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भाई की साली को जन्नत दिखाई

प्रेषक : निशांत …

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम निशांत है और में गुजरात के राजकोट का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 25 साल है और में दिखने में ठीक ठाक हूँ और मेरे लंड का साईज़ 6.5 इंच है। दोस्तों आज में अपने जीवन की एक सच्ची घटना आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ। मुझे छोटी सी उम्र से ही सेक्स में बहुत रूचि रही है और में AntarVasnaSex.Net पर जब भी समय मिलता सेक्सी कहानियाँ पढ़ता.. ऐसा करने से मुझे बहुत अच्छा लगता और में कभी कभी मुठ भी मारता.. मैंने बहुत सी कहानियाँ पड़ी और एक दिन मैंने अपनी भी कहानी आप सभी को सुनाने की ठान ली.. वैसे यह मेरी पहली कहानी है तो मुझसे कोई गलती हुई हो तो प्लीज मुझे माफ़ करे लेकिन में उम्मीद करता हूँ कि यह आपको बहुत पसंद आएगी। अब में सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह कहानी आज से 5 साल पुरानी है और मेरे भाई की साली को कैसे मैंने पटाकर चोदा.. उसके बारे में है लेकिन उस पर मेरी नज़र भाई की सगाई से ही थी और आख़िर में उनकी शादी के बाद एक दिन मुझे वो मौका मिल ही गया.. जिसका में बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहा था और में उसको सोच सोचकर कई बार मुठ भी मार चुका था।

दोस्तों मेरे भाई की साली की उस वक़्त उम्र 18-19 होगी और उसका नाम दीपिका है.. वो दिखने में एकदम सेक्सी और उसको एक बार देखकर कोई भी उसे चोदने को तैयार हो जाए.. उसका वो गोरा जिस्म, नशीली आंखे, बड़े बड़े बूब्स, पतली कमर, अच्छी खासी दिखने वाली गांड और फूला हुआ बदन.. मुझे शुरू से ही अपनी और आकर्षित करने लगा था और जब मैंने उसे पहली बार देखा.. तब ही मैंने उसे चोदने की ठान ली थी और उससे पहले भी मैंने शादी में उसे कई बार इधर उधर छुआ लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा। फिर एक दिन भाई की शादी के बाद वो अपनी बहन से मिलने हमारे घर पर आई लेकिन उस वक़्त भाई और भाभी फिल्म देखने गये थे और मेरे घर के सब लोग मेरे किसी रिश्तेदार के यहाँ पर किसी समारोह में गये थे और सिर्फ़ में घर पर अकेला था और में घर पर अकेला बोर हो रहा था तो में समय बिताने के लिए टीवी देखने लगा।

तभी दरवाजे पर बेल बजी और जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि बाहर दीपिका खड़ी हुई थी। दोस्तों मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा था और वो मेरे एकदम सामने खड़ी थी और वो बहुत सेक्सी लग रही थी। तो मैंने उससे हैलो किया और उसे अंदर बुलाया.. तभी वो इधर उधर देखने लगी और बोली कि दीदी कहाँ है? तो मैंने कहा कि भैया और भाभी फिल्म देखने बाहर गए है और घर पर में सिर्फ़ अकेला ही हूँ। तो वो बोली कि ठीक है.. में बाद में आती हूँ। दोस्तों मेरी भाभी हमारे घर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर रहती थी.. इसलिए उसने मुझसे बाद में आने को कहा लेकिन में इतना अच्छा मौका अपने हाथ से कैसे जाने देता और मैंने उससे कहा कि दो मिनट रूको में कॉफी बनाता हूँ.. पीकर ही जाना और थोड़ी देर मेरे साथ बैठकर मुझे अपना साथ दो.. में अकेला बैठा बैठा बोर हो रहा हूँ। तो वो बोली कि ठीक है लेकिन में ज्यादा देर नहीं रुक सकती.. मुझे कहीं और भी जाना है। तो मैंने कहा कि ठीक है.. बस कुछ वक्त मेरे साथ गुजारो और फिर चली जाना और में जल्दी से कॉफी बनाने किचन में गया और कॉफी बनाते हुए सोचने लगा कि अब कैसे क्या किया जाए? जिससे में उसे चोद सकूँ। फिर मैंने कॉफी बनाकर थोड़ी देर ठंडी होने दी और उसे उस पर गिराने का प्लान बनाया। तो में कुछ देर बाद कॉफी लेकर किचन से बाहर गया और उसे कॉफी देते हुए जानबूझ कर थोड़ी सी कॉफी उसकी छाती वाले हिस्से के ऊपर गिरा दी। दोस्तों उसके बूब्स वैसे कोई 34 साईज के होंगे लेकिन मस्त मुलायम थे और कॉफी गिरते ही मैंने कप को नीचे रखकर सॉरी बोलते हुए उसकी छाती पर गिरी हुई कॉफी को साफ करने लगा और इसी के साथ धीरे धीरे उसके बूब्स भी सहलाने लगा.. वो मुझे मना कर रही थी और बार बार कह रही थी कि कोई बात नहीं रहने दो.. में खुद साफ कर लूंगी लेकिन अब मेरा बूब्स मसलना उसे भी पसंद आया और अब वो मना करते हुए मेरे हाथों को अपने बूब्स पर और दबाने लगी। तो में समझ गया कि शायद अब उसे भी मज़ा आ रहा है और यह मेरे लिए ग्रीन सिग्नल है और में उसके कपड़े साफ करने के बहाने से उसे अपने बेडरूम वाले बाथरूम में ले गया और रूम में पहुंचते ही इतने अच्छे मौके को ना गंवाते हुए मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और बूब्स दबाने लगा। दोस्तों पहले तो वो मेरे ऐसा करने पर वो थोड़ा हिचकिचायी लेकिन बाद में मज़े करने लगी। फिर मैंने उसे मेरी और घुमाया और अपने होंठो को उसके होंठो पर लगाकर एक लंबी किस दी और किस करते करते उसे मेरे बेड पर ले गया और बेड पर उसके ऊपर आ गया। दोस्तों ये कहानी आप AntarVasnaSex.Net पर पड़ रहे है।

फिर उसके जिस्म की हर एक जगह पर किस करने लगा.. वो अब धीरे धीरे मदहोश हो रही थी और उस वक़्त वो सलवार कुर्ते में थी। फिर में धीरे धीरे उसके कपड़े निकालने लगा और कपड़े निकालते निकालते किस किए जा रहा था और अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी और मैंने अपने भी पूरे कपड़े उतार दिए और में भी एकदम नंगा हो गया.. मुझे नंगा देखकर वो शरमा गयी और वो मुझसे बोली कि..

दीपिका : निशांत में अभी तक वर्जिन ही हूँ। प्लीज़ इस बात का ध्यान रखना और थोड़ा धीरे धीरे करना.. वरना में कहीं की नहीं रहूंगी।

में : तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। तुम्हे कुछ नहीं होगा मेरी जानेमन.. तुम सिर्फ़ मज़े ही मज़े लो.. तुम टेंशन मत लो।

फिर वो खड़ी होकर मेरे पास आई और मैंने उसे ज़ोर से पकड़ लिया और उसे बेड पर लेटाकर उसके पूरे शरीर को चूमा, चाटा और अब अपने एक हाथ की दो उगलियों से उसकी चूत को सहलाते हुए उसे चूसने लगा और मैंने जैसे ही उंगली को चूत में डाला.. वो एकदम से पूरी तरह से हिल गयी और बेड को अपने दोनों हाथों से जोर से पकड़ लिया और में उसे उंगलियों से चोदे जा रहा था। फिर उसका एक हाथ मैंने अपने लंड पर रखा.. वो उसे धीरे धीरे सहलाने लगी और में उसकी चूत को ज़ोर ज़ोर से चोदे जा रहा था। फिर मैंने उसे लंड चूसने को बोला लेकिन उसने साफ मना किया और फिर मेरे बहुत कहने पर उसने कहा कि तुम सिर्फ़ होंठ पर घुमा सकते हो। तो मैंने अपने लंड को एक हाथ से पकड़कर उसके गुलाबी होंठो पर घुमाया और थोड़ा सा लंड उसके दोनों होंठो के बीच में डाला और वो मेरे लंड को अपनी दोनों आखें बंद करके अपने होंठो पर महसूस कर रही थी। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया और उसकी चूत के पास पहुंचकर पहले चूत को चूमा और फिर उसे चाटने लगा। तो मेरे ऐसा करने से वो एकदम तड़प उठी और सिसकियाँ लेने लगी और कहने लगी कि प्लीज मुझे अब और मत तड़पाओ अह्ह्ह उह्ह। तो मैंने भी देर ना करते हुए लंड को चूत पर रखा और धीरे धीरे उस पर घुमाने लगा और धीरे से एक धक्का दिया तो थोड़ा सा लंड अंदर गया लेकिन उसे बहुत दर्द हो रहा था.. क्योंकि वो वर्जिन जो थी। इसलिए उसने अपनी गांड को थोड़ा पीछे कर लिया.. जिससे लंड फिसलकर बाहर निकल गया तो में उसके बूब्स मसलने लगा और किस कर रहा था और मैंने सही मौका देखकर एक ज़ोर का धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड चूत में चला गया और वो बहुत ज़ोर से चीखी और दर्द से छटपटाने लगी और कहने लगी प्लीज इसे बाहर निकालो। अहह उईईइ माँ में मर गई और अपनी गांड को फिर से पीछे करने लगी लेकिन मैंने ऐसा होने नहीं दिया और उसे चूमते, चाटते, सहलाते हुए उसके शांत होने का इंतजार करने लगा और कुछ देर बाद जब वो शांत हुई तो में अपने लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा। फिर एक और ज़ोरदार झटके के साथ पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया तो वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी और मैंने उसके होंठो पर एक लंबा किस किया और थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुई तो लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करके चोदने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और अब उसे भी अपनी वर्जिन चूत चुदवाने का मज़ा आने लगा था और वो अपनी गांड को धीरे धीरे झटके देकर मेरे हर एक धक्के का जवाब दे रही थी।

दोस्तों मेरी यह चुदाई लगभग 15-20 मिनट तक चली लेकिन मैंने उसकी चूत को बहुत जोश में आकर चोदा और बहुत धक्के दिए। फिर कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत से पानी निकलने लगा था और अब वो शायद झड़ चुकी थी और एकदम ढीली होकर अपने पूरे जिस्म को मेरे लंड के हवाले करके चुपचाप अपनी दोनों आखें बंद करके पड़ी रही। फिर उसके कुछ देर बाद में भी झड़ गया और में उसके बूब्स को चूसने लगा और कुछ देर चूसने के बाद उसके ऊपर ही थककर लेट गया और अब हम एक दूसरे को किस करने लगे तो वो मुझसे बोली कि तुमने आज मुझे जन्नत दिखा दी। में बहुत समय से अपनी चूत को शांत करना चाहती थी और आज तुमने उसे एकदम शांत कर दिया और वो मेरे गले लगी। फिर उसने मुझे किस किया और कुछ देर बाद अपने कपड़े पहन कर मुझे फिर से मिलने का वादा देकर चली गई।

दोस्तों उसके चले जाने के बाद मैंने करीब दो घंटे के बाद एक बार मुठ मारी और अपने लंड को शांत किया लेकिन मैंने उसके बाद उसको अपने घर पर तो कभी उसके घर पर बहुत बार चोदा और चुदाई के बहुत मज़े लिये ।।

धन्यवाद …

17 comments

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