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अर्शी को न्यू ईयर पर सुबह तक चोदा

प्रेषक : रविन्द्र

हैल्लो फ्रेंड्स मैं आज आपके सामने अपनी हॉट स्टोरी लेकर हाज़िर हूँ। मैं आपके साथ एक और स्टोरी शेयर करने जा रहा हूँ। दोस्तों मैं पंजाब का रहने वाला हूँ और मेरी हाईट 5. 9 है और मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है। दोस्तों ये स्टोरी मेरी और मेरी कज़िन बहन की है, जिसका नाम अर्शी है। वो दिखने मे बहुत अच्छी है, उसका फिगर 36-30-34 वो बहुत ही कमाल का माल है।

दोस्तों अब में स्टोरी पर आता हूँ तो बात आज से दो साल पहले की है। जब मैं 12th मे पढ़ता था। मेरी एक मौसी हैं जिनसे हमारे परिवार की बहुत बनती है। मेरी मौसी की एक लड़की है उसका नाम अर्शी है और वो 26 साल की है। उनका एक लड़का भी है और उसका नाम अभिनंदन है और उसकी उम्र 24 साल की है। मेरी अभिनंदन से बहुत पटती थी, हम जब भी साथ होते तो बहुत मस्ती करते और अभिनंदन भी मेरी मौसी जो की बहुत फ्रेंक हैं, तो मेरा कज़िन भाई पूरा ऐश करता था। लडकियों के मामले में भी और बाकी सब चीज़ों मे भी।

तो ये बात तब की है जब मेरे एग्जाम खत्म ही हुए थे और में इस बार न्यू ईयर मानने के लिए अपनी मौसी के घर पर गया। वहाँ पर हम सभी लोग पहुंच गये में और मेरी फेमेली वहाँ पर में सभी से मिला। यहाँ पर जब भी में जाता हूँ तो हम बहुत मजे करते है। फिर जैसे ही मैं वहाँ पहुंचा नहीं कि हम दोनो में और मेरा कज़िन भाई बाहर निकल जाते हैं। घूमने फिरने तो हम चले गये और वहाँ पर जाकर उसके दोस्तों के साथ न्यू ईयर घूमने जाने का प्लान बनाया तो प्लान बना की हम सभी लोग चंडीगड़ जाएँगे। हम निकल गये अगले दिन और वहाँ पर बहुत मस्ती की और शाम को घर पर वापस आ गये। हमे आते आते देर हो गयी थी। क्योंकि ठंड ज्यादा होने के कारण ठंड बहुत थी। वहाँ पर तो कुछ दिखाई नहीं पढ़ रहा था कोहरे की वजह से। फिर जब हम घर पर पहुंचे तो हमने खाना खाया और फिर सोने की तैयारी करने लगे मेरे मौसी के घर मे दो रूम नीचे हैं और दो ऊपर है, जिनमे नीचे एक में उनके ससुर जी सोते हैं और एक मे मौसी खुद। तो फिर हम तीनो ऊपर चल दिये। में, अर्शी और अभिनंदन, तभी अभिनंदन तो जाते ही रज़ाई मे घुस गया और अपनी गर्लफ्रेंड से बातें करने लग गया था। जिससे मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो फिर में अर्शी के कमरे मे चला गया तभी मैने देखा वो सोने से पहले अपनी ब्रा उतार रही थी। अब में तो यह देखकर पूरा हिल गया, मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था, मेरे लोवर मे और पहली बार लाईफ मे मैने उसे गंदी अशलील नज़रों से देख रहा था। ऊपर से नीचे तक उसे निहार रहा था। उसकी भरपूर जवानी, उसका गदराया बदन, उसका क़यामत ढाता फिगर, उसके रसीले बूब्स जिन्हें देखते ही मुहं मे पानी आ गया था और ऊपर से ठंड भी थी, तो अब मेरी कामुकता और भी बढ़ गयी थी। तभी उसने मुझे एकदम से घूम कर देखा और कहा कि क्या हुआ तुम अभी तक सोए नहीं, तभी मैने कहा कि अभिनंदन अभी फ़ोन पर बात कर रहा है और मुझे ऐसे मे नींद नहीं आ रही थी। तो मैने सोच कि में तुम्हारे पास ही यहीं पर सो जाऊ।

फिर उसने कहा कि हाँ ज़रूर तुम भी यहाँ पर सो जाओ और फिर हम दोनो एक ही रज़ाई मे घुस गये, उसने लोवर डाला हुआ था जो की काफ़ी उसकी गांड मे घुसा जा रहा था और उससे उसकी गांड की शेप उभर कर बाहर आ रही थी। में तो उसे देख देख कर पागल हुआ जा रहा था और उसके बूब्स जो कि मुझे उसकी डीप कट टी-शर्ट मे से दिखाई दे रहे थे, मुझे दीवाना कर रहे थे। मेरा और अर्शी का रीलेशन बहुत फ्रेंड्ली हैं। तो फिर हम ऐसे ही बहुत देर तक बातें करते रहे कभी मेरे बारे मे तो कभी उसके बारे मे, कभी मेरी गर्लफ्रेंड कभी उसके बॉयफ्रेंड के बारे मे हम बाते कर थे। हम एक दूसरे के बहुत करीब थे कि हमारे सर एक दूसरे के साथ जुड़े हुए थे। में अब उसकी गरम साँसें महसूस का रहा था और वो भी शायद, अब में जानबूझ कर थोड़ा नीचे हुआ तो जो मेरी साँसें उसकी गर्दन और बूब्स पर भी फील हो, फिर ऐसे ही चलता रहा और फिर कुछ देर कुछ नहीं हुआ और हम सोने लगे उसने दूसरी तरफ मुहं कर लिया और फिर मैने भी लेकिन अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मेरा लंड मुझे बहुत तंग कर रहा था।

तभी मैने अपना अंडरवियर उतार दिया था, अब मेरे लोवर मे पूरा टेंट बन चुका था और फिर मैने जान बूझकर नींद का ड्रामा करते हुए पलटी ली और उसकी थाइस के ऊपर अपना एक पैर रख दिया और उसके ऊपर अपना एक हाथ डाल दिया, एक बार तो उसने मुझे झटक दिया मैने फिर से ऐसा ही किया और इस बार में उसके बहुत ही करीब आ गया। अब मेरा मुहं उसकी गर्दन के पास था और मेरा लंड उसकी गांड से रगड खा रहा था। मेरी गरम साँसें उसकी गर्दन को छू रही थी, मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा था और अब में तेज़ी से अपना लंड उसकी गांड पर घिसने लगा और मेरा एक हाथ उसके बूब्स को रगड़ने लगा था अब वो भी शायद गरम होने लगी थी, फिर वो उहहह की आवाज़ कर रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी धीरे धीरे मैने अपना एक हाथ उसकी चूत तक बढ़ाया और उसे ऊपर से सहलाने लगा, अब मैने उसका मुहं अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठ चाटने लगा। अब वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी और मेरा साथ दे रही थी, फिर मैने एक हाथ उसकी चूत मे डाल रखा था उसके लोवर के अंदर और तभी एक हाथ से मैने उसके हाथ को पकड़ा और अपने लोवर के अंदर अपने लंड पर डाल दिया और अब उसके हाथ मे लंड को पकड़ा कर उससे लंड को हिलवाने लगा और फिर वो धीरे धीरे हिलने लगी, क्या नज़ारा था वाह मज़ा ही आ गया था मुझे। फिर में उसके मीठे होंठ चूसता ही जा रहा था। करीब 10-15 मिनट उसके होंठ चूसने के बाद मैने उसकी टी-शर्ट निकाली और उसके बूब्स पर टूट पड़ा, में तो उसके निप्पल काटने लगा पागलों की तरह और उसकी गर्दन पर चूमने लगा, अब वो मदहोश होती जा रही थी। अब में धीरे धीरे नीचे आता रहा, फिर मैने उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से चूसे और फिर उसका पेट और चूत चाटी जिससे वो और भी ज्यादा कामुक हो गयी थी।

अब में और नीचे आया और अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमाई और तभी चूत से थोडा पानी निकला और उसने अपनी गांड उठा ली जैसे उसे करंट लग गया हो और में फिर उसे ज़ोर ज़ोर से दबा दबा कर चाटने लगा, लगभग 10 मिनट ऐसा करने के बाद में ऊपर उठा और जैसे ही वो लेटी हुई थी वैसे ही उसका मुहं खोलकर मैने अपना लंड डाल दिया और फिर वो उसे बड़े मज़े से किसी आम की गुठली की तरह चूसे जा रही थी।

अब में तो सातवें आसमान पर था। एक तो सर्दी का मौसम ऊपर से गरम गरम चूत वाह मजा आ गया था। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था और में ज़ोर ज़ोर के झटके मारने लगा और फिर करीब पांच मिनट के बाद में उसके मुहं मे ही झड़ गया और फिर उसने लंड को जीभ से चाट चाट कर साफ कर दिया। अब मैने उसे साईड पोज़ मे लिटाया और अपना लंड उसकी गांड से रगड़ने लगा था। जिससे वो दुबारा खड़ा हो गया और मैने उसके बूब्स पीछे से कसकर पकड़ लिए और अपना लंड उसकी चूत पर टिका कर एक ज़ोर का धक्का दिया तो आधा लंड चूत के अंदर चला गया और फिर उसके मुहं से हल्की सी चीख निकली।

फिर मैने एक और ज़ोर दार झटका मारा, इस बार मैने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रखा तो अब में थोड़ी देर रुक गया और अपना लंड अंदर टिकाए रखा फिर थोड़ी देर बाद मैने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए और ऐसे ही पूरी स्पीड पकड़ ली और पूरा बेड हिलने लगा। अब हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था। मैने उसके मुहं पर हाथ रखा ताकि आवाज़ बाहर ना जाए और उसी पोजीशन मे उसे 15-20 मिनट चोदने के बाद मैने उसे अपने ऊपर बिठाया और उसे अपने लंड की सवारी करवाने लगा। वो बहुत ही मज़े ले रही थी मेरे लंड का और में पूरे ज़ोर से उसके बूब्स दबा रहा था।

फिर मैने उसे डोगी स्टाइल मे किया और उसकी गांड पर थप्पड़ लगाए 3-4 और फिर उसकी गांड को चूमने लगा और चाटने लगा 5 मिनट उसकी गांड चाटने के बाद मैने उसकी चूत के छेद पर लंड टिका कर फिर से एक जोरदार धक्का दिया और उसकी चूत फाड़ने लगा और पीछे से उसके बूब्स मसल रहा था और उसकी पीठ पर किस कर रहा था। अब हमे चुदाई करते हुए लगभग एक घंटा हो चुका था और अब में झड़ने वाला था तभी मैने उससे कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ, तभी वो बोली कि में तो पता नहीं कितनी बार झड़ चुकी हूँ,

लेकिन तुम चूत के अंदर मत झड़ना नहीं तो प्रॉब्लम हो जाएगी तो मैने बहुत कंट्रोल करके अपना लंड एक हाथ से पकड़ कर चूत से बाहर निकाला, और उसकी बड़ी बड़ी चूचियों के बीच मे ही मैने अपना पूरा वीर्य निकलने लगा।

फिर उसने जल्दी से मेरा लंड मुहं मे ले लिया और चूसने लगी अब में झड़ने वाला था और आख़िर में उसके मुहं मे ही झड़ गया। एक बार की चुदाई से हमे इतनी संतुष्टि नहीं मिली थी, तो हमने हमारी चुदाई का सिलसिला चार बजे तक चालू रखा और फिर सुबह हम बहुत थक चुके थे।

तो फिर कब हमारी आँख लगी हमे पता नहीं चला। सुबह मुझे शॉपिंग के लिए जल्दी निकलना था, तो में उससे पहले उठा और तैयार हो कर मैने उसको उठाया और कहा कि क्या तुम मुझसे हमेशा चुदना चाहती हो, तभी वो मुस्कुराई और फिर हमने एक फ्रेंच लिप किस किया और वहाँ से नीचे चले गये। अब नीचे पहुंच कर हमने एक साथ बैठकर नाश्ता किया और फिर वो भी मेरे साथ ही शॉपिंग पर चली आई।

फिर हम शाम को घर पर पहुंचे और आकर लेट गये और फिर रात होने का इंतजार करने लगे, फिर जब रात हुई तब फिर से हमने फिर एक पूरी रात चुदाई करके बिताई और चुदाई के बहुत मजे लिये। ये सिलसिला अब करीब तीन दिन और रात चला हमे जब भी मौका मिलता बस हम दोनों चुदाई मे व्यस्त हो जाते है उसने भी हमेशा मेरा पूरा पूरा साथ दिया और चुदाई के बहुत मजे लिये। दोस्तों फिर में पांच दिन बाद फिर से घर पर वापस आ गया लेकिन उसकी वो चुदाई के दिन मुझे हमेशा परेशान करते थे लेकिन अब मुझे जब भी मौका मिलता तो में सबसे पहले मौसी के घर पर जाता और फिर उसके साथ चुदाई के मजे लेता था ।।

धन्यवाद …