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रीता भाभी और उनकी बेटी की ठुकाई

प्रेषक : शाहिद …

हैल्लो दोस्तों, में शाहिद एक बार फिर से आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के सामने अपनी एक और सेक्सी कहानी के साथ आप सभी के सामने आया हूँ। दोस्तों में रीता भाभी और ऋतु भाभी को चोद चुका हूँ। रीता भाभी की बेटी मुझसे उम्र में थोड़ी छोटी है, लेकिन उसके बूब्स 34 इंच के है, एकदम ऋतु भाभी के बूब्स के बराबर। वो भी बिल्कुल पतली दुबली है और इतनी गोरी है कि उसके बूब्स से टपकता हुआ दूध दिखाई ही नहीं देता, क्योंकि उसके बूब्स ही इतने सफेद है। दोस्तों मुझे उसकी लड़की को चोदकर जो मज़ा आया वो आज तक किसी कुंवारी चूत की लड़की को चोदकर नहीं आया और रही रीता आंटी की बात वो थोड़ी सी मोटी है, लेकिन इस वजह से उनके बूब्स भी बहुत बड़े है और मेरा पूरा मुहं उनके बूब्स में ही दब जाता है वो हमेशा सेक्सी साड़ी पहनती है और वो हमेशा उनकी नाभि को दिखाती रहती है। वो पीछे से पूरा खुला हुआ ब्लाउज पहनती है जिसे देखकर में हमेशा गरम हो जाता था।

दोस्तों एक दिन अपनी ऋतु भाभी की ब्रा को चाट रहा था और जब भाभी ने मुझे देख लिया और फिर मुझसे चुदवाया। यह कहानी ऋतु भाभी ने रीता भाभी को भी बता दी थी और उन्होंने यह भी बता दिया कि मेरा लंड 7 इंच का काला और चूत का बहुत प्यासा है। एक दिन रीता भाभी आई हुई थी और में भाभी के घर पर अचार पहुँचाने गया हुआ था और फिर जैसे ही ऋतु भाभी किचन की तरफ गई तो रीता भाभी मेरे लंड पर हाथ रगड़ने लगी और मुझे चूमने लगी। फिर मैंने भी उनके स्मूच का पूरा पूरा साथ दिया और फिर भाभी की नीयत देखकर मेरा लंड और भी बड़ा और तनकर खड़ा होता जा रहा था। स्मूच करते हुये भाभी मुझसे बोली कि मैंने सुना है कि तूने ऋतु को पटक पटककर चोदा है, कभी मुझे भी अपना जलवा दिखा? तो उनके मुहं से यह बात सुनकर मुझे जोश आ गया और अब में क्या बोलता? मैंने झट से हाँ कर दी और फिर हम दोनों थोड़ी देर तक स्मूच करते रहे और ऋतु भाभी ने हमें स्मूच करते हुए देख लिया था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बोला, क्योंकि वो तो मुझे जानती ही थी और इसके बाद में ऋतु भाभी को उनके बाथरूम में ले जाकर चूमने, चाटने लगा और कुछ देर बाद अपना माल उनके मुहं में छोड़ दिया और अब में वहाँ से निकल गया। उस दिन के बाद में बहुत दिनों तक रीता भाभी से नहीं मिला, लेकिन एक शनिवार को जब में ऋतु भाभी को चोद रहा था तो रीता भाभी का मेरे पास फोन आने लगा और अब में समझ गया कि उन्हे आज मेरे लंड की जरूरत है मैंने उसी वक़्त ऋतु भाभी को यह बात बताई और वो अपनी दोस्त की खातिर इतना करने को तैयार हो गई। भाभी ने कहा कि लेकिन मुझे तो एक बार फ्री कर जा। फिर मैंने झट से अपनी दो तीन उंगली उनकी चूत में डाली और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा, भाभी मज़े से उछलने लगी और उनकी गांड को हवा में उठाने लगी उनकी आआहह उह्ह्ह्ह माँ मरी की आवाज से में समझ गया कि अब भाभी की चूत का पानी निकल चुका है। दोस्तों में उस समय बहुत जल्दी में था इसलिए मैंने उनकी चूत को एक बार भी चाटा नहीं और फिर में वहाँ से रीता भाभी के घर के लिए निकल गया और जैसे ही में वहाँ पर पहुँचा तो मैंने दरवाजे पर लगी हुई घंटी बजाई तो भाभी ने ही दरवाज़ा खोला उन्होंने नारंगी कलर की साड़ी पहनी हुई थी। उनका पेट बहुत सुंदर नज़र आ रहा था और उनका ब्लाउज भी पीछे से बिल्कुल खुला हुआ था और उसमें से उनकी काली कलर की ब्रा नज़र आ रही थी। मुझे देखते ही भाभी ने मेरे लंड को पकड़ा और अब वो मुझसे बोली कि आ गया तू, चल कपड़े उतार और बेड पर चल, आज तू मेरी रांड है। तो मैंने कहा कि क्यों रांड तो आप मेरी हो ना भाभी जी? भाभी ज़ोर से हंसी और मेरा हाथ अपने बूब्स पर रखकर दबाने लगी और अब मेरा लंड तो बहुत लंबा हुआ जा रहा था, बस फिर क्या था? में भाभी जी को चूमने लगा और में उनको बिस्तर पर लेटाकर मैंने उनकी ब्रा को फाड़ डाला। में उनकी चूत को भी मसलने लगा जिसकी वजह से भाभी बहुत ज़ोर ज़ोर से गरम गरम साँसें भर रही थी आअहह आआआहनन्न उफ्फ्फ्फ़ में जब भी उनकी चूत में अपनी जीभ डालकर हिलाता तो भाभी एकदम से मस्त हो जाती थी और मेरा मुहं अपनी चूत पर दबाने लगती और इन सबसे मेरा लंड भी बहुत कड़क होता जा रहा था। फिर बहुत देर तक चूत को चाटने के बाद मैंने भाभी से कहा कि अब आपकी बारी है और फिर मैंने अपना लंड उनके मुहं की तरफ कर दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब भाभी ने मेरे लंड को गुस्से से दबोचा और बोली कि बहनचोद क्या मुझसे अपना लंड चुसवाएगा तू? और मेरे लंड को वो बहुत जोश में आकर चूसने लगी और अब मुझे उनकी हवस से पता चल रहा था कि उन्हे बहुत टाईम से किसी का लंड नहीं मिला था और उनके मुहं को चोदते चोदते जब में मुहं में झड़ गया तो मैंने अपना वीर्य भाभी के मुहं से गर्दन और बूब्स पर डाल दिया। भाभी उस वीर्य को चाटने लगी और बोली कि बस बिना चोदे ही झड़ गया क्या साले? दोस्तों भाभी का यह बात कहने का तरीका मुझमें और भी जोश भर रहा था। फिर भाभी ने फिर से मेरे लंड को चूसना शुरू किया और जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ तो भाभी उठी और अपनी चूत में मेरा लंड घुसा दिया। उनकी चूत बहुत सालों की चुदाई के बाद बहुत ढीली हो चुकी थी, इसलिए मेरा लंड उनकी चूत में बहुत आराम से अंदर घुस गया और बीस मिनट तक हिलाने के बाद मैंने मौका देखकर भाभी से कहा कि भाभी चुदाई में मुझे बिल्कुल भी मज़ा नहीं आ रहा है प्लीज एक बार मुझे आपकी गांड में डालने दो ना? तो यह बात सुनकर भाभी ने मेरी तरफ देखा और मुझे एक स्मूच दिया। फिर वो झुकी और मेरा लंड चूत से निकालकर अपनी गांड में डालने लगी। दोस्तों माँ कसम, गांड मारने में जो मज़ा है वो किसी और छेद में लंड को डालकर चोदने में नहीं है। में भाभी को चोद रहा था और अपने लंड को जबरदस्ती उनकी गांड में ठोक रहा था और चुदाई के पूरे पूरे मज़े ले रहा था।

तभी उसी समय उनकी दरवाजे पर लगी घंटी बजी तो भाभी बहुत डर गई और वो कहने लगी कि लगता है रिया आ गई? दोस्तों रिया उनकी बेटी थी। वही हॉट, सेक्सी, कमसिन वर्जिन लोंडिया जिसका ज़िक्र मैंने कुछ देर पहले किया था। अब भाभी अपने कपड़े उठाने लगी, लेकिन उनकी ब्रा को तो मैंने फाड़ दिया था उन्होंने बिना ब्रा के ही अपनी साड़ी को पहन लिया और जैसे ही उन्होंने रिया के लिए दरवाज़ा खोला और उसने अपनी मम्मी को बिना ब्रा के एक पराए मर्द के साथ देखा तो वो अब सब कुछ समझ गई कि यहाँ पर सेक्स चल रहा है और क्योंकि रिया अब तक वर्जिन थी इसलिए उसकी चूत भी हर वक़्त गीली ही रहती थी और अब उसमें भी चुदने की तड़प थी। फिर अच्छा मौका देखते ही उसने अपनी माँ से तेज आवाज में पूछा कि मम्मी यहाँ पर क्या चल रहा था? तो भाभी बात को इधर उधर घुमाने लगी, लेकिन वो उसके सामने ना कामियाब रही। फिर रिया बोली कि या तो यह लड़का अब हम दोनों को चोदेगा या फिर में आज शाम को सब कुछ सच सच पापा को बता दूँगी कि मेरी माँ कितनी बड़ी रंडी है और उसकी चूत को कोई भी लंड चोदकर चला जाता है, क्योंकि वो बहुत बड़ी चुदक्कड़ है? दोस्तों रीता भाभी को इतनी देर तक चोदते चोदते मेरा लंड अब बहुत थक चुका था, लेकिन रिया कि यह बात सुनकर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। रीता भाभी पहले थोड़ा बहुत हिचकिचाई, लेकिन उनके पास अब और कोई रास्ता भी तो नहीं था। वो चुपचाप आई और अपने कपड़े उतार कर रिया के पास गई और उसके मुहं पर अपने बूब्स रगड़ने लगी। रिया भी फुल मज़े ले रही थी और यह सब देखकर में रिया को स्मूच करने लगा। मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा। जिसकी वजह से उसकी चूत का माल मेरे हाथ पर लग रहा था। वो अब पूरी तरह गरम होकर मुझसे चुदने को तैयार थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और रिया के मुहं में दे दिया और रीता आंटी को उसकी चूत चाटने को कहा। आंटी पूरे मज़े से अपनी बेटी की वर्जिन चूत को मेरे लंड से चुदने के लिए भिगोने लगी और यह सब होता देखकर मेरा लंड सख़्त होता जा रहा था।

फिर मैंने रिया को गोद में उठाया और उसे उल्टा करके उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया, लेकिन उसकी चूत बहुत ज़्यादा टाईट थी इसलिए मेरा लंड इतनी आसानी से जा ही नहीं रहा था। वो बार बार इधर उधर फिसल रहा था। तो मैंने एक ज़ोर का झटका दिया तो उसकी चूत की सिल टूट गई और मेरे लंड पर उसकी चूत का खून लग गया, लेकिन में फिर भी नहीं रुका। मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देना चालू रखा और रिया भी बहुत ज़ोर से दर्द होने के कारण चिल्ला रही थी, लेकिन कुछ देर बाद में वो भी अपनी चूत के दर्द को भुलाकर अपनी चुदाई के मज़े लेने लगी। फिर रीता आंटी भी उनकी चुदाई को देख देखकर अपनी चूत रगड़ रही थी और अपना माल निकालने की कोशिश में लगी हुई थी। फिर अगले आधे घंटे तक में रिया को लगातार धक्के देकर ठोकता रहा और रीता आंटी की चूत को पीता रहा और चूसता रहा। ऐसे ही चोदते चोदते मैंने पहले रिया को चोदकर फ्री किया और फिर अपना लंड हिलाकर दोनों माँ बेटी के मुहं में अपना वीर्य छोड़ दिया। फिर मैंने कुछ देर थोड़ा आराम करके उन दोनों को एक बार फिर से बारी बारी से चोदा और उन दोनों को शांत किया ।।

धन्यवाद …

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