम्हे और तुमसे चुदवाए हुए वो सारे पल नहीं भूल पाई.. तुम्हारे जाने के बाद में कब से तुमसे चुदवाने के लिए तरस रही हूँ और क्या तुम आज मेरी चूत की आग को नहीं बुझाओगे। फिर इतना कहकर वो मुझे किस करने लगी तो मैंने कहा कि देखों मेरी जान अभी तो घर पर सब लोग है तो में कैसे तुम्हे चोद सकता हूँ और तुम तो जानती ही हो मुझे ऐसे जल्दी जल्दी चुदाई करना अच्छा नहीं लगता और शायद तुम्हे भी ऐसे चुदवाने में वो सुख नहीं मिलेगा।

थोड़ा सब्र करो में तुम्हे बाहर होटल में ले जाऊंगा और में वहाँ पर जमकर तुम्हारी चूत, गांड को चोदूंगा और इतना कहकर मैंने उन्हे किस किया और बाहर आ गया। रवीना किचन में जाकर हम सब के लिए लंच बनाने लगी और उसने बहुत ही जल्द खाना बना लिया और हम सब बैठकर खाने लगे.. खाते खाते सब लोग मुझसे वो बात कहने की कोशिश करने लगे। लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई और सब लोग चुपचाप खाना ख़ाकर कमरे में जाकर आराम करने लगे। फिर संजू आंटी ने एक प्लान बनाया.. जिससे उनकी भी चुदाई हो जाए और उन सबका यहाँ आने का काम भी पूरा हो जाए.. उन्होंने अंकल और सन्नी से कहा कि वो मेरे साथ बाहर जाएँगी और मुझसे बात करेंगी तो यह बात सुनकर सब लोग मान गये तो आंटी मेरे रूम में आई और मुझसे गले लगकर कहा कि चलो मैंने प्लान बना लिया है.. अब हम दोनों साथ साथ बाहर चलेंगे और मेरी इतने दिनों की तुमसे चुदने की तमन्ना पूरी हो जाएगी.. अब चलो ना.. देर मत करो और मैंने सबको मना लिया है।

फिर में उनकी बात मानकर निकल पड़ा और हम दोनों मेरे ऑफिस के गेस्ट हाउस में गये.. वहाँ पर जाते ही आंटी शुरू हो गई और में भी उनको जमकर चोदने लगा और यह सिलसिला बहुत लंबा चला.. में उनको दिन के 3.30 से लेकर रात के करीब 10 बजे तक चोदता रहा और इस बीच उन्होंने मुझे सन्नी की वाईफ को चोदकर माँ बनाने के बारे में कहा तो यह बात सुनकर में तो बहुत हैरान हो गया.. क्योंकि किसी को छुपकर चोदना और सबकी जानकारी होते हुए चोदना पड़ा अजीब सा लगा। फिर पहले तो मैंने साफ मना कर दिया.. क्योंकि रवीना जो थी तो वो बहुत ही अच्छी और शर्मीली लड़की थी और मैंने कभी भी उसके बारे में ऐसा नहीं सोचा था और अब अचानक मुझे उसे चोदना पड़े तो अच्छा नहीं है.. लेकिन एक अनुभवी औरत तुम से यह बात कहे.. वो भी एसी पोज़िशन में जब तुम उसकी चूत में डूबे हुए हो तो कोई मना कैसे कर सकता है और मैंने भी उन्हें हाँ कह दिया तो आंटी ने तुरंत घर पर फोन करके सबको यह बात बता दी और हम दोनों करीब 10.30 बजे घर पर आए।

फिर उसी रात रवीना को मेरे साथ सोने के लिए भेज दिया और वो बेचारी डरी हुई सहमी सी मेरे कमरे में आई तो उसे देखकर उसे हाथ लगाने की मेरी हिम्मत ही नहीं हुई और इस चक्कर में मैंने पूरी रात बिना सोए गुजार दी और उसे छुआ तक नहीं.. तो सुबह जब सबको यह बात पता चली तो सब लोग टेंशन में आ गये और आंटी जी ने बाहर घूमने जाने का एक प्लान बनाया और वो भी स्लीपर कोच बस में। फिर मैंने उसी रात के 5 टिकट बुक किए लेकिन मुझे पता नहीं चला कि कब सन्नी ने जाकर एक टिकट रद्द करवा दिया और यह भी आंटी जी का प्लान था तो उनके प्लान के मुताबिक जब में अपनी बर्थ में जाकर सोने लगा तो आंटी जी मेरे पास आई और बोली कि रवीना को में अपने साथ सुला दूँ और जब मैंने उनसे पूछा कि उसकी बर्थ का क्या हुआ तो वो मुझसे झूठ बोलने लगी.. लेकिन में समझ गया कि यह सब पहले से ही प्लान किया हुआ है। फिर जब से मुझे रवीना को माँ बनाने की बात का पता चला है.. में अंकल और सन्नी से आँख मिलाकर बात नहीं कर पाया हूँ लेकिन में क्या करूं? मजबूरी थी और मैंने रवीना को अपने साथ सुलाया। फिर बस चलने लगी लेकिन अभी भी मेरी हिम्मत उसे छूने की नहीं हो रही थी। फिर आधे घंटे बाद रवीना खुद मेरे सीने पर सर रखकर लेट गयी और में उसकी हालत को समझ सकता हूँ.. बेचारी एक बच्चे के लिए यह सब कर रही है और मैंने भी कुछ नहीं सोचा और उसे अपनी बाहों में भर लिया और मैंने देखा कि वो रो रही थी तो मैंने उससे पूछा कि बताओ कि में उसकी बच्चे की चाहत को पूरी कर दूँ। उसकी बात सुनकर मुझे भी बहुत बुरा लगा और में उसके भीगी हुई आँखों को चूमने लगा.. ऐसा करने के बाद रवीना की हिम्मत और बढ़ गयी और वो मेरी पेंट के ऊपर हाथ रखकर सहलाने लगी और में उसके बूब्स को दबाने लगा। दोस्तों रवीना एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी.. रंग थोड़ा संवला था लेकिन फिगर कमाल का था.. बड़े बड़े बूब्स और कमर का तो क्या कहना?

फिर में उसके ऊपर आ गया और उसे किस करने लगा और मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोल दिया और बूब्स को चूसने लगा तो वो सीईईईईईइ अहह करते हुए मेरे बालों में उंगली फेरने लगी और अब हम दोनों गरम होने लगे तो रवीना ने मेरी पेंट की ज़िप को खोलकर मेरे लंड को बाहर निकाला और एक हाथ से हिलाने लगी और में उसके बूब्स चूसते हुए साड़ी के अंदर हाथ डालकर चूत को छूने लगा और मैंने महूसस किया कि उसने अंदर पेंटी नहीं पहनी हुई है तो में समझ गया कि वो आराम से चुदवा सके.. इसलिए उसने पेंटी नहीं पहनी हुई है और उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल थे.. जिसको हाथ लगाने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और में उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा तो उसके शरीर में करंट सा दौड़ गया और वो आआहह उह्ह्ह्ह करने लगी और में उसकी चूत में उंगली डालकर अंदर बाहर करने लगा.. वो तड़पने लगी और कुछ देर बाद झड़ गयी। फिर उसने मुझे चोदने को कहा तो मैंने मना कर दिया.. क्योंकि मुझे ऐसे चोदना अच्छा नहीं लगता। फिर पहले तो वो नहीं मानी और फिर मेरे बार बार कहने के बाद वो मान गयी तो इस तरह हम दोनों रात भर एक दूसरे के हथियार को पकड़ कर सहलाने लगे।

फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा तो वो तुरंत मेरे पैर की तरफ घूम गयी और मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी और में उसके मुहं को चोदने लगा.. रवीना बहुत अच्छे से लंड चूस रही थी.. क्योंकि सन्नी जो है वो बहुत अच्छी तरह चोदता है और उसने रवीना की सभी तरह से चुदाई की हुई थी और उसको हर एक स्टाईल सिखा भी रखी थी। फिर रवीना के बहुत देर तक लंड चूसने के बाद में उसके मुहं में ही झड़ गया और मेरा सारा वीर्य उसने पी लिया। ऐसा करते करते सुबह के 6.30 बज चुके थे और हम लोग पहुँच गये। फिर वहां पर उतरने के बाद रवीना सन्नी के पास गयी और उसे सब कुछ बता दिया तो वो सुनकर कहने लगा कि वो मेरे साथ ही रहे। हमने एक होटल में तीन रूम बुक किए.. एक आंटी और अंकल के लिए दूसरा सन्नी के लिए और तीसरा मेरे और रवीना के लिए। हम रात भर सोए नहीं थे तो हमे बहुत थकान महसूस हो रही थी और हम अपने अपने कमरे में चले गये.. रवीना मेरे साथ रूम में गयी। में बाथरूम में जाकर फ्रेश हो गया और रवीना भी जाकर फ्रेश होकर आ गई और अब मेरा भी उसे चोदने का और उसे भी चुदवाने का मूड था। वो अपने बालों को गीला करके एक लाल कलर का नाईट गाउन पहनकर आ गई। मैंने जब उसे देखा तो देखता ही रह गया.. दोस्तों में बता नहीं सकता कि उस नाईट गाउन में रवीना क्या क़यामत लग रही थी और वो धीरे से मेरे पास आई और अपने बालों को मेरे चहरे पर हिलाया तो पानी टपकने लगा। दोस्तों में एक टावल में था तो उसने मुझे पकड़कर बेड के ऊपर बैठाया तो मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया और चूमने लगा तो उसने मेरे सर को पकड़कर अपने पेट पर दबा लिया और मुहं से शीईईईइ आह्ह्ह्हहऊऊ करने लगी.. ऐसा करते ही मेरा लंड फड़फड़ाने लगा और टावल में तंबू बन गया। फिर रवीना मेरी गोद में बैठ गयी और में उसके होंठो को चूमने लगा और मैंने चूमते चूमते उसको गोद में उठाया और बेड पर लेटा दिया और मैंने जैसे ही उसके गाउन के ऊपर का बटन खोला तो दो बड़े बड़े बूब्स मेरे सामने आ गए और में उनके ऊपर टूट पड़ा। दोस्तों में उस वक़्त बस में बहुत अंधेरा होने की वजह से उसके जिस्म की किसी भी चीज़ को देख नहीं पाया था। लेकिन अब लाईट में उसके शरीर का हर एक हिस्सा मेरे सामने आने लगा और उसके मुहं से लगातार सिसकियों की आवाज़ आने लगी.. अहहहह और ज़ोर से चूसो मेरे बूब्स को अह्ह्हहह।

दोस्तों उसके बूब्स बहुत बड़े थे.. उन्हे चूसने में और दबाने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। फिर में उसके ऊपर चड़कर आँखों में आँखें डालकर जीभ को चाटने लगा और उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था.. जो मुझे और पागल बना रहा था और रवीना मेरी पीठ को सहला रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और हम दोनों उस टाईम एक ऐसी दुनिया में खो गये थे.. जहाँ से हमे कुछ भी और सुनाई, दिखाई नहीं दे रहा था। हम दोनों बहुत देर तक ऐसे ही एक दूसरे की जीभ चाटने में मस्त हो गये और उस टाईम मैंने जाना कि रवीना कितनी सेक्सी और हॉट लड़की है और वो एक मर्द को खुश करने में माहिर थी। फिर में किस करते करते नीचे की तरफ आने लगा और जैसे ही में उसके पेट तक पहुँचा तो उसकी तड़प भी बढ़ने लगी और मेरे दिमाग़ ने भी काम करना बंद कर दिया था और मुझे सिर्फ़ रवीना और उसका हॉट जिस्म दिख रहा था। फिर मैंने उसकी नाभि में जीभ घुमाई तो वो मेरे सर को पेट के ऊपर दबाने लगी और मैंने मौका देखकर उसके गाउन को उतार फेंका और देखा कि अंदर उसने कुछ नहीं पहना था। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSEX.Net पर पड़ रहे है।

फिर मेरी नज़र उसकी चूत पर गयी तो चूत के ऊपर छोटे छोटे बाल थे और जो चूत की शोभा बढ़ा रहे थे.. मैंने उसके पैरों को फैलाया तो चूत के पूरे दर्शन मिल गए। शादी के तीन साल बाद भी उसकी चूत फूली हुई थी तो मैंने धीरे से चूत का मुहं खोला तो अंदर बिल्कुल लाल कलर दिख रहा था और मैंने चूत के दाने को उंगली से थोड़ा गीला करके छुआ तो रवीना के शरीर में करंट सा दौड़ गया और मैंने बिना रुके चूत को चाटना शुरू कर दिया तो वो शईई ऊई माँ करने लगी और मेरे सर पर हाथ फेरती रही। उसकी चूत पहले से ही गीली हो गयी थी तो मुझे रस भरी चूत को चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा था लेकिन रवीना मेरे चूत चाटने का पूरा मजा ले रही थी। फिर मैंने चूत में एक उंगली डाल दी और चाटने लगा.. चूत के अंदर बहुत गरम था और कुछ देर चूत चाटने के बाद रवीना मुझे अपनी दोनों जांघो के बीच में दबाने लगी और चिल्लाने लगी ऊहह अह्ह्ह करते करते झड़ने लगी। अब मुझे उसकी चूत के पानी को पीने में बहुत मज़ा आ रहा था। में ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा तो वो और भी तड़प उठी और उसकी चूत से बहुत पानी निकल रहा था। फिर पूरा झड़ने के बाद रवीना उठी और मुझे बेड पर लेटाकर मेरा टावल निकालकर लंड को चूसने लगी। वो लंड चूसने में माहिर थी और वो मेरे सुपाड़े को दांत से काट लेती। जिससे मेरे अंदर करंट दौड़ जाता और में पीछे से उसकी चूत को सहला रहा था.. जिस कारण वो भी बहुत गरम हो गयी। फिर अचानक वो उठी और मेरे लंड पर बैठ गयी लेकिन मेरा लंड सन्नी के लंड से थोड़ा बड़ा और मोटा था.. वैसे सन्नी का लंड भी बड़ा था और वो रवीना को बहुत चोदता था। फिर रवीना झट से मेरे लंड के ऊपर बैठ गयी और दर्द से चीख पड़ी और एकदम खड़ी हो गयी तो मैंने उससे कहा कि मेरी जान थोड़ा आराम से चूत में डालो.. बहुत मज़ा आएगा और उसके बाद वो धीरे से मेरे लंड पर बैठी और ऊपर नीचे होने लगी। रवीना मेरी तरफ मुहं करके बैठी थी और मैंने उसकी कमर को पकड़ा और नीचे से तेज़ी से धनाधन चोदने लगा और में जानबूझ कर उसे बहुत देर तक बिना रुके तेज़ चोदने लगा तो वो चिल्लाने लगी.. ऊहह माँ मर गई रे आह्ह्ह ज़रा थोड़ा धीरे करो उफफफ्फ़ लेकिन मैंने नहीं सुना और मग्न होकर चोदने लगा। वो ज़्यादा दर्द के कारण मेरे ऊपर लेट गयी और मुझे रुकने के लिए कहा.. मैंने उससे पूछा कि क्यों मेरी जान मज़ा नहीं आया तो वो बोली कि तुम तो बहुत ही खतरनाक स्टाईल से चोदते हो.. सन्नी भी मुझे तड़पा तड़पाकर चोदता है और मुझे लगता है कि तुम दोनों दोस्त एक ही स्कूल से चोदने की ट्रैनिंग लेकर आए हो। फिर मैंने कहा कि अभी तो शुरुवात हुई है आगे आगे देखो होता है क्या?

फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और में उसके पीछे पास में लेट गया.. उसके एक पैर को मैंने ऊपर उठाया और लंड को चूत में घुसाकर चोदने लगा.. उसकी चूत टाईट तो नहीं थी लेकिन वो बहुत ही सेक्सी थी और मेरा चोदने में पूरा साथ दे रही थी.. इस कारण मुझे उसे चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर वो चीखकर झड़ गयी लेकिन में बिना रुके चोद रहा था और चूत से पानी निकलने लगा। मेरे लंड के अंदर बाहर जाते हुए चूत से फच फच की आवाज़ निकल रही थी और पूरे कमरे में गूँज रही थी। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और गांड में लंड डालकर चोदने लगा.. रवीना को बहुत दर्द हो रहा था और वो चिल्ला रही थी.. आह ज़रा धीरे ऑश अह्ह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है तो मैंने पूछा कि क्या हुआ बेबी? सन्नी गांड नहीं मारता क्या? तो उसने कहा कि मारते तो है लेकिन बहुत कम। फिर मैंने कहा तो आज में तुम्हारी गांड की ऐसी हालत करूँगा कि अगली बार से बड़ा डंडा डाल दो तब भी कुछ नहीं होगा और में उसके बूब्स को पकड़कर चोद रहा था।

फिर मैंने हर स्टाईल में उसकी गांड मारी और उसे गोद में उठाकर उसकी गांड मारने लगा। ऐसा करने से मेरा लंड गांड में दबकर पूरा अंदर जाने लगा तो रवीना चिल्ला उठी। ऐसे नहीं प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है अहह प्लीज़। तो मैंने उसकी बात मानकर उसे नीचे उतार दिया तो वो बेड पर बैठ गयी और मेरे लंड को हाथ में लेकर खेलने लगी और मुहं में डालकर चूसने लगी.. में नीचे खड़ा था तो मैंने उसका सर पकड़ा और लंड को गले तक घुसाकर मुहं चोदने लगा और जैसे ही मेरा लंड गले तक जाता.. वो अह्ह्ह्ह करके उल्टी करने लगती.. लेकिन में नहीं रुका और उसका मुहं चोदने लगा। फिर उसी पोज़िशन में मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और गांड को थोड़ा बेड से बाहर किया.. दोनों पैरों को फैलाकर हाथ में पकड़ा और चूत में लंड घुसा दिया और चोदने लगा। रवीना मज़े ले लेकर चुदवा रही थी और उसके मुहं से लगातार आह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह और ज़ोर से चोदो निकल रही थी और मुझे भी उसे ऐसे चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था और में लंड पूरा बाहर निकालकर फिर से फ़च से अंदर डाल देता तो रवीना चीख पड़ती.. उफफफ्फ़ अह्ह्ह माँ और हर धक्के के साथ उसकी चूत और मुहं दोनों में से आवाज़ें निकल रही थी और यह आवाज़ें सुनकर मेरे अंदर और जोश आता और में तेज़ और तेज़ चोदने लगा। फिर में बहुत देर चोदता रहा था और रवीना चुदवा रही थी और दोनों बहुत थक चुके थे लेकिन हम दोनों ने हार नहीं मानी। फिर मैंने उसे उसी पोज़िशन में चूत में लंड डाले हुए गोद में उठाया और बेड पर लेटाकर चोदने लगा। रवीना इतनी थक चुकी थी कि वो मुझे अपने ऊपर खीचकर बाहों में जकड़ कर चुदवा रही थी और उसने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर में बांध रखा था और मेरे हर धक्के के साथ वो मेरी पीठ पर नाख़ून गड़ाती। मैंने उसके बूब्स को चूस चूसकर लाल कर दिए.. निप्पल भी एकदम लाल हो गए थे और में झड़ने वाला था तो मैंने चोदने की स्पीड और बढ़ा दी.. उसके मुहं में अपना मुहं रखकर चूसने लगा। तभी रवीना झड़ गयी और अब उसके साथ साथ में भी झड़ गया और में सारा माल उसकी चूत में भरने लगा.. वो चिल्ला रही थी और में भी हाँफ रहा था.. क्योंकि हमारी चुदाई एक घंटे से ज़्यादा टाईम तक चली और में लंड की आखरी बूँद निकलने तक धक्का मार मारकर चोदता रहा। फिर जब मेरा पूरा माल निकल गया तो में उसी हालत में उसके ऊपर पड़ा रहा। रवीना भी बहुत थक गयी तो वो भी ऐसे ही पड़ी रही। फिर 30 मिनट के बाद हम दोनों एक साथ बाथरूम में जाकर फ्रेश हो गये। थकान के कारण हम दोनों एक दूसरे की बाहों में कब सो गये पता भी नहीं चला।

फिर जब नींद खुली तो उस समय दोपहर के 1.30 बजे थे और हम दोनों उठे तो रवीना सन्नी के रूम में गयी और उसे सारी बातें बता दी। फिर संजू आंटी ने मुझसे पूछा तो मैंने भी उन्हे सब कुछ बता दिया तो वो लोग बहुत खुश हो गये और उस रात मैंने रवीना की फिर से जमकर चुदाई की और अगले दिन सबने कहा कि वो लोग मुझे और रवीना को अकेला छोड़कर घर चले जाएँगे.. क्योंकि बच्चा तो ऐसे एक बार चोदने से नहीं होगा और जब तक रवीना गर्भवती नहीं होती.. वो मेरे साथ रहेगी। फिर वो लोग चले गये में और रवीना वहाँ पर दो दिन और रही और फिर हम मेरे घर आ गए.. उसके बाद में रवीना को दिन रात चोदने लगा। उसे जितना भी चोदो और चोदने का मन करता। फिर 19-20 दिन चोदने के बाद पता चला कि वो गर्भवती है.. यह बात सुनकर सब लोग बहुत खुश हो गये.. सन्नी आया और रवीना को अपने साथ ले गया। लेकिन जब रवीना गयी तो मुझे बड़ा बुरा लगा और मेरे साथ साथ रवीना को भी.. क्योंकि इन कुछ दिनों में हम दोनों पूरी दुनियाँ को भूलकर सिर्फ़ चुदाई करते रहे और उसके और मेरे बीच एक लगाव हो गया था और वो जाते जाते बहुत रोई लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।

फिर एक दिन अचानक मुझे फोन आया कि रवीना का बच्चा गिर गया है और इस घटना से सन्नी के घर वाले बहुत दुखी हो गये और ऐसा लगा कि जैसे उनके सारे सपने बिखर गये.. लेकिन एक महीने बाद संजू आंटी ने फिर से रवीना को मेरे साथ रहने के लिए भेज दिया और हमारी लाईफ स्टाईल फिर से चेंज हो गयी। फिर से हम वही मस्ती मज़ाक से साथ साथ ज़बरदस्त चुदाई करने लगे लेकिन पता नहीं क्यों इस बार रवीना को गर्भवती होने में बहुत टाईम लगा और रवीना को गर्भवती होने में पूरा दो महीनों से भी ज़्यादा समय लगा था। मैंने सन्नी से कहा कि यार तू इसे मेरे पास ही रहने दे.. यहाँ पर डॉक्टर को और सभी सुविधायें है और इसलिए वो घर में रहकर ही अपना चेकअप करवाती रहेगी.. तू रवीना का ख़याल रखने के लिए सिर्फ़ संजू आंटी को भेज दे.. तो सन्नी ने वैसा ही किया और संजू आंटी मेरे पास रहने के लिए आ गई और उनके आने के बाद मुझे फिर से एक बार मौका मिल गया उनको चोदने का। जब रवीना सो जाती थी तो में आंटी को चोदता तो ऐसा रोज़ चलता रहा और वो लोग मेरे पास करीब 9 महीने रहे। फिर रवीना की डिलीवरी हुई और उसको एक बेटा हुआ तो यह देखकर सारे लोग बहुत खुश थे और डिलीवरी के बाद भी एक महीने तक वो लोग मेरे पास रहे और फिर अपने घर चले गये। आज रवीना और मेरा बेटा करीब दो साल का है और में आज भी रवीना को बहुत याद करता हूँ.. क्योंकि बच्चा होने के बाद मैंने उसे फिर कभी हाथ नहीं लगाया। वो तो चाहती थी कि में उसे फिर से चोदूं लेकिन मैंने अपने दोस्त के लिए उसे ना कह दिया ।।

धन्यवाद …

3 comments

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