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चाची की चूत का चाट बनाकर खाया- भाग 2

चाची की चूत का चाट बनाकर खाया- भाग १ से आगे की कहानी

वो – सुजाता मेरी जाँघो पर अपने मुलायम पैर रखो तो उसने अपना एक पैर उसकी जांघो पर रख दिया और फिर उसने उसके एक पैर पर पायल बांध दी.

फिर उसने दूसरा पैर रखने को कहा तो उसने वो पैर भी उसकी जांघ पर रख दिया. फिर उसने उस पर भी पायल बांध दी, लेकिन फिर उसने उनकी जाँघ को अपने कंधो पर रख दिया और मेरी चाची की मुलायम, चिकनी, हल्के-हल्के बाल वाली चूत पर चूम लिया तो मेरी चाची बस ह्ह्ह्हह की आवाज़ ही निकाल पाई. फिर वो धीरे से बिस्तर में जाकर उस मोटे, गद्देदार रज़ाई के अंदर घुस गई. फिर वो उठा और उसने पास में पड़ी अपनी शर्ट की जेब से कंडोम का पैकेट निकाला और उसमें से एक निकाल कर अपने मोटे लम्बे लंड पर लगाने लगा. मैंने आज तक इतना मजबूत लंड नहीं देखा था. फिर वो भी बिस्तर में जाकर गद्दे के अंदर घुस गया और मेरी चाची के ऊपर चढ़ गया. अब वो मेरी चाची को बहुत प्यार से निहार रहा था.

चाची – क्या देख रहे हो?

वो – तुम्हें, तुम कितनी खुबसूरत और प्यारी हो, में सबसे किस्मत वाला इंसान हूँ जिसे तुम्हारी जैसी औरत मिली है, बिल्कुल मेरी पसंद की.

अब मेरी चाची अपने दोनों हाथों से उसके चेहरे को पकड़े हुई थी और एकदम से उसके होंठ चूमने लगी.

चाची – लेकिन तुम मुझ पर भरोसा नहीं करते हो.

वो – किसने कहा?

फिर चाची ने गद्दे के अंदर हाथ डाल दिया और कुछ ही पलो में हाथ बाहर निकाल लिया, अब उनके हाथों में उसका पहना हुआ कंडोम था.

चाची – तो यह क्या है? में 8 साल के बाद किसी मर्द के साथ सो रही हूँ, मेरे पति भी मुझे बहुत कम ही छूते थे.

वो – में नहीं चाहता कि तुम अभी से गर्भवती हो इसलिए.

चाची – में गोली ले लूँगी, वादा कीजिए कि आज के बाद कभी भी मेरे साथ सेक्स करते वक्त कंडोम नहीं पहनेंगे.

वो – मैंने तुम्हारे सिवा और किसी के साथ ना तो किया है और ना ही करूँगा, में यह वादा भी दे रहा हूँ.

चाची फिर से उसे चूमने लगी, अब वो भी मेरी चाची को बहुत प्यार से चूम रहा था. फिर वो मेरी चाची के गले लग गया.

चाची – आई लव यू रमेश, आई लव यू वेरी मच.

रमेश – आई लव यू टू, में बता नहीं सकता हूँ कि मुझे तुम्हारी बाहों में कितना सुकून मिल रहा है, तुम्हारे जिस्म से आ रही यह खुशबू मुझे पागल कर रही है.

चाची – ह्म्‍म्म्ममम.

फिर वो मेरी चाची की गर्दन पर चूमने लगा. फिर छाती पर चूमने लगा. फिर उसने उस कम्बल को नीचे सरका दिया, जिससे मेरी चाची के ऊपर का नंगा जिस्म दिखने लगा. उनके 42 साईज़ के गोरे-गोरे बूब्स और उस पर वो काली सी निप्पल उनकी खूबबसूरती पर चार चाँद लगा रही थी. उनके बूब्स काफ़ी बड़े थे, वो रमेश के हाथों में नहीं समा रहे थे. फिर वो अपने एक हाथ में बूब्स लेकर उस पर अपने होंठ लगाकर चूसने लगा. फिर धीरे-धीरे वो उनके आधे बूब्स को अपने मुँह में डालकर चूसने लगा, अब चाची भी धीरे- धीरे मदहोश होने लगी थी, अब वो बहुत ही प्यार से उनके बूब्स चूस रहा था.

चाची – अहह रमेश उःम्म्म्मममम क्या कर रहे हो यह? ह्म्‍म्म्ममम ह्म्‍म्म्ममममम और चूसो उम्म्म्ममम अहह, दूसरा वाला भी चूसो ना प्लीज़ ह्म्‍म्म्ममम.

फिर वो 20 मिनट तक मेरी चाची के बूब्स चूस रहा था, अब मेरी चाची पलंग को पकड़कर तड़प रही थी. अब उनके बगल में उगे बाल से रमेश बहुत आकर्षित हुआ. फिर वो मेरी चाची की बगल को चाटने लगा, (गावं के मदों को चूत और बगल में उगे बालो वाली औरते बहुत पसंद आती है) अब चाची बस आँख बंद करके आहें भरती रही. फिर वो मेरी चाची की कमर को चूमने लगा और अपने गाल से उनकी कमर को सहलाने लगा. फिर वो अपनी जीभ मेरी चाची की नाभि में डालकर उन्हें सहलाने लगा तो अब मेरी चाची पूरी उत्तेजना में पागल हुए जा रही थी, अब वो अपना सर इधर उधर कर रही थी. उसके बाद वो मेरी चाची की चूत को चूमने लगा और 15 मिनट तक मेरी चाची की चूत चाटता रहा.

चाची – अहह बहुत अच्छा लग रहा है रमेश, अहह पहली बार में अपनी चूत चटवा रही हूँ अहह ह्म्‍म्म्ममममम उफफफफफफफफफफ्फ़.

फिर वो मेरी चाची की जाँघो को चूमने लगा. फिर वो मेरी चाची के दोनों तलवो को बारी-बारी से चूमने लगा और उनके पैरों की उंगलियों को अपने मुँह में लेकर चूमने लगा. अब मेरी चाची खुशी के मारे पागल हुए जा रही थी, आईईईई. फिर उसने मेरी चाची की जाँघो को खोल दिया और उसके बीच में आ गया और अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर रगडने लगा तो फिर मेरी चाची उठी और उसके लंड को अपने मुँह में लेकर 5 मिनट तक चूसती रही और वो मेरी चाची की गांड को सहलाने लगा. फिर जब उन्होंने उसके लंड को अपने मुँह से निकाला तो वो पूरी गीली और चमकदार हो गई थी.

चाची – रमेश प्लीज़ धीरे डालना, तुम्हारा काफ़ी बड़ा और मोटा है और मेरे पति का तुमसे काफी छोटा था, उनका सिर्फ़ 4 इंच का था.

रमेश – अगर तुम्हें दर्द हो तो बता देना में नहीं करूँगा, में तुम्हें दर्द नहीं देना चाहता हूँ.

यह कहकर उसने अपना लंड मेरी चाची की चूत में रखकर धीरे-धीरे अंदर डालने लगा. अब चाची को हल्का सा दर्द हो रहा था, लेकिन वो कुछ नहीं कह रही थी. अब उसका 5 इंच लंड अंदर जा चुका था, लेकिन उसके बाद डालते वक्त चाची काफ़ी चिल्ला रही थी.

चाची – उहह में मर गईईई, कितना बाहर है?

वो – 3 इंच.

चाची – प्लीज़, एक बार में ही डाल दो.

वो – लेकिन तुम्हें काफ़ी दर्द होगा.

चाची – प्लीज़ डाल दो, में सह लूँगी.

फिर वो मेरी चाची के ऊपर लेट गया और उनके होंठो को अपने होंठ में दबाकर चूसने लगा. फिर उसने अपनी कमर को थोड़ा पीछे करके एक झटका दिया और अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया. अब मेरी चाची चिल्लाना चाहती थी, लेकिन उसने अपने होंठ से उनके होंठ को दबा रखा था. फिर 5 मिनट तक वो दोनों ऐसे ही लेटे रहे और एक दूसरे को चूमते रहे. फिर जब मेरी चाची का दर्द थोड़ा कम हुआ तो वो धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा. फिर चाची ने उसे अपने गले से लगा लिया और अपनी टांगो को उसकी कमर से लपेट लिया और आहें भरने लगी.

चाची – अह ह्म्‍म्म्मम उहह रमेश हहह्ह्ह धीरे उहह.

फिर वो मेरी चाची के सीने से लिपटकर उन्हें धक्के लगा रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद चाची भी पूरी तरह से उत्तेजित होकर उसका साथ दे रही थी. फिर उन्होंने अपना एक बूब्स रमेश के मुँह में डाल दिया, जिससे वो और भी तेज धक्के देने लगा. फिर लगभग 5 मिनट के बाद ही चाची चिल्ला उठी, में गई रमेश अहहह और वो झड़ चुकी थी, लेकिन रमेश उनके बूब्स पीते हुए ताबड़तोड़ धक्के दे रहा था, अब वो 15 मिनट तक वैसे ही चोदता रहा, इस बीच चाची एक बार और झड़ चुकी थी. फिर उसने मेरी चाची को घोड़ी बनने को कहा तो मेरी चाची घोड़ी बन गई. फिर वो पीछे से मेरी चाची को चोदने लगा, अब वो मेरी चाची के कंधो पर हाथ रखकर उन्हें चोद रहा था.

फिर 10 मिनट के बाद मेरी चाची ने उसे रुकने को बोला और उसके लंड को बाहर निकाल कर उसकी गोद में बैठ गई और उसके लंड को फिर से अपनी चूत में डालकर चुदने लगी. अब वो मेरी चाची को अपनी गोद में बैठाकर उनके बूब्स पीते हुए चोदता रहा, तभी मेरी चाची ने अपनी चूत का पानी उसके लंड पर निकाल दिया. फिर मेरी चाची ने उससे पूछा कि तुम कब झड़ोगे? तो वो बोला कि पता नहीं. फिर थोड़ी देर के बाद मेरी चाची उठी और दरवाज़े से चिपक कर खड़ी हो गई और वो अपनी दोनों टाँगे खोलकर उसे उंगली दिखाकर अपनी तरफ़ बुलाने लगी. फिर वो आया और उसने अपना लंड मेरी चाची की चूत में डालकर उनसे चिपक कर उन्हें चोदने लगा. अब लगभग 15 मिनट के बाद उसकी स्पीड काफ़ी बड़ गई थी, अब में समझ चुका था कि वो झड़ने वाला है.

फिर चाची उसे अपनी बाँहों में लेकर उसे प्यार करने लगी थी. तभी वो जोर-ज़ोर से झटके देकर झड़ने लगा, अब जब वो पूरी तरह से झड़ चुका था और तभी वो मेरी चाची की बाहों में लिपट कर हाँफने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद उसका लंड अपने आप ही मेरी चाची की चूत से बाहर आ गया और पूरा गीला होकर लटकने लगा. फिर मेरी चाची ने उससे कहा कि तुम जाकर सो जाओ में टायलेट करके आती हूँ, अब उनकी चूत से उसका वीर्य बहकर बाहर निकल रहा था.

फिर मेरी चाची झोपड़ी से बाहर आई और एक पानी की बोतल लेकर वो एक झाड़ी के पीछे जाकर पेशाब करने बैठ गई और खुद से ही बातें करने लगी.

चाची – अहह रमेश आई लव यू तुमने मेरी जन्मों की प्यास बुझा दी, आई लव यू में तुम्हें इतना प्यार दूँगी कि तुम मेरे बिना रह नहीं पाओंगे. उसके बाद वो उठी और अपनी चूत और जाँघ साफ करके झोपड़ी में आ गई और लालटेन की रोशनी को थोड़ा कम करके बिस्तर में घुस गई. फिर रमेश मेरी चाची की बाहों में लिपट गया और मेरी चाची भी उसे प्यार करती हुई सो गई और उसके दो मिनट के बाद में भी वहाँ से अपने घर आ गया.