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दीदी की मदद से मामी को चोदा: Didi ki madad se mami ko choda

प्रेषक : रोहित ..

हेल्लो दोस्तो.. मेरा नाम रोहित है। पहले मैं अपने बारे मैं बता देता हूँ.. मेरी उम्र 20 साल हाइट 5.8″ शरीर मजबूत, लंड 7 इंच है और में नागपुर से हूँ और मेरी दीदी नेहा और मामी का नाम नीतू है और उनकी उम्र 26 साल हाइट 5.5 फिगर 38-32-38 और रंग साफ़ है तो मामा की शादी को सिर्फ़ एक साल हुआ था तो उन्हे कोई बच्चा नहीं था। में और मेरी मामी काफी फ्रेंक है.. क्योकी उनकी और मेरी उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है.. वो मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड्स के बारे मे पूछती रहती थी और मुझे काफ़ी छेड़ती भी थी।

उस दिन के बाद मैंने मेरी बहन के साथ काफ़ी बार सेक्स किया लेकिन रोज रोज नहीं.. लेकिन महीने मे 2-3 बार करता था लेकिन मेरी खुशी को किसी की नज़र लग गई और मेरी मामी हमारे यहाँ 6 महीने के लिए रहने आ गई.. क्योकी मामा को ऑफिस के काम की वजह से मुंबई जाना पड़ा। जैसा मैंने बताया था कि मम्मी पापा दोनो जॉब करते है तो ज्यादातर मामी और बहन घर पर ही रहते थे और मामी की नज़र से बचते हुये हमने 2-3 बार और सेक्स किया लेकिन अब हम दोनो से रहा नहीं जा रहा था लेकिन हम कुछ कर भी नहीं सक़ते थे। एक दिन मेरा फोन मेरे रूम में ही छूट गया.. सुबह के वक़्त मम्मी पापा रोज 9 बजे ही जॉब पर जाते है तो में उसे लेने के लिए रूम में गया.. उस वक़्त मामी नहा रही थी और जैसे ही मैंने फोन उठाया तो वैसे ही मामी बाहर आई। मामी के बदन के उपर सिर्फ़ टॉवल ही था और मोटी, नंगी जांघ देखकर में पागल हो गया और मेरा लंड खड़ा हो गया।

ये सब कुछ सेकेंड मे हुआ और में मामी को सॉरी बोल कर रूम से बाहर आ गया। उस दिन मैंने सोच लिया कि मामी को चोद के रहूँगा तो मैंने अपनी बहन को इस बारे मे बताया तो वो बोली कि ट्राय करके देखते है। एक महिना हो चुका था और मामी के चेहरे पर थोड़ी उदासी थी.. क्योंकि उनकी चुदाई नहीं हो रही थी। ये मुझे मेरी बहन ने बताया.. फिर उसने मामी से बात की तो पता चला कि अब मैंने अपना खेल शुरू कर दिया.. अब जब भी में नहाने जाता तो टॉवल लेकर नहीं जाता और मामी मुझे लाकर देती और में अपनी बॉडी मामी को दिखाता और एक दिन जब मामी आई तो मैंने जानबूझ कर फिसलने का नाटक किया.. उस वक़्त मामी ने मुझे गिरने से बचाया और मेरा खड़ा लंड देख लिया और नॉटी सी हंसी देकर चली गई.. उस दिन से मामी मुझसे बहुत ज्यादा फ्रेंक हो गई।

अब वो मुझसे खूब चिपकती और कभी कभी नहाते वक़्त टॉवल भी मांगती थी और उस वक़्त थोड़े से बूब्स भी दिखाती थी। जब में घर से बाहर जाता या वापस आता तो मुझे हग भी करती थी.. अब मैंने थोड़ा आगे बड़ने की सोची और मैंने अगले दिन अपनी बहन को बाहर जाने को बोला ताकि मामी और में अकेले रहे और में उस दिन लेट उठा.. मामी कुछ बना रही थी। ये सारी बातें मेरे मम्मी पापा जब घर पर नहीं होते थे तब ही होती थी और फिर मैंने पीछे के से मामी हो हग किया.. गुड मॉर्निंग मामी।

मामी : गुड मॉर्निंग.. रोहित जल्दी से ब्रश कर लो.. में नाश्ता लगाती हूँ।

मे : ओके में जल्दी से ब्रश करके आया.. फिर नाश्ता भी किया और में फिर नहाने चला गया और मामी को पीठ घिसने बुलाया और में नंगा ही बैठा था।

मामी : ये क्या है?

मे : अरे मामी.. अब तुमसे क्या छुपाना।

लेकिन मामी ने सब जल्दी जल्दी किया और वो वहां से जाने लगी लेकिन फिर मैंने मामी को पीछे से हग करते हुये दबोच लिया और बोला.. मामी आई लव यू और मेरा खड़ा लंड मामी की गांड से चिपक गया था।

मामी : ये ग़लत है रोहित.. में तुम्हारी मामी हूँ।

मैंने मामी को सीधा किया और उनकी आँखों मे देखते हुये उन्हे बोला मामी मुझे पता है.. यू लव मी और मैंने उन्हे किस करना स्टार्ट कर दिया। अकेले में पहले वो थोड़ा मना कर रही थी लेकिन थोड़ी देर के बाद वो मेरा साथ देने लगी.. मैंने मामी का गाउन उतार दिया और मामी ने पिंक कलर की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी। मैंने उनकी ब्रा उतारी और उनके बूब्स को चूसने लग गया.. करीब 3 मिनिट तक बूब्स चूसने के बाद मैंने उनकी पेंटी उतारी.. फिर उनकी चूत को चूसने लगा और वो मेरा सर उनकी चूत मे दबाने लगी और आह आह और लंबी लंबी सांसे भरने लगी। दोस्तों ये कहानी आप AntarVasnaSex.Net पर पड़ रहे है।

यह सब कुछ 2 मिनिट तक चल रहा था। मामी बोली जानू अब मुझसे रहा नहीं जा रहा.. शांत कर दो। मेरी इस आग को.. मुझे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी दे दो। ये सुनते ही में जोश मे आ गया.. मैंने मामी की टाँगे चौड़ी की और फिर अपना लंड उनकी चूत मे लगाया लेकिन मामी की चूत थोड़ी टाइट थी। मैंने ज़ोर से धक्के दिये 3 धक्को मे मेरा लंड अंदर घुस गया.. मामी की थोड़ी सी चीख निकल पड़ी तो में 1 मिनिट तक शांत रहा और फिर मैंने चोदना शुरू किया।

मामी के मुँह से आह जानू आह की आवाज़े आ रही थी और इसी बीच में बोल पड़ा.. मामी मुझे पता है कि तुम सेक्स की कितनी भूखी हो.. मुझे दीदी ने सब बता दिया है और तब से मैंने सोच लिया था कि में अपनी मामी को वो प्यार दूंगा.. जो मामा अभी तक नहीं दे पा रहे है।

मामी : आह और जिस दिन से तेरा लंड मैंने देखा है.. में उसकी दीवानी हो गई हूँ। मन तो कर रहा था कि उस दिन जब मैंने एक बार तेरा लंड देखा.. तभी तुझसे अपनी आग बुझा लूँ लेकिन नेहा रहती है ना हमेशा ओह जानू लव यू.. मेरा निकलने वाला है तो ये सुनकर मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और हम दोनो साथ मे झड़ गये ।।

धन्यवाद …