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भाभी के सामने मुठ मारी-Bhabhi ke samne muth mari

प्रेषक : राजू …

हैल्लो दोस्तों.. मुझे AntarVasnaSex.Net पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने में बहुत मज़ा आता है और में इसकी कहानियाँ बहुत समय से पढ़ता आ रहा हूँ.. वैसे मुझे सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है। दोस्तों आज में भी अपनी एक ऐसी ही सच्ची कहानी आप सभी के सामने लेकर आया हूँ और जो सब कुछ मेरे साथ हुआ.. वो में आप सभी से शेयर करने जा रहा हूँ। मेरी उम्र अभी 23 साल है और मेरा नाम राजू है और मैंने कुछ समय पहले ही अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है और यह उस समय की बात है जब में कॉलेज की छुट्टियों में जब अपने गावं गया था। वहाँ पर मेरे भैया, भाभी रहते है.. भैया मुझसे 7 साल बड़े है और भाभी मुझसे 5 साल बड़ी है लेकिन दोस्तों उसका क्या फिगर है एकदम मस्त बड़े बड़े.. वो इतने बड़े है कि उनके ब्लाउज से बाहर आने को हमेशा तैयार रहते है। उनकी गांड बहुत सेक्सी है। उसको देखकर मेरा लंड कभी भी खड़ा हो जाता है और वो दिखने में बहुत ही सेक्सी है। दोस्तों अब में आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

फिर एक दिन गावं जाने के बाद में दो तीन दिन ऐसे ही इधर उधर घूमता रहा। फिर एक रात को मैंने भैया के कमरे से कुछ आवाज़ सुनी और जब मैंने उठकर कमरे की खिड़की के एक छोटे से छेद से अंदर देखा तो भैया, भाभी दोनों 69 पोज़िशन में थे और यह सब देखते ही मेरा 8 इंच का लंड खड़ा हो गया और दोस्तों क्या बताऊँ.. मेरी भाभी क्या हॉट लग रही थी और मेरे भैया से कैसे मज़े से चुदवा रही थी। फिर थोड़ी देर यह सब देखने के बाद में वहाँ से अपने कमरे में आ गया और उनकी चुदाई को सोच सोचकर मैंने एक बार मुठ मारी और मैंने भाभी को चोदने का प्लान बना लिया और में अब हर पल यही सोच रहा था कि भाभी को कैसे चोदूं और किस तरीके से अपनी तरफ आकर्षित करूं? फिर एक दिन भाभी ने मुझसे कहा कि चलो आज में घर के सभी कामों से फ्री हूँ तो क्यों ना हम दोनों मिलकर घर की साफ सफाई कर लेते है? तो में मान गया और मैंने कहा कि ठीक है भाभी.. चलो में आज आपकी थोड़ी बहुत मदद ही कर देता हूँ और में भाभी को यह कहकर गया कि आप रुको में अपने कपड़े बदलकर अभी आता हूँ।

फिर में कपड़े बदलने के बहाने अपना टावल पहनकर आ गया और अंदर जानबूझ कर बिना कुछ पहने आ गया और फिर में टेबल पर चड़ गया। भाभी नीचे खड़ी होकर मुझे मेरी जरूरत के हिसाब से जो में उनसे कहता.. वो सब सामान देती रही और में उस सामान को अलमारी के ऊपर रख रहा था और उस समय बहुत गर्मी थी तो भाभी ने भी गर्मी की वजह से साड़ी नहीं पहनी थी। वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में ही मेरे एकदम नीचे खड़ी होकर मुझे सामान पकड़ा रही थी तो उनके बूब्स की निप्पल तक मुझे साफ साफ दिखाई दे रही थी और मेरा लंड उनको देखकर धीरे-धीरे खड़ा होने लगा था और शायद भाभी को भी यह पता था.. क्योंकि वो भी मेरे लंड के बड़ते हुए आकार को नीचे से देख रही थी। तभी उसी दौरान भाभी ने एक बड़ा सा बक्सा मेरे हाथों में थमा दिया और जैसे ही मैंने बक्से को ऊपर किया तो बक्से का एक कोना मेरे टावल में फंस गया और मेरा टावल नीचे गिर गया और अब मेरा लंड जो कि पूरी तरह तनकर 8 इंच का हो गया था.. वो भाभी के सामने खड़ा होकर उनकी चूत को सलामी दे रहा था और में अब भाभी के सामने पूरा नंगा था.. भाभी मेरे लंड को देखकर शरमा गयी और मुझसे से बोली कि देवर जी यह आपने क्या किया तो मैंने कहा कि मैंने तो कुछ नहीं किया तो उसने नीचे पड़े हुए टावल को उठाया और मुझे बताने लगी। अब तो में भी शरमा गया.. क्योंकि में भी भाभी के सामने पूरा नंगा खड़ा था और अब मुझे भी थोड़ी मस्ती सूजी और मैंने जानबूझ कर बक्से को थोड़ा नीचे गिराने की कोशिश की और भाभी को बोला कि इसको नीचे से थोड़ा ऊपर करो वरना बक्सा नीचे गिर जाएगा तो भाभी ने बक्सा नीचे से पकड़ा और फिर धीरे-धीरे ऊपर करने लगी और अब उसकी उँगलियाँ मेरे लंड की गोलियों को छू रही थी और मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था। फिर मैंने बोला कि थोड़ा और ऊपर करो तो भाभी बक्से को ऊपर करने लगी तो भाभी की उंगलियां मेरे लंड से खेल रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और शायद भाभी को भी बड़ा मज़ा आ रहा होगा और वो भी मस्ती से लंड को सहलाने लगी तो मुझे बहुत मजा आ गया।

फिर में काम करके पूरा नंगा नीचे आ गया और भाभी शरमा कर अपने कमरे में चली गयी.. जब मैंने उसके पीछे पीछे कमरे में जाकर देखा तो भाभी बाथरूम में नहाने चली गयी थी और मैंने छुपकर एक छेद से उन्हे देखा तो भाभी पूरी तरह नंगी थी और उसकी उगलियाँ चूत के साथ खेल रही थी और वो अपनी गांड को भी सहला रही थी तो यह देखकर में और भी पागल हो गया और उसी ख़यालो में खोकर मुठ मारने लगा और में मुठ मारने में इतना व्यस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला.. भाभी मेरे सामने कब आ गयी और जब उसने आवाज़ लगाई तो में बहुत घबरा गया और वहाँ से बाहर जाने लगा। तभी भाभी ने मुझे रोका और बोली कि यह सब क्या है और मुझे डाटने लगी तो में चुपचाप नीचे गर्दन को झुकाकर सुनता रहा और कुछ देर डाटने के बाद वो बोली कि क्या ऐसे ही सुनते रहोगे या कुछ बोलोगे भी.. तो मैंने कहा कि भाभी मुझे माफ़ करना लेकिन में क्या करूं आप हो ही इतनी सेक्सी और हॉट कि कोई भी आपको एक बार देखकर दीवाना हो जाएगा। दोस्तों ये कहानी आप AntarVasnaSex.Net पर पड़ रहे है।

फिर भाभी ने कहा कि अब चलो चुपचाप सामने आ जाओ और इस शरम को छोड़ दो.. में तुम्हे कुछ नहीं कहूँगी और भाभी ने अब मुझे माफ़ कर दिया था तो मैंने भाभी से बोला कि क्या में एक बार आपका नंगा बूब्स देख सकता हूँ और छू भी सकता हूँ अगर आपको बुरा ना लगे तो.. फिर भाभी ने कहा कि हाँ ठीक है लेकिन मेरी एक शर्त पर और फिर में मान गया और बोला कि बताओ क्या शर्त है तो उसने कहा कि में तुम्हारे सामने नंगी यहाँ से 10 फीट दूरी पर बैठी हूँ। अगर तुम्हारा वीर्य मेरी चूत को छू सका.. तब ही में तुम्हे मेरे बूब्स और चूत छूने की इजाजत दूंगी। फिर भाभी अपने कहे अनुसार मेरे सामने अपने पूरे कपड़े खोलकर मुझसे दूर जाकर बैठ गयी और जैसे ही मैंने उनका कामुक जिस्म देखा तो मेरे लंड में करंट सा दौड़ने लगा और में सामने मुठ मारने लगा और दोस्तों सच मानो तो मैंने जोश में आकर बहुत ज़ोर से अपने लंड को हिला हिलाकर भाभी के सामने मुठ मारता रहा.. कुछ देर के बाद मेरे लंड ने एक बहुत जोरदार वीर्य की धार छोड़ी और वो उसके मुहं होते हुए बूब्स और बूब्स से होते हुए उनकी चूत तक पहुंच गई और एक-एक बूंद करके पूरे जिस्म पर जा गिरी।

फिर में यह सोचकर खुश हुआ कि अब भाभी का नंगा बदन मेरे सामने होगा और में उसके जिस्म के हर एक हिस्से को छू सकता हूँ तो मैंने भाभी से कहा कि भाभी में शर्त जीत गया हूँ.. वो बोली कि हाँ आजा मेरे पास और में उसके पास गया और धीरे से उसको किस करने लगा.. वाह क्या होंठ थे उसके एकदम मुलायम गुलाबी। फिर में धीरे-धीरे आगे बड़ता गया उसके बूब्स को सहलाने लगा दबाने लगा.. मुझे बहुत मज़ा आया.. वाह वो क्या दिखती थी। मेरा तो फिर से खड़ा हो गया और वो भी अपने मुहं के सामने 8 इंच का लंड देखकर पागल हो गयी और मेरे लंड को किस करने लगी और धीरे से उसने लंड को अपने मुहं में ले लिया और अब धीरे-धीरे वो लंड को अंदर बाहर करने लगी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर में उसको अपने दोनों हाथों से उठाकर बेड पर ले गया और 69 पोज़िशन में आ गया और अब धीरे से उसकी चूत से उसका पानी बाहर आ रहा था और वो पागल की तरह ऊपर नीचे हो रही थी और अब वो मेरे लंड के ऊपर ही बैठ गयी। दोस्तों वैसे सेक्स में पहले औरत नीचे और मर्द ऊपर होता है लेकिन मेरे लिए तो यहाँ पर सब कुछ उल्टा था.. में नीचे था और मेरी भाभी मेरे खड़े हुए लंड के ऊपर बैठने की कोशिश कर रही थी और कुछ देर की मेहनत के बाद वो कामयाब भी हो गई और वो पागल की तरह ऊपर नीचे होने लगी।

फिर ऐसा 10-15 मिनट चलता रहा.. वो मेरे लंड को एक गददा समझकर उस पर कूद रही थी और कुछ ही देर उछलकूद करने के बाद वो थक गयी और इस बीच में एक बार झड़ चुका था और वो एकदम शांत हो गयी और अब उसकी हवस शांत हो गयी थी और मेरी भी। फिर कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही नंगे लेटे रहे और थोड़ी देर बाद फिर मेरा लंड भाभी की चूत मारने के लिए खड़ा होकर तैयार हुआ लेकिन भाभी अभी तैयार नहीं थी तो में धीरे-धीरे भाभी की गांड को सहलाने लगा.. भाभी समझ गयी कि यह मेरी गांड मारने वाला है तो भाभी ने मुझसे कहा कि यह क्या कर रहे हो तो मैंने कहा कि भाभी आपकी गांड भी अच्छी है तो वो बोली.. क्या तुम मारना चाहोगे तो मैंने कहा कि हाँ तो वो जल्दी से कुतिया की तरह बन गयी और बोली कि घुसा दे अपना लंड और फाड़ दे मेरी गांड।

फिर मैंने अपने लंड को उसकी गांड पर रखा और पूरे जोश में आकर एक ज़ोर से धक्का दिया लेकिन लंड अंदर नहीं गया और उसने मेरी और भाभी की हालत खराब कर दी.. हम दोनों को बहुत दर्द हुआ। फिर मैंने थोड़ा तेल लेकर गांड और लंड दोनों पर लगाया और धीरे-धीरे गांड में लंड डाल दिया.. दोस्तों शायद भाभी ने पहली बार अपनी गांड में लंड लिया था। उनको बहुत दर्द हुआ और वो मुझसे हर बार लंड को बाहर निकालने को कह रही थी और अपनी गांड को आगे की तरफ खींच रही थी लेकिन मैंने उसकी कमर को ज़ोर से पकड़ रखा था। फिर कुछ देर बाद वो शांत हुई और में धीरे-धीरे धक्के देकर उसकी गांड मारने लगा और मैंने बहुत देर तक उसकी गांड मारी.. मुझे बहुत मज़ा आया और फिर गांड में ही झड़ गया। दोस्तों उसके बाद में जब तक वहाँ पर रहा.. उनकी चुदाई करता रहा और बहुत बार गांड भी मारी ।।

धन्यवाद …